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प्यार के नाम पर मौत का टास्क: आखिर क्या है Korean Love Game जिसे खेलते हुए तीन बहनों ने लगाया मौत को गले
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Wed, 04 Feb 2026 01:57 PM IST
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सार
Korean Love Game Ghaziabad Sisters Suicide Case: गाजियाबाद की एक पॉश सोसाइटी में तीन बहनों के सुसाइड के मामले ने लोगों को झकझोर दिया है। प्यार की आड़ में ऑनलाइन गेमिंग की दुनिया का ऐसा खतरनाक खेल जो तीनों बहनों की मौत का कारण बन गया। जानिए आखिर वह गेम जिसने मासूम बहनों को मौत के गले लगाने पर मजबूर कर दिया।
खतरनाक गेम के जाल में फंस रहे मासूम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रात के करीब दो बज रहे थे जब गाजियाबाद की 'भारत सिटी सोसाइटी' की नौवीं मंजिल पर एक ऐसी खामोशी पसरी थी, जो आने वाले तूफान का संकेत दे रही थी। तीन बहनें- 12 साल की पाखी, 14 साल की प्राची और 16 साल की विशिका अपने कमरे में मौजूद थीं। बाहर की दुनिया सो रही थी, लेकिन इन तीनों के दिमाग में एक मोबाइल गेम का नशा सिर चढ़कर बोल रहा था। अचानक तीनों बहनें एक-दूसरे का हाथ थामकर बालकनी की तरफ बढ़ीं और बिना किसी हिचकिचाहट के नीचे छलांग लगा दी। सुबह होने तक पूरा इलाका इस खबर से दहल उठा। जब पुलिस ने कमरे की तलाशी ली, तो वहां मिले एक सुसाइड नोट ने सबको सुन्न कर दिया। उस कागज पर लिखा था, “मम्मी-पापा सॉरी… गेम नहीं छोड़ पा रही हूं। अब आपको एहसास होगा कि हम गेम से कितना प्यार करते थे, जिसको आप छुड़वाना चाहते थे।” पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक तीनों बहनों को एक "कोरियन लव गेम" खेलने की लत थी।
लग चुकी थी खतरनाक गेम की लत
परिजनों के मुताबिक, ये तीनों बहनें आपस में बहुत घुली-मिली थीं। वे साथ में खातीं, साथ सोतीं और एक-दूसरे का साया बनकर रहती थीं। लेकिन कोरोना काल के दौरान जब दुनिया ऑनलाइन हुई, तब इन बच्चियों के हाथों में मोबाइल फोन आ गया। धीरे-धीरे वे पढ़ाई और बाहरी दुनिया से कटती चली गईं और दिनभर फोन से चिपकी रहने लगीं। पिता ने कई बार उनसे फोन छीनने और गेम हटाने की कोशिश की, लेकिन लत इतनी गहरी हो चुकी थी कि उन्हें रोकना नामुमकिन हो गया था। तीनों बहनों ने स्कूल जाना तक बंद कर दिया था और उनकी पूरी दुनिया उस रहस्यमयी गेम के इर्द-गिर्द सिमट गई थी। अब सवाल यह उठता है कि आखिर यह गेम क्या है और कैसे यह बच्चों के दिमाग को पूरी तरह नियंत्रित कर लेता है?
'कोरियन लव गेम': प्यार के नाम पर देता था मौत का टास्क
दरअसल, यह कोई साधारण गेम नहीं है जिसे मनोरंजन के लिए खेला जाए। यह एक चैट आधारित गेम हैं जिसमें सामने वाला व्यक्ति खुद को कोरियन लड़का या लड़की बता कर बात करना शुरू करता है। यह गेम पूरी तरह से कोरियन कल्चर, K-पॉप और K-ड्रामा की बढ़ती लोकप्रियता का फायदा उठाता है। धीरे-धीरे चैट रोमांस में बदल जाता है जिसमें खिलाड़ी को उस काल्पनिक व्यक्ति के प्रति अपना प्रेम साबित करने के लिए कुछ टास्क पूरे करने पड़ते हैं। यह काल्पनिक पार्टनर कोरियन अंदाज में मीठी बातें करता है, रोमांटिक मैसेज भेजता है और रोज नए टास्क देता है।
यह भी पढ़ें: व्यक्ति के मरने के बाद भी जिंदा रहेगा डिजिटल अवतार, क्या है ये नई एआई तकनीक और इसके बड़े खतरे?
शुरुआत में ये काम बहुत सामान्य लगते हैं, लेकिन धीरे-धीरे खेल खतरनाक मोड़ लेने लगता है। गेम के आगे बढ़ने के साथ यूजर को खुद को नुकसान पहुंचाने जैसे टास्क दिए जाते हैं और अंत में मौत का रास्ता दिखाया जाता है।
'ब्लू व्हेल' गेम के जैसा है मकसद
हैरानी की बात तो ये है कि गेम किसी भी एप स्टोर पर उपलब्ध नहीं है, लेकिन फिर भी लोग इसे डाउनलोड कर खेल रहे हैं। इस गेम को मोबाइल पर ऑनलाइन खेला जाता है। यह गेम इंटरनेट पर अगल-अलग वेबसाइट्स और गुप्त लिंक्स के जरिए फैला हुआ है। अंदाजा यह भी है कि गेम को टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए भी सर्कुलेट किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें: फ्रांस में X के दफ्तर पर छापा: बाल अश्लीलता और डीपफेक कंटेंट फैलाने के आरोपों में शुरू हुई जांच
पुलिस जांच में यह भी आशंका जताई गई है कि इस गेम का मकसद पुराने 'ब्लू व्हेल' गेम की तरह हो सकता है, जिसमें 50 टास्क दिए जाते थे और 50वें टास्क के रूप में आत्महत्या करने को कहा जाता था। आखिरकार इस गेम को भारत सरकार ने 2017 में बैन कर दिया। गाजियाबाद की इन बहनों के मामले में भी यही हुआ। वे एक-दूसरे से इतनी गहराई से जुड़ी थीं कि गेम के अंतिम टास्क को पूरा करने के लिए उन्होंने एक साथ मौत को गले लगा लिया। वे गेम के मायाजाल में इस कदर फंस चुकी थीं कि उन्हें अपनी जान की कीमत उस वर्चुअल दुनिया के आगे छोटी लगने लगी। गाजियाबाद पुलिस अब उन मोबाइल फोन्स की फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि गेम के सटीक नाम और उसमें दिए गए टास्क की कड़ी जोड़ी जा सके।
बच्चों को इस गेम से कैसे बचाएं?
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लग चुकी थी खतरनाक गेम की लत
परिजनों के मुताबिक, ये तीनों बहनें आपस में बहुत घुली-मिली थीं। वे साथ में खातीं, साथ सोतीं और एक-दूसरे का साया बनकर रहती थीं। लेकिन कोरोना काल के दौरान जब दुनिया ऑनलाइन हुई, तब इन बच्चियों के हाथों में मोबाइल फोन आ गया। धीरे-धीरे वे पढ़ाई और बाहरी दुनिया से कटती चली गईं और दिनभर फोन से चिपकी रहने लगीं। पिता ने कई बार उनसे फोन छीनने और गेम हटाने की कोशिश की, लेकिन लत इतनी गहरी हो चुकी थी कि उन्हें रोकना नामुमकिन हो गया था। तीनों बहनों ने स्कूल जाना तक बंद कर दिया था और उनकी पूरी दुनिया उस रहस्यमयी गेम के इर्द-गिर्द सिमट गई थी। अब सवाल यह उठता है कि आखिर यह गेम क्या है और कैसे यह बच्चों के दिमाग को पूरी तरह नियंत्रित कर लेता है?
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'कोरियन लव गेम': प्यार के नाम पर देता था मौत का टास्क
दरअसल, यह कोई साधारण गेम नहीं है जिसे मनोरंजन के लिए खेला जाए। यह एक चैट आधारित गेम हैं जिसमें सामने वाला व्यक्ति खुद को कोरियन लड़का या लड़की बता कर बात करना शुरू करता है। यह गेम पूरी तरह से कोरियन कल्चर, K-पॉप और K-ड्रामा की बढ़ती लोकप्रियता का फायदा उठाता है। धीरे-धीरे चैट रोमांस में बदल जाता है जिसमें खिलाड़ी को उस काल्पनिक व्यक्ति के प्रति अपना प्रेम साबित करने के लिए कुछ टास्क पूरे करने पड़ते हैं। यह काल्पनिक पार्टनर कोरियन अंदाज में मीठी बातें करता है, रोमांटिक मैसेज भेजता है और रोज नए टास्क देता है।
यह भी पढ़ें: व्यक्ति के मरने के बाद भी जिंदा रहेगा डिजिटल अवतार, क्या है ये नई एआई तकनीक और इसके बड़े खतरे?
शुरुआत में ये काम बहुत सामान्य लगते हैं, लेकिन धीरे-धीरे खेल खतरनाक मोड़ लेने लगता है। गेम के आगे बढ़ने के साथ यूजर को खुद को नुकसान पहुंचाने जैसे टास्क दिए जाते हैं और अंत में मौत का रास्ता दिखाया जाता है।
'ब्लू व्हेल' गेम के जैसा है मकसद
हैरानी की बात तो ये है कि गेम किसी भी एप स्टोर पर उपलब्ध नहीं है, लेकिन फिर भी लोग इसे डाउनलोड कर खेल रहे हैं। इस गेम को मोबाइल पर ऑनलाइन खेला जाता है। यह गेम इंटरनेट पर अगल-अलग वेबसाइट्स और गुप्त लिंक्स के जरिए फैला हुआ है। अंदाजा यह भी है कि गेम को टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए भी सर्कुलेट किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें: फ्रांस में X के दफ्तर पर छापा: बाल अश्लीलता और डीपफेक कंटेंट फैलाने के आरोपों में शुरू हुई जांच
पुलिस जांच में यह भी आशंका जताई गई है कि इस गेम का मकसद पुराने 'ब्लू व्हेल' गेम की तरह हो सकता है, जिसमें 50 टास्क दिए जाते थे और 50वें टास्क के रूप में आत्महत्या करने को कहा जाता था। आखिरकार इस गेम को भारत सरकार ने 2017 में बैन कर दिया। गाजियाबाद की इन बहनों के मामले में भी यही हुआ। वे एक-दूसरे से इतनी गहराई से जुड़ी थीं कि गेम के अंतिम टास्क को पूरा करने के लिए उन्होंने एक साथ मौत को गले लगा लिया। वे गेम के मायाजाल में इस कदर फंस चुकी थीं कि उन्हें अपनी जान की कीमत उस वर्चुअल दुनिया के आगे छोटी लगने लगी। गाजियाबाद पुलिस अब उन मोबाइल फोन्स की फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि गेम के सटीक नाम और उसमें दिए गए टास्क की कड़ी जोड़ी जा सके।
बच्चों को इस गेम से कैसे बचाएं?
- माता-पिता से कटाव के वजह से कई बार बच्चे वर्चुअल रिश्ते में असली प्यार खोजने लगते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब इस तरह के गेम्स भावनात्मक जुड़ाव बढ़ जाता है, तो बच्चे सही-गलत का फर्क करना छोड़ देते हैं और हर टास्क को पूरा करना जरूरी समझने लगते हैं।
- इस गेम में अनजान लोग बच्चों से चैटबॉट्स या मैसेजिंग एप के जरिए जुड़ते हैं। चूंकि यह गेम प्यार और जज्बात की बात करता है, इसलिए किशोर उम्र के बच्चे इसमें आसानी से फंस जाते हैं।
- यह घटना समाज के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि ऑनलाइन एडिक्शन केवल समय की बर्बादी नहीं, बल्कि जानलेवा भी हो सकता है। बच्चों के इस तरह के गेम से बचाने के लिए माता-पिता को बच्चों की डिजिटल गतिविधियों और उनके व्यवहार में आने वाले बदलावों पर कड़ी नजर रखनी होगी ताकि किसी और घर का चिराग इस तरह न बुझे।
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