रोज-रोज आ रहे हैं स्पैम कॉल्स? सिर्फ नंबर ब्लॉक करने से नहीं बनेगी बात, करें ये काम
Spam Calls on Your Phone: मोबाइल पर बार-बार आने वाली स्पैम कॉल्स की वजह अनचाही प्रमोशनल कॉल्स, मार्केटिंग कंपनियां और टेलीमार्केटर्स हो सकते हैं। इनसे बचने के लिए डीएनडी सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
फोन बजता है और स्क्रीन पर कोई अनजान नंबर दिखाई देता है। कॉल उठाते ही सामने से लोन, क्रेडिट कार्ड, इंश्योरेंस या किसी प्रोडक्ट का ऑफर मिलने लगता है। कई लोगों के साथ यह दिन में एक-दो बार नहीं, बल्कि बार-बार होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर मोबाइल पर इतने स्पैम कॉल्स आते क्यों हैं और इन्हें बंद करने का तरीका क्या है? दरअसल कई कॉल्स अनचाही कमर्शियल कम्युनिकेशन की श्रेणी में आ सकती हैं। यानी ऐसी प्रमोशनल जानकारी, जिसे पाने के लिए आपने इच्छा नहीं जताई हो या जो आपकी पसंद के अनुसार न हो। तो आइए जानते हैं।
आखिर स्पैम कॉल्स आते क्यों हैं?
कई बार हम किसी वेबसाइट, ऐप, स्टोर या सर्विस का इस्तेमाल करते समय अपना मोबाइल नंबर देते हैं। इस दौरान हम अनजाने में प्रमोशनल मैसेज या कॉल्स के लिए कंसेंट भी दे सकते हैं। इसके अलावा मार्केटिंग से जुड़ी कंपनियां और टेलीमार्केटर्स भी ग्राहकों तक पहुंचने के लिए अलग-अलग माध्यमों का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, हर अनजान नंबर से आने वाली कॉल को स्पैम नहीं कहा जा सकता। किसी कॉल की प्रकृति और आपकी कंसेंट या दर्ज पसंद के आधार पर भी यह तय होता है कि वह अनचाही कमर्शियल कम्युनिकेशन है या नहीं।
सिर्फ नंबर ब्लॉक करना हमेशा काफी नहीं
अगर किसी एक नंबर से बार-बार कॉल आ रही है तो उसे ब्लॉक किया जा सकता है। लेकिन अलग-अलग नंबरों से लगातार प्रमोशनल कॉल्स आ रही हों तो सिर्फ नंबर ब्लॉक करने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती। ऐसी स्थिति में डीएनडी यानी डू नॉट डिस्टर्ब सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके जरिए ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार कमर्शियल कॉल्स और एसएमएस को लेकर अपनी प्रेफरेंस सेट कर सकते हैं। कुछ लोग सभी प्रमोशनल कॉल्स रोकने का विकल्प चुन सकते हैं, जबकि जरूरत के हिसाब से कुछ कैटेगरी की कम्युनिकेशन को अनुमति भी दी जा सकती है।
1909 पर कर सकते हैं शिकायत
अगर आपको लगातार अनचाहे कमर्शियल कॉल्स या एसएमएस मिल रहे हैं तो इसकी शिकायत अपने टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर के पास की जा सकती है। इसके लिए 1909 का इस्तेमाल किया जा सकता है। स्पैम कॉल या एसएमएस मिलने के बाद समय पर शिकायत करना जरूरी है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर संबंधित कॉल या मैसेज की जांच की जा सकती है।
टिकट बुक किया पुराने नंबर से, अब बदल गई सिम? जान लें पीएनआर पर क्या होगा असर
बात बचत की: अटल पेंशन योजना में किसे मिलती है हर महीने 5000 रुपये तक की पेंशन और किसे नहीं? यहां करें चेक