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Chamoli News: आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी, गाड़ू घड़ा व गरुड़ की डोली बदरीनाथ रवाना
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 21 Apr 2026 07:29 PM IST
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गरुड़ भगवान की डोली पंहुची बदरीनाथ धाम। स्रोत जागरूक पाठक
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नृसिंह मंदिर में सुबह हुई पंचांग पूजा, सेना के बैंड की धुन के साथ किया विदा
पांडुकेश्वर स्थित योग बदरी में रात्रि विश्राम
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्योतिर्मठ। जय बदरीविशाल के उद्घोष के साथ आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी, गरुड़ की डोली व गाड़ू घड़ा तेल कलश यात्रा विधि विधान के साथ नृसिंह मंदिर से बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुई। भक्तों ने डोली पर फूल बरसाए और बदरीविशाल के जयकारे लगाए। यात्रि विश्राम के लिए यात्रा पांडुकेश्वर स्थित योग ध्यान बदरी मंदिर पहुंची।
मंगलवार को नृसिंह मंदिर में धार्मिक प्रक्रियाएं शुरू हुईं। बदरीनाथ धाम के रावल अमरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी स्वयंवर सेमवाल व पुजारी हितेश सती ने पंचांग पूजा की। सुबह 10 बजे सेना के बैंड की मधुर ध्वनियों के साथ आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी, गरुड़ की डोली और गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुआ। भक्तों भगवान बदरीनाथ के जयकारे लगाए और महिलाओं ने भजन गाए। स्थानीय लोगों, विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने पेट्रोल पंप तक डोली यात्रा को विदा किया। डोली दोपहर 12 बजे पांडुकेश्वर स्थित योग ध्यान बदरी मंदिर पहुंची। यहां रात्रि विश्राम के बाद बुधवार को भगवान कुबेर, उद्धव, आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी व गाडू घड़ा तेल कलश बदरीनाथ धाम पहुंचेंगे और 23 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर बदरीनाथ मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। इस दौरान बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, रावल अमरनाथ नंबूदरी, नायब रावल सूर्यराग नंबूदरी, धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, नगर पालिका अध्यक्ष देवेश्वरी शाह, देव पुजाई समिति के अध्यक्ष अनिल नंबूरी आदि मौजूद रहे।
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बदरीनाथ पहुंची गरुड़ की डोली
- नृसिंह मंदिर से भगवान गरुड़ की डोली भगवान बदरीनाथ के खजाने के साथ बदरीनाथ पहुंचती थी। मगर पिछले साल से यात्रा शुरू होने के दौरान नृसिंह मंदिर से भगवान गरुड़ की डोली को भव्य तरीके से रैंकवाल पंचायत की ओर से बदरीनाथ धाम पहुंचाया जा रहा है। इस साल भी मंगलवार को नृसिंह मंदिर से आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी के साथ गरुड़ की डोली बदरीनाथ रवाना की गई। सोहन बैजवाड़ी ने बताया कि भगवान गरुड़ की डोली दो बजे बदरीनाथ धाम पहुंच गई। इस दौरान रैंकवाल पंचायत के अध्यक्ष अनूप पंवार, उपाध्यक्ष सोहन बैजवाड़ी, सचिव सुभाष पंवार, कन्हैया, त्रिलोक, सूरज, कमलेश, सुशील, अजीत, निखिल आदि मौजूद रहे। संवाद
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पांडुकेश्वर स्थित योग बदरी में रात्रि विश्राम
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्योतिर्मठ। जय बदरीविशाल के उद्घोष के साथ आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी, गरुड़ की डोली व गाड़ू घड़ा तेल कलश यात्रा विधि विधान के साथ नृसिंह मंदिर से बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुई। भक्तों ने डोली पर फूल बरसाए और बदरीविशाल के जयकारे लगाए। यात्रि विश्राम के लिए यात्रा पांडुकेश्वर स्थित योग ध्यान बदरी मंदिर पहुंची।
मंगलवार को नृसिंह मंदिर में धार्मिक प्रक्रियाएं शुरू हुईं। बदरीनाथ धाम के रावल अमरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी स्वयंवर सेमवाल व पुजारी हितेश सती ने पंचांग पूजा की। सुबह 10 बजे सेना के बैंड की मधुर ध्वनियों के साथ आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी, गरुड़ की डोली और गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुआ। भक्तों भगवान बदरीनाथ के जयकारे लगाए और महिलाओं ने भजन गाए। स्थानीय लोगों, विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने पेट्रोल पंप तक डोली यात्रा को विदा किया। डोली दोपहर 12 बजे पांडुकेश्वर स्थित योग ध्यान बदरी मंदिर पहुंची। यहां रात्रि विश्राम के बाद बुधवार को भगवान कुबेर, उद्धव, आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी व गाडू घड़ा तेल कलश बदरीनाथ धाम पहुंचेंगे और 23 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर बदरीनाथ मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। इस दौरान बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, रावल अमरनाथ नंबूदरी, नायब रावल सूर्यराग नंबूदरी, धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, नगर पालिका अध्यक्ष देवेश्वरी शाह, देव पुजाई समिति के अध्यक्ष अनिल नंबूरी आदि मौजूद रहे।
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बदरीनाथ पहुंची गरुड़ की डोली
- नृसिंह मंदिर से भगवान गरुड़ की डोली भगवान बदरीनाथ के खजाने के साथ बदरीनाथ पहुंचती थी। मगर पिछले साल से यात्रा शुरू होने के दौरान नृसिंह मंदिर से भगवान गरुड़ की डोली को भव्य तरीके से रैंकवाल पंचायत की ओर से बदरीनाथ धाम पहुंचाया जा रहा है। इस साल भी मंगलवार को नृसिंह मंदिर से आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी के साथ गरुड़ की डोली बदरीनाथ रवाना की गई। सोहन बैजवाड़ी ने बताया कि भगवान गरुड़ की डोली दो बजे बदरीनाथ धाम पहुंच गई। इस दौरान रैंकवाल पंचायत के अध्यक्ष अनूप पंवार, उपाध्यक्ष सोहन बैजवाड़ी, सचिव सुभाष पंवार, कन्हैया, त्रिलोक, सूरज, कमलेश, सुशील, अजीत, निखिल आदि मौजूद रहे। संवाद

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