{"_id":"6ad70ed508117b922a080165","slug":"3-free-tools-to-detect-ai-generated-text-photos-videos-gptzero-hiveai-synthid-2026-10-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"फेक कंटेंट की खैर नहीं: एआई से बनी फोटो और टेक्स्ट पहचानने के लिए आ गए 3 दमदार टूल, मुफ्त में करें यूज","category":{"title":"Tech Tips in Hindi","title_hn":"टेक टिप्स एंड ट्रिक्स","slug":"tip-of-the-day"}}
फेक कंटेंट की खैर नहीं: एआई से बनी फोटो और टेक्स्ट पहचानने के लिए आ गए 3 दमदार टूल, मुफ्त में करें यूज
Tue, 20 Oct 2026 12:19 PM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Tue, 20 Oct 2026 12:19 PM IST
सार
सोशल मीडिया पर आज-कल असली और AI से बनी तस्वीरों या टेक्स्ट के बीच फर्क करना मुश्किल हो गया है। फेक न्यूज के इस दौर में सच्चाई जानना बेहद जरूरी है। आपकी मुश्किल आसान बनाने के लिए हम ऐसे 3 शानदार फ्री टूल्स के बारे में बता रहे हैं, जिनसे आप चंद सेकंड में AI जनरेटेड कंटेंट की पोल खोल सकते हैं।
विज्ञापन
एआई जनरेटेड कंटेंट की पहचान के लिए हैं कई टूल्स।
- फोटो : naina_avtr/Instagram
विस्तार
आजकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बने कंटेंट का दायरा इतना बढ़ गया है कि असली और नकली के बीच की लकीर धुंधली हो गई है। सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करते हुए अक्सर ऐसी शानदार तस्वीरें या वीडियोज सामने आते हैं, जिन्हें देखकर यकीन ही नहीं होता कि वो किसी इंसान ने नहीं, बल्कि एक मशीन ने बनाए हैं। डीपफेक वीडियोज और फेक खबरों के इस दौर में हर वायरल कंटेंट पर आंख मूंदकर भरोसा करना समझदारी नहीं है।
लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, तकनीक ने जहां यह समस्या पैदा की है, वहीं इसका समाधान भी दिया है। इंटरनेट पर कुछ ऐसे बेहतरीन और मुफ्त टूल्स मौजूद हैं, जो एआई से बने कंटेंट को स्कैन करके उसकी सच्चाई बता सकते हैं। आइए जानते हैं 3 ऐसे शानदार फ्री टूल्स के बारे में, जिनका इस्तेमाल करना बेहद आसान है।
1. GPTZero: AI से लिखे टेक्स्ट की पलभर में खुलेगी पोल
अगर आपको शक है कि कोई वायरल मैसेज, आर्टिकल या सोशल मीडिया पोस्ट ChatGPT जैसे किसी AI टूल से लिखा गया है, तो GPTZero आपके बहुत काम आएगा। आपको बस इसकी वेबसाइट पर जाना है और संदेहास्पद टेक्स्ट को वहां पेस्ट कर देना है।
विज्ञापन
यह टूल तुरंत टेक्स्ट का एनालिसिस करता है और बताता है कि इसके AI द्वारा लिखे जाने की कितनी संभावना है। सबसे अच्छी बात यह है कि यह उन खास वाक्यों या पैराग्राफ को हाईलाइट भी कर देता है, जो AI जनरेटेड लगते हैं। इसका फ्री वर्जन आम यूजर्स के लिए काफी है।
2. Hive AI Detector: वायरल फोटो और वीडियो का सच लाएगा सामने
टेक्स्ट से ज्यादा आजकल AI से बनी तस्वीरों और वीडियोज ने इंटरनेट पर तहलका मचाया हुआ है। ऐसे विजुअल कंटेंट की सच्चाई परखने के लिए Hive AI Detector एक दमदार टूल है। अगर आपको किसी फोटो या वीडियो के फेक होने का शक है, तो इसे इस टूल पर अपलोड करें। यह टूल पिक्सल और विजुअल पैटर्न का गहराई से एनालिसिस करता है और AI के छिपे हुए संकेत पकड़ लेता है।
आप इसे ऑनलाइन डेमो के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं या फिर सपोर्टेड ब्राउजर एक्सटेंशन के जरिए सीधे ब्राउजर से ही फोटो चेक कर सकते हैं। इसका फ्री प्लान हर किसी के लिए उपलब्ध है।
3. Google SynthID: गूगल के डिजिटल वॉटरमार्क की करेगा पहचान
टेक दिग्गज गूगल (Google) ने खुद अपने AI जनरेटेड कंटेंट की पहचान के लिए Google SynthID को पेश किया है। यह टूल खास तौर पर उन तस्वीरों, वीडियो और ऑडियो की पहचान करता है जिन्हें गूगल के AI मॉडल (जैसे Gemini) से बनाया गया है। गूगल अपने AI कंटेंट में एक 'डिजिटल वॉटरमार्क' एम्बेड कर देता है, जो आम आंखों से दिखाई नहीं देता, लेकिन SynthID इसे आसानी से डिकोड कर लेता है।
आप गूगल जेमिनी (Gemini) में कोई तस्वीर अपलोड करके भी पूछ सकते हैं कि क्या यह AI से बनी है या इसे एडिट किया गया है।
जरूरी सलाह
अगर आप टेक्स्ट चेक करना चाहते हैं, तो GPTZero बेहतरीन है और तस्वीरों के लिए Hive AI Detector सबसे सटीक माना जाता है। हालांकि, आपको यह ध्यान रखना होगा कि तकनीक अभी विकसित हो रही है और कोई भी टूल 100% सटीकता की गारंटी नहीं देता। इसलिए, किसी भी कंटेंट को पूरी तरह फेक मानने से पहले हमेशा भरोसेमंद न्यूज सोर्स और अन्य फैक्ट-चेकिंग वेबसाइट्स से उसकी पुष्टि जरूर कर लें। आप बेहतर नतीजों के लिए एक साथ दो-तीन टूल्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
विज्ञापन
लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, तकनीक ने जहां यह समस्या पैदा की है, वहीं इसका समाधान भी दिया है। इंटरनेट पर कुछ ऐसे बेहतरीन और मुफ्त टूल्स मौजूद हैं, जो एआई से बने कंटेंट को स्कैन करके उसकी सच्चाई बता सकते हैं। आइए जानते हैं 3 ऐसे शानदार फ्री टूल्स के बारे में, जिनका इस्तेमाल करना बेहद आसान है।
विज्ञापन
1. GPTZero: AI से लिखे टेक्स्ट की पलभर में खुलेगी पोल
अगर आपको शक है कि कोई वायरल मैसेज, आर्टिकल या सोशल मीडिया पोस्ट ChatGPT जैसे किसी AI टूल से लिखा गया है, तो GPTZero आपके बहुत काम आएगा। आपको बस इसकी वेबसाइट पर जाना है और संदेहास्पद टेक्स्ट को वहां पेस्ट कर देना है।
विज्ञापन
यह टूल तुरंत टेक्स्ट का एनालिसिस करता है और बताता है कि इसके AI द्वारा लिखे जाने की कितनी संभावना है। सबसे अच्छी बात यह है कि यह उन खास वाक्यों या पैराग्राफ को हाईलाइट भी कर देता है, जो AI जनरेटेड लगते हैं। इसका फ्री वर्जन आम यूजर्स के लिए काफी है।
2. Hive AI Detector: वायरल फोटो और वीडियो का सच लाएगा सामने
टेक्स्ट से ज्यादा आजकल AI से बनी तस्वीरों और वीडियोज ने इंटरनेट पर तहलका मचाया हुआ है। ऐसे विजुअल कंटेंट की सच्चाई परखने के लिए Hive AI Detector एक दमदार टूल है। अगर आपको किसी फोटो या वीडियो के फेक होने का शक है, तो इसे इस टूल पर अपलोड करें। यह टूल पिक्सल और विजुअल पैटर्न का गहराई से एनालिसिस करता है और AI के छिपे हुए संकेत पकड़ लेता है।
आप इसे ऑनलाइन डेमो के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं या फिर सपोर्टेड ब्राउजर एक्सटेंशन के जरिए सीधे ब्राउजर से ही फोटो चेक कर सकते हैं। इसका फ्री प्लान हर किसी के लिए उपलब्ध है।
3. Google SynthID: गूगल के डिजिटल वॉटरमार्क की करेगा पहचान
टेक दिग्गज गूगल (Google) ने खुद अपने AI जनरेटेड कंटेंट की पहचान के लिए Google SynthID को पेश किया है। यह टूल खास तौर पर उन तस्वीरों, वीडियो और ऑडियो की पहचान करता है जिन्हें गूगल के AI मॉडल (जैसे Gemini) से बनाया गया है। गूगल अपने AI कंटेंट में एक 'डिजिटल वॉटरमार्क' एम्बेड कर देता है, जो आम आंखों से दिखाई नहीं देता, लेकिन SynthID इसे आसानी से डिकोड कर लेता है।
आप गूगल जेमिनी (Gemini) में कोई तस्वीर अपलोड करके भी पूछ सकते हैं कि क्या यह AI से बनी है या इसे एडिट किया गया है।
जरूरी सलाह
अगर आप टेक्स्ट चेक करना चाहते हैं, तो GPTZero बेहतरीन है और तस्वीरों के लिए Hive AI Detector सबसे सटीक माना जाता है। हालांकि, आपको यह ध्यान रखना होगा कि तकनीक अभी विकसित हो रही है और कोई भी टूल 100% सटीकता की गारंटी नहीं देता। इसलिए, किसी भी कंटेंट को पूरी तरह फेक मानने से पहले हमेशा भरोसेमंद न्यूज सोर्स और अन्य फैक्ट-चेकिंग वेबसाइट्स से उसकी पुष्टि जरूर कर लें। आप बेहतर नतीजों के लिए एक साथ दो-तीन टूल्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।