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Bageshwar News: कुमाऊं की 87 साल पुरानी केमू के बसों पर डग्गामारी का संकट
Mon, 21 Sep 2026 12:58 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Mon, 21 Sep 2026 12:58 AM IST
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बागेश्वर। कुमाऊं मोटर ओनर्स यूनियन लिमिटेड (केमू), जो 87 वर्षों से कुमाऊं की परिवहन रीढ़ रही है, अपने अस्तित्व के सबसे बड़े संकट से जूझ रही है। टैक्सी संचालकों की मनमर्जी, अवैध डग्गामारी और प्रशासनिक उपेक्षा के कारण केमू की नियमित बस सेवाएं घाटे में चल रही हैं। इससे दुर्गम क्षेत्रों तक सार्वजनिक परिवहन पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, हल्द्वानी, रानीखेत और चंपावत जैसे प्रमुख नगरों के केमू बस अड्डों पर अवैध टैक्सी और मैक्स वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है। टैक्सी चालक यात्रियों को प्रलोभन देकर महंगे दामों पर अपने वाहनों में बैठा लेते हैं। इसके चलते केमू की बसें खाली दौड़ने के लिए मजबूर हैं।
केमू अधिकारियों का आरोप है कि परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन अवैध टैक्सी चालकों पर मेहरबान हैं। केमू के प्रबंध निदेशक हिम्मत सिंह नयाल ने कहा कि 1939 से केमू सुरक्षित परिवहन सेवा दे रही है। उन्होंने कहा कि अवैध टैक्सियों का कब्जा और डग्गामारी उनके वजूद के लिए खतरा बन गई है। नयाल ने बताया कि प्रशासन और आरटीओ से कई बार गुहार लगाई गई लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यदि यही स्थिति रही तो केमू की सेवाएं पूरी तरह ठप हो जाएंगी। संवाद
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यात्रियों की परेशानी और केमू की बेबसी
बागेश्वर के केमू बस अड्डे पर बसों से अधिक निजी टैक्सियों का जमावड़ा रहता है। बस के समय टैक्सी चालक यात्रियों को घेर लेते हैं और मनमाना किराया वसूलते हैं। केमू संचालकों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो दुर्गम ग्रामीण मार्गों पर बस सेवाएं बंद करनी पड़ेंगी। इससे आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी।
प्रशासन की कार्रवाई का आश्वासन
अवैध टैक्सी संचालन की शिकायतें मिल रही हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी वाहन स्वामी को बख्शा नहीं जाएगा। इसके लिए परिवहन विभाग शीघ्र ही अल्मोड़ा संभाग में विशेष चेकिंग अभियान चलाएगा। डग्गामारी और अवैध पार्किंग करने वाले वाहनों के खिलाफ चालान और सीज की सख्त कार्रवाई की जाएगी। - नंद किशोर, आरटीओ प्रशासन, अल्मोड़ा संभाग
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बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, हल्द्वानी, रानीखेत और चंपावत जैसे प्रमुख नगरों के केमू बस अड्डों पर अवैध टैक्सी और मैक्स वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है। टैक्सी चालक यात्रियों को प्रलोभन देकर महंगे दामों पर अपने वाहनों में बैठा लेते हैं। इसके चलते केमू की बसें खाली दौड़ने के लिए मजबूर हैं।
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केमू अधिकारियों का आरोप है कि परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन अवैध टैक्सी चालकों पर मेहरबान हैं। केमू के प्रबंध निदेशक हिम्मत सिंह नयाल ने कहा कि 1939 से केमू सुरक्षित परिवहन सेवा दे रही है। उन्होंने कहा कि अवैध टैक्सियों का कब्जा और डग्गामारी उनके वजूद के लिए खतरा बन गई है। नयाल ने बताया कि प्रशासन और आरटीओ से कई बार गुहार लगाई गई लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यदि यही स्थिति रही तो केमू की सेवाएं पूरी तरह ठप हो जाएंगी। संवाद
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यात्रियों की परेशानी और केमू की बेबसी
बागेश्वर के केमू बस अड्डे पर बसों से अधिक निजी टैक्सियों का जमावड़ा रहता है। बस के समय टैक्सी चालक यात्रियों को घेर लेते हैं और मनमाना किराया वसूलते हैं। केमू संचालकों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो दुर्गम ग्रामीण मार्गों पर बस सेवाएं बंद करनी पड़ेंगी। इससे आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी।
प्रशासन की कार्रवाई का आश्वासन
अवैध टैक्सी संचालन की शिकायतें मिल रही हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी वाहन स्वामी को बख्शा नहीं जाएगा। इसके लिए परिवहन विभाग शीघ्र ही अल्मोड़ा संभाग में विशेष चेकिंग अभियान चलाएगा। डग्गामारी और अवैध पार्किंग करने वाले वाहनों के खिलाफ चालान और सीज की सख्त कार्रवाई की जाएगी। - नंद किशोर, आरटीओ प्रशासन, अल्मोड़ा संभाग