{"_id":"6a6b030ae5e76267820368c6","slug":"india-to-introduce-polymer-currency-notes-features-benefits-and-global-use-2026-07-30","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"भारत में जल्द शुरू होंगे प्लास्टिक के नोट, क्या होते हैं फायदे और किन देशों में किया जाता है इस्तेमाल?","category":{"title":"Utility","title_hn":"जरूरत की खबर","slug":"utility"}}
भारत में जल्द शुरू होंगे प्लास्टिक के नोट, क्या होते हैं फायदे और किन देशों में किया जाता है इस्तेमाल?
Thu, 30 Jul 2026 01:47 PM IST
संकल्प प्रकाश सिंह
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संकल्प प्रकाश सिंह
Updated Thu, 30 Jul 2026 01:47 PM IST
सार
भारत में डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़ा है, लेकिन नकदी का इस्तेमाल आज भी बड़े पैमाने पर होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए आरबीआई 10 और 20 रुपये के पॉलीमर (प्लास्टिक) नोटों का फील्ड ट्रायल करने जा रहा है।
विज्ञापन
Polymer Currency Notes
- फोटो : AI Generated
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आज के इस डिजिटल दौर में भले ही ऑनलाइन पेमेंट का चलन बढ़ा है लेकिन साथ ही साथ कैश का इस्तेमाल भी बड़े पैमाने पर देशभर में होता है। हालांकि, कैश रखने के साथ एक बड़ा घाटा यह है कि पसीने, बारिश या पानी गिरने से कई बार यह गल या फट जाता है। इसके अलावा समय के साथ-साथ ये नोट खराब भी हो जाते हैं। इसी समस्या को देखते हुए कई देशों में प्लास्टिक नोटों का इस्तेमाल किया जाता है।
विज्ञापन
वहीं भारत में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 10 और 20 रुपये के पॉलीमर करेंसी नोटों के फील्ड ट्रायल को लेकर मंजूरी दे दी है। एक बार जब यह फील्ड ट्रायल सफल हो जाएगा, उसके बाद 10 औ 20 रुपये के पॉलीमर नोट जारी किए जाएंगे। हालांकि, सरकार ने इस बारे में बताया है कि पॉलीमर नोट जारी किए जाने का मतलब यह नहीं है कि कागजी मुद्रा का अंत हो जाएगा। ये मौजूदा कागजी नोट के साथ साथ चलन में आएंगे।
विज्ञापन
कब और कहां शुरू हुआ था पहला प्लास्टिक से बना नोट?
- आम बोलचाल की भाषा में पॉलीमर से बने इन नोटों को प्लास्टिक के नोट भी कहते हैं।
- इसे पॉलीप्रोपाइलीन नाम के प्लास्टिक से बनाया जाता है।
- इसे मोड़ा जा सकता है। यह काफी मजबूत भी होता है। अगर प्लास्टिक के नोटों के इतिहास की बात करें तो इसका संबंध ऑस्ट्रेलिया से है।
- 80 के दशक में यहां जाली नोटों का व्यवसाय काफी बढ़ा था।
- इस समस्या को देखते हुए वहां के रिजर्व बैंक ने प्लास्टिक नोटों को तैयार किया था।
- साल 1988 में ऑस्ट्रेलिया में पहला प्लास्टिक नोट चलन में आया था।
- धीरे-धीरे साल 1996 तक आते-आते ऑस्ट्रेलिया ने अपने सभी कागज के नोटों को प्लास्टिक के नोटों में बदल दिया।
- आज के समय दुनिया के कई देशों में प्लास्टिक नोटों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
किन-किन देशों में प्लास्टिक नोटों का किया जाता है इस्तेमाल?
- ब्रिटेन में प्लास्टिक नोटों का इस्तेमाल किया जाता है।
- ये देश अपने 5,10,20 और 50 पाउंड को पॉलिमर नोटों में बदल चुका है।
- कनाडा में भी प्लास्टिक नोटों का इस्तेमाल किया जाता है। साल 2011 में कनाडा के डॉलर को प्लास्टिक के नोटों में बदलने की शुरुआत की गई थी।
- आज यहां प्लास्टिक नोटों का चलन काफी बढ़ चुका है।
- ऑस्ट्रेलिया के पड़ोस में स्थित न्यूजीलैंड में भी प्लास्टिक नोटों का चलन है।
- रोमानिया में भी प्लास्टिक नोटों का इस्तेमाल किया जाता है।
- इन सब के अलावा ब्रुनेई, पापुआ न्यू गिनी, वियतनाम, नाइजीरिया, मालदीव, सिंगापुर में भी प्लास्टिक के नोटों का इस्तेमाल किया जाता है।