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टाटा का AI पर बड़ा दांव: TCS के 50,000 कर्मचारियों को मिलेगा Claude AI का एक्सेस, एंथ्रोपिक के साथ हुई डील
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Thu, 11 Jun 2026 07:01 PM IST
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सार
TCS Anthropic Partnership: भारतीय आईटी दिग्गज टीसीएस (TCS) ने दुनिया की अग्रणी एआई कंपनी एंथ्रोपिक के साथ एक बड़े वैश्विक समझौते का एलान किया है। इस साझेदारी के तहत टीसीएस के 50,000 कर्मचारियों को क्लॉड एआई (Claude AI) का एक्सेस मिलेगा। एआई तकनीकों को बड़े पैमाने पर बिजनेस में लागू करने और भारतीय युवाओं को हुनरमंद बनाने की दिशा में इसे टाटा ग्रुप का एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।
टीसीएस ने एंथ्रोपिक के साथ की डील
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की रेस में खुद को सबसे आगे बनाए रखने के लिए देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा प्रदाता कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। टीसीएस ने मशहूर एआई असिस्टेंट क्लॉड (Claude) को बनाने वाली टेक कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic) के साथ एक ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की घोषणा की है। इस गठजोड़ का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर के बिजनेस और कॉर्पोरेट जगत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक को बड़े पैमाने पर लागू करने और उसे आसान बनाने में मदद करना है।
पायलट प्रोजेक्ट्स से आगे निकलेगा एआई का इस्तेमाल
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इन 5 मुख्य बिंदुओं में समझें इस ऐतिहासिक डील के मायने
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टाटा संस के चेयरमैन ने बताया एक नया सवेरा
उन्होंने कहा कि टाटा ग्रुप के बड़े पैमाने और एंथ्रोपिक की आधुनिक क्षमताओं के एक साथ आने से न सिर्फ वैश्विक कंपनियों के कामकाज में तेजी आएगी, बल्कि यह भारत के युवाओं को एआई के नए दौर में लीडरशिप संभालने के लिए जरूरी स्किल्स (हुनर) से भी लैस करेगा।
यह घटनाक्रम ठीक ऐसे समय में सामने आया है जब महज एक दिन पहले ही मेटा (Meta) ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ साझेदारी करके भारत में अपना पहला एआई-इनेबल्ड डेटा सेंटर बनाने की घोषणा की थी। ऐसे में टीसीएस और एंथ्रोपिक की यह नई डील साफ इशारा करती है कि भारत की धरती पर दुनिया की बड़ी तकनीकी कंपनियों के बीच एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की रेस अब काफी रोमांचक हो चुकी है।
पायलट प्रोजेक्ट्स से आगे निकलेगा एआई का इस्तेमाल
- शेयर बाजार को दी गई जानकारी में टीसीएस ने बताया कि इस समझौते के तहत कंपनी एक विशेष बिजनेस यूनिट (समर्पित व्यापार इकाई) की स्थापना करने जा रही है। यह यूनिट एंथ्रोपिक के अत्याधुनिक 'क्लॉड मॉडल्स' की तकनीक का शुरुआती एक्सेस हासिल करके दोनों कंपनियों के साझा समाधान, कस्टमर ऑफर्स और एआई से जुड़ी विशेषज्ञता विकसित करने का काम करेगी।
- अब तक ज्यादातर कंपनियों में एआई का इस्तेमाल सिर्फ टेस्टिंग या छोटे-मोटे प्रयोगों (पायलट स्टेज) तक ही सीमित था, लेकिन अब टीसीएस के जमीनी अनुभव, गवर्नेंस और एंथ्रोपिक के एडवांस मॉडल्स के मिलन से कंपनियां इसे पूरी तरह अपने मुख्य बिजनेस ऑपरेशन्स में शामिल कर सकेंगी।
- टीसीएस के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर के. कृतिवासन के अनुसार, एंटरप्राइज एआई का असली फायदा बिजनेस की बारीकियों को समझने और जटिल प्रणालियों को ठीक से संचालित करने से मिलता है। इस साझेदारी के जरिए विशेष रूप से उन क्षेत्रों में काम को ज्यादा रफ्तार मिलेगी जहां भरोसा, मजबूती और कड़े नियमों का पालन करना सबसे जरूरी होता है।
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इन 5 मुख्य बिंदुओं में समझें इस ऐतिहासिक डील के मायने
- 50,000 कर्मचारियों को सीधा एक्सेस: इस साझेदारी के तहत टीसीएस अपने इंजीनियरिंग, फाइनेंस, लीगल, मार्केटिंग और सेल्स जैसे अलग-अलग विभागों के लगभग 50,000 कर्मचारियों को क्लॉड एआई का व्यापक एक्सेस प्रदान करेगी।
- व्यावहारिक अनुभव का लाभ: कंपनी के भीतर इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों द्वारा इस टूल का इस्तेमाल करने से टीसीएस को एआई ऑपरेशन्स का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा, जिसका सीधा फायदा वे अपने ग्राहकों के बिजनेस को बदलने में दे सकेंगे।
- इन प्रमुख क्षेत्रों पर रहेगा फोकस: दोनों कंपनियां मिलकर कई महत्वपूर्ण सेक्टर्स के लिए एआई सॉल्यूशंस बाजार में उतारेंगी। इनमें बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज, हेल्थकेयर, लाइफ साइंसेज, सरकारी सेवाएं, एविएशन (विमानन), टेलीकॉम और मेडिकल टेक्नोलॉजी शामिल हैं।
- भारतीय बाजार को प्राथमिकता: एंथ्रोपिक के को-फाउंडर और सीईओ डारियो अमोदेई ने भारत को दुनिया का अपना दूसरा सबसे बड़ा बाजार बताया है। उन्होंने कहा कि सटीकता और सुरक्षा के लिए पहचाने जाने वाले उनके क्लॉड मॉडल को टीसीएस की मदद से भारतीय और वैश्विक बाजार में एक नई मजबूती मिलेगी।
- टाटा के अन्य प्लेटफॉर्म्स पर असर: इस डील का दायरा केवल टीसीएस तक सीमित नहीं रहेगा। ब्रिटेन में कंपनी की इकाई 'डिलिजेंटा' ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए इसका उपयोग करेगी, वहीं TCS iON प्लेटफॉर्म युवाओं को क्लॉड मॉडल्स से जुड़े लर्निंग और सर्टिफिकेशन कोर्स ऑफर करेगा।
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टाटा संस के चेयरमैन ने बताया एक नया सवेरा
उन्होंने कहा कि टाटा ग्रुप के बड़े पैमाने और एंथ्रोपिक की आधुनिक क्षमताओं के एक साथ आने से न सिर्फ वैश्विक कंपनियों के कामकाज में तेजी आएगी, बल्कि यह भारत के युवाओं को एआई के नए दौर में लीडरशिप संभालने के लिए जरूरी स्किल्स (हुनर) से भी लैस करेगा।
यह घटनाक्रम ठीक ऐसे समय में सामने आया है जब महज एक दिन पहले ही मेटा (Meta) ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ साझेदारी करके भारत में अपना पहला एआई-इनेबल्ड डेटा सेंटर बनाने की घोषणा की थी। ऐसे में टीसीएस और एंथ्रोपिक की यह नई डील साफ इशारा करती है कि भारत की धरती पर दुनिया की बड़ी तकनीकी कंपनियों के बीच एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की रेस अब काफी रोमांचक हो चुकी है।