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संसद में गूंजा मथुरा-वृंदावन के बंदरों का मुद्दा, सांसद हेमामालिनी ने की सफारी बनाने की मांग

Fri, 22 Nov 2019 12:31 AM IST
Abhishek Saxena डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Abhishek Saxena Updated Fri, 22 Nov 2019 12:31 AM IST
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Hemamalini put question of money problem in mathura vrindavan
hema malini - फोटो : Twitter
संसद में बृहस्पतिवार को सांसद हेमामालिनी ने कान्हा की नगरी मथुरा-वृंदावन में बंदरों के उत्पात का मुद्दा उठाया। इस पर टीएमसी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने भी वृंदावन आगमन के दौरान बंदरों के उत्पात से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। इस पर एलजेपी सांसद चिराग पासवान ने भी इस विषय को आगे बढ़ाया। 
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संसद का शीतकालीन सत्र में बृहस्पतिवार को मथुरा की सांसद हेमामालिनी ने प्रश्नकाल के दौरान केंद्र सरकार का ध्यान अपने संसदीय क्षेत्र की ओर खींचा। उन्होंने मथुरा-वृंदावन में बंदरों की बढ़ती समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे स्थानीय लोग ही नहीं, ब्रज दर्शन को आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक भी परेशान हैं। 
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हेमामालिनी ने मांग उठाई कि बंदरों के लिए बंदर सफारी बनाया जाए। वृंदावन में लोग बंदरों से त्रस्त हैं। आए दिन बंदर जनता पर हमले करते हैं। धार्मिक क्षेत्र के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। केंद्र सरकार को इस समस्या का स्थाई समाधान खोजना चाहिए। 
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टीएमसी सांसद ने किया समर्थन

सांसद के इस प्रश्न का टीएमसी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वे वृंदावन के रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में जाते रहते हैं। उन्होंने भी बंदरों से उत्पन्न होने वाली समस्याओं का सामना किया है। 

उन्होंने बताया कि वृंदावन में किस तरह बंदर लोगों का चश्मा आदि सामान ले जाते हैं। इस पर एलजेपी सांसद चिराग पासवान ने भी दिल्ली के लुटियन जोन में बंदरों से उत्पन्न समस्या को रखा। 

सांसद हेमामालिनी ने अमर उजाला से हुई बातचीत में बताया कि मथुरा-वृंदावन में बंदरों का उत्पात काफी है। हालात चिंताजनक हैं। इस मुद्दे को संसद में उठाया था। केंद्र सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। संसद के अन्य सदस्यों ने भी मेरी बात को सहमति दी है और अपनी पीड़ा बताई है। 
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