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Ayodhya News: ट्रस्ट में अब अयोध्या के किसी और संत को जगह नहीं

Sun, 30 Aug 2026 12:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Sun, 30 Aug 2026 12:42 AM IST
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There is no longer any room in the trust for another saint from Ayodhya
मंदिर में सजा रामलला का दरबार।
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के संभावित पुनर्गठन की कवायद तेज हो गई है। अयोध्या के संत समाज में नए सदस्य को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि अब ट्रस्ट में किसी संत को जगह मिलने की संभावना बेहद कम है।
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ट्रस्ट में पहले से ही संत समाज का पर्याप्त प्रतिनिधित्व है। धार्मिक मामलों के लिए गठित धार्मिक समिति में भी अयोध्या समेत संत परंपरा से जुड़े नौ संतों की भूमिका है। दो सितंबर को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक पर सभी की निगाहें हैं।
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ट्रस्ट की मौजूदा संरचना पर नजर डालें तो छह संत पहले से ही ट्रस्ट के सदस्य हैं। इसके अलावा धार्मिक समिति में नौ संतों की मौजूदगी है। यानी निर्णय लेने वाली मुख्य संस्था और धार्मिक मामलों की समिति दोनों स्तरों पर संत समाज को पर्याप्त प्रतिनिधित्व हासिल है।
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यही स्थिति ट्रस्ट में किसी नए संत की नियुक्ति की संभावनाओं को सीमित करती है। ट्रस्ट में आगामी बदलावों को लेकर जो सबसे महत्वपूर्ण संभावना सामने आ रही है, वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के एक-एक पदाधिकारी को प्रतिनिधित्व दिए जाने की है।

ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय व डॉ. अनिल मिश्र के स्थान पर इनका चयन किया जाएगा। चंपत राय की जगह विहिप के किसी पदाधिकारी व डॉ. अनिल मिश्र की जगह संघ के किसी पदाधिकारी को शामिल किए जाना लगभग तय है। अब दो सिंतबर को होने वाली तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक पर निगाहें टिकी हैं।


अयोध्या के संतों की दावेदारी क्यों कमजोर :
अयोध्या के कई संत लंबे समय से ट्रस्ट में प्रतिनिधित्व की मांग अथवा संभावना को लेकर चर्चा में रहे हैं, लेकिन मौजूदा संरचना में छह संतों की मौजूदगी और धार्मिक समिति में नौ तों के शामिल होने के कारण नए संत को शामिल करने के लिए स्थान और आवश्यकता दोनों का सवाल खड़ा होता है। राम मंदिर के एक ट्रस्टी का भी यही मानना है कि ट्रस्ट में संत पहले से पर्याप्त हैं। ऐसे में प्राथमिकता संगठनात्मक प्रतिनिधित्व को मिलने की संभावना अधिक है।


राम मंदिर ट्रस्ट का वर्तमान स्वरूप
महंत नृत्यगोपाल दास-अध्यक्ष, डॉ. कृष्ण मोहन-अंतरिम महासचिव, गोविंददेव गिरि-कोषाध्यक्ष, महंत दिनेंद्र दास-सदस्य, नृपेंद्र मिश्र-सदस्य, जगद्गुरु वासुदेवानंद सरस्वती-सदस्य, जगद्गुरु विश्वप्रसन्न तीर्थ-सदस्य, युगपुरुष परमानंद-सदस्य, केशव परासरण-सदस्य, डीएम अयोध्या-पदेन सदस्य, केंद्रीय गृह सचिव-पदेन सदस्य, राज्य गृह सचिव-पदेन सदस्य।

धार्मिक समिति : गोविंददेव गिरि, महंत कमलनयन दास, महंत डॉ. रामानंद दास, महंत दिनेंद्र दास, अधिकारी राजकुमार दास, महंत मिथिलेश नंदिनी शरण, वासुदेवानंद सरस्वती, जगद्गुरु विश्वप्रसन्न तीर्थ, युगपुरुष परमानंद।


एक सितंबर को सौंपी जाएगी सीईओ के लिए तीन नामों की सूची
अयोध्या।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक दो सितंबर को मणिरामदास की छावनी में दोपहर तीन बजे से होगी। बैठक से पहले राम मंदिर में सीईओ के चयन के लिए बनाई गई समिति के सदस्यों के साथ राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी बैठक करेंगे। बैठक में सीईओ के कार्यों आदि को लकर मंथन किया जाएगा। चयन समिति के सभी सदस्य 31 अगस्त की शाम तक अयोध्या पहुंचेंगे। वे एक सितंबर को राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को तीन नामों की सूची सौंपेगे। दो सितंबर की बैठक में तीन नामों में से किसी एक नाम पर सीईओ मुहर लगेगी।
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