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बागेश्वर: घर के स्टोर रूम में घुसा तेंदुआ, 13 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन; वन विभाग ने सुरक्षित बाहर निकाला
Fri, 23 Oct 2026 03:38 PM IST
Heera
अमर उजाला नेटवर्क, बागेश्वर
अमर उजाला नेटवर्क, बागेश्वर
Published by: Heera
Updated Fri, 23 Oct 2026 03:38 PM IST
सार
बागेश्वर के ग्वाटा तोक में तेंदुआ घर के स्टोर रूम में घुस गया, जहां गृहस्वामिनी ने अनजाने में कुंडी बंद कर दी। करीब 13 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद वन विभाग ने उसे सुरक्षित बाहर निकाला।
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घर के स्टोर रूम में घुसा तेंदुआ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बागेश्वर जिले के थकलाड़ ग्राम पंचायत अंतर्गत ग्वाटा तोक में बृहस्पतिवार की देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक भारी-भरकम तेंदुआ स्थानीय निवासी मोहन सिंह रावत के मकान के स्टोर रूम में जा घुसा। लगभग 13 घंटे तक चले हाई-वोल्टेज ड्रामे और रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद वन विभाग की टीम ने शुक्रवार सुबह तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकाला, तब जाकर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
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ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार बीते बृहस्पतिवार की देर रात करीब 10:30 बजे मोहन सिंह रावत की पत्नी विमला देवी अपने पालतू कुत्ते को स्टोर रूम से बाहर टॉयलेट कराने के लिए ले गई थीं। इसी दौरान मौका पाकर तेंदुआ चुपके से अंधेरे का फायदा उठाकर स्टोर रूम के भीतर दाखिल हो गया। विमला देवी को इस बात की भनक तक नहीं लगी और वह कुत्ते को वापस स्टोर में रखकर दरवाजा बाहर से बंद कर सोने चली गईं। कुछ देर बाद स्टोर रूम के भीतर से असामान्य आवाजें आने पर जब विमला देवी ने झांककर देखा, तो अंदर तेंदुआ मौजूद था। यह देखते ही उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत शोर मचाकर परिजनों और आसपास के ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद मौके पर ग्रामीणों का मजमा लग गया।
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घटना की सूचना मिलते ही देर रात करीब दो बजे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। चूंकि आसपास घना आबादी क्षेत्र था, इसलिए तेंदुए को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित बाहर निकालना वनकर्मियों के लिए बड़ी चुनौती बना रहा। रातभर ग्रामीण और वन विभाग की टीम मुस्तैद रही। आखिरकार कड़ी मशक्कत के बाद शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे वन विभाग की टीम ने तेंदुए का सफल रेस्क्यू कर लिया।
रेस्क्यू किया गया तेंदुआ नर है और उसकी उम्र करीब सात वर्ष है। गनीमत रही कि तेंदुए ने किसी पर हमला नहीं किया। प्राथमिक जांच में तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ पाया गया है। विभागीय प्रक्रियाओं और चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उसे जल्द ही उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया जाएगा। -श्याम सिंह करायत, रेंजर, वन विभाग