{"_id":"6a971efc0facecd2e3090e07","slug":"protest-held-over-nine-point-demands-including-the-identification-of-left-out-statehood-agitators-almora-news-c-232-1-alm1019-148081-2026-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: वंचित राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण समेत नौ सूत्री मांगों के लिए किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: वंचित राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण समेत नौ सूत्री मांगों के लिए किया प्रदर्शन
Wed, 02 Sep 2026 12:22 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 02 Sep 2026 12:22 AM IST
विज्ञापन
चौखुटिया के लोनिवि विश्राम गृह में धरना प्रदर्शन करते राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति के लोग।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। वंचित राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण समेत नौ सूत्री मांगों के लिए राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति ने मंगलवार को लोनिवि विश्राम गृह में धरना-प्रदर्शन किया। तहसीलदार की ओर से जिलाधिकारी से बातचीत कराने का आश्वासन दिए जाने के बाद आंदोलनकारियों ने 15 सितंबर तक आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया। मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर 16 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी गई।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत आंदोलनकारी लोनिवि विश्राम गृह में एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। सूचना पर मौके पर पहुंचे तहसीलदार मोहित सिंह देउपा ने आंदोलनकारियों से वार्ता की। उन्होंने बताया कि तहसील स्तर से वंचित आंदोलनकारियों के सभी प्रपत्र जिले को भेज दिए गए हैं। इसके बाद तय हुआ कि 15 सितंबर से पहले जिलाधिकारी के साथ आंदोलनकारियों की वार्ता कराई जाएगी। इस आश्वासन पर आंदोलनकारियों ने 15 सितंबर तक आंदोलन स्थगित कर दिया। आंदोलनकारियों ने द्वाराहाट विधानसभा क्षेत्र में साक्ष्यों के आधार पर वंचित राज्य आंदोलनकारियों का तत्काल चिन्हीकरण करने, गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने, चयनित आंदोलनकारियों की मासिक पेंशन 25 हजार रुपये करने और सभी आंदोलनकारियों को समान पेंशन देने की मांग की।
इसके अलावा सख्त भू-कानून लागू करने, मूल निवास 1950 लागू करने और आगामी परिसीमन भौगोलिक आधार पर पहाड़ी राज्यों की तर्ज पर करने की मांग उठाई। धरना-प्रदर्शन से पहले आंदोलनकारियों ने राज्य आंदोलन के दौरान खटीमा में शहीद हुए आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। धरना-प्रदर्शन में ब्लॉक अध्यक्ष परमानंद कांडपाल, भगवत सिंह रावत, मदन कुमैया, दयासागर मासीवाल, सुरेश मेहता, मनोज सिंह बिष्ट, नंदन सिंह तड़ियाल, मोहन चंद्र, राजेश चौधरी, तारा दत्त, कला कांडपाल, भगवती देवी, विपिन जोशी, गणेश दत्त, जगत मनराल समेत कई आंदोलनकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत आंदोलनकारी लोनिवि विश्राम गृह में एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। सूचना पर मौके पर पहुंचे तहसीलदार मोहित सिंह देउपा ने आंदोलनकारियों से वार्ता की। उन्होंने बताया कि तहसील स्तर से वंचित आंदोलनकारियों के सभी प्रपत्र जिले को भेज दिए गए हैं। इसके बाद तय हुआ कि 15 सितंबर से पहले जिलाधिकारी के साथ आंदोलनकारियों की वार्ता कराई जाएगी। इस आश्वासन पर आंदोलनकारियों ने 15 सितंबर तक आंदोलन स्थगित कर दिया। आंदोलनकारियों ने द्वाराहाट विधानसभा क्षेत्र में साक्ष्यों के आधार पर वंचित राज्य आंदोलनकारियों का तत्काल चिन्हीकरण करने, गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने, चयनित आंदोलनकारियों की मासिक पेंशन 25 हजार रुपये करने और सभी आंदोलनकारियों को समान पेंशन देने की मांग की।
विज्ञापन
इसके अलावा सख्त भू-कानून लागू करने, मूल निवास 1950 लागू करने और आगामी परिसीमन भौगोलिक आधार पर पहाड़ी राज्यों की तर्ज पर करने की मांग उठाई। धरना-प्रदर्शन से पहले आंदोलनकारियों ने राज्य आंदोलन के दौरान खटीमा में शहीद हुए आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। धरना-प्रदर्शन में ब्लॉक अध्यक्ष परमानंद कांडपाल, भगवत सिंह रावत, मदन कुमैया, दयासागर मासीवाल, सुरेश मेहता, मनोज सिंह बिष्ट, नंदन सिंह तड़ियाल, मोहन चंद्र, राजेश चौधरी, तारा दत्त, कला कांडपाल, भगवती देवी, विपिन जोशी, गणेश दत्त, जगत मनराल समेत कई आंदोलनकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन