Mandatory Land Ownership Records: भारत सरकार की 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना' देश के ग्रामीण इलाकों में आर्थिक रूप से कमजोर किसानों को संबल देने वाली एक बेहद लोकप्रिय योजना है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। लेकिन ग्रामीण भारत में एक बहुत बड़ा वर्ग ऐसा है जो दूसरों के खेतों पर काम करता है, जिन्हें हम आमतौर पर बटाईदार या खेत मजदूर कहते हैं।
{"_id":"6a6aff47c40d4aff460042ea","slug":"pm-kisan-benefits-for-non-landowners-the-hard-reality-for-sharecroppers-and-agricultural-labourers-2026-07-30","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"PM Kisan:क्या दूसरे के खेत में काम करने वाले किसान ले सकते हैं पीएम किसान योजना का लाभ? यहां दूर करें कंफ्यूजन","category":{"title":"Utility","title_hn":"जरूरत की खबर","slug":"utility"}}
PM Kisan:क्या दूसरे के खेत में काम करने वाले किसान ले सकते हैं पीएम किसान योजना का लाभ? यहां दूर करें कंफ्यूजन
Thu, 30 Jul 2026 01:07 PM IST
Shikhar Baranawal
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shikhar Baranawal
Updated Thu, 30 Jul 2026 01:07 PM IST
सार
PM Kisan Beneficiary Criteria: कई बार लोगों के मन में ये सावल उठता है कि क्या बटाई पर खेती करने वाले किसान पीएम किसान योजना का लाभ ले सकते हैं। आइए इस लेख में सरल शब्दों में इसी के बारे में विस्तार से समझते हैं।
विज्ञापन
पीएम किसान पात्रता नियम
- फोटो : AI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जमीन का मालिकाना हक है पहली और जरूरी शर्त
- फोटो : Adobe Stock
जमीन का मालिकाना हक है पहली और जरूरी शर्त
- पीएम किसान योजना के आधिकारिक नियमों के मुताबिक, इस योजना का लाभ सिर्फ और सिर्फ उन्हीं किसान परिवारों को मिल सकता है जिनके नाम पर खेती योग्य जमीन का पुख्ता सरकारी रिकॉर्ड (खसरा-खतौनी) मौजूद है।
- सीधे और स्पष्ट शब्दों में समझें तो अगर आप किसी दूसरे व्यक्ति की जमीन पर खेती कर रहे हैं और राजस्व विभाग के कागजात में आपका नाम दर्ज नहीं है, तो आप इस योजना के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे।
क्या बटाईदारों और खेत मजदूरों को मिल सकता है यह लाभ?
- फोटो : Adobe Stock
क्या बटाईदारों और खेत मजदूरों को मिल सकता है यह लाभ?
- इस सवाल का भी सीधा और स्पष्ट जवाब है 'नहीं'।
- चूंकि बटाईदार किसान और दिहाड़ी पर काम करने वाले खेत मजदूर दूसरों की जमीन पर सिर्फ फसल उगाने या मजदूरी का काम करते हैं और उनके पास अपने नाम का कोई भू-लेख नहीं होता, इसलिए उन्हें पीएम किसान योजना के तहत सालाना 6,000 रुपये की किस्त का कोई लाभ नहीं दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिता या दादा की जमीन पर खेती करने वालों का नियम
- फोटो : AdobeStock
पिता या दादा की जमीन पर खेती करने वालों का नियम
- ग्रामीण क्षेत्रों में कई किसान ऐसे भी हैं जो अपने पिता या दादा की जमीन पर खेती संभाल रहे हैं, लेकिन जमीन अभी भी बुजुर्गों के नाम पर ही दर्ज है।
- ऐसे किसानों को भी सीधे तौर पर लाभ नहीं मिलता है। नियम के अनुसार, जब तक उत्तराधिकार या नामांतरण के जरिए जमीन कानूनी रूप से आवेदक के अपने नाम पर ट्रांसफर नहीं हो जाती, तब तक वे आवेदन नहीं कर सकते।
विज्ञापन
बटाईदार किसानों के लिए अन्य सरकारी योजनाएं और विकल्प
- फोटो : AdobeStock
बटाईदार किसानों के लिए अन्य सरकारी योजनाएं और विकल्प
- भले ही भूमिहीन और बटाईदार किसान पीएम किसान योजना से बाहर हैं, लेकिन वे सरकार की अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।
- उदाहरण के लिए, 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' (PMFBY) का लाभ बटाईदार किसान भू-स्वामी से एक साधारण लिखित प्रमाण पत्र लेकर उठा सकते हैं, जिससे मौसम की मार या फसल खराब होने पर उन्हें उचित मुआवजा मिल सकता है।