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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   Landslide strikes Panch Kedar's Kalpeshwar Temple; temple complex and priest's quarters buried under debris.

Chamoli News: पंच केदार कल्पेश्वर मंदिर के ऊपर भूस्खलन, परिसर, पुजारी कक्ष मलबे में दबे

Tue, 18 Aug 2026 06:53 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली Updated Tue, 18 Aug 2026 06:53 PM IST
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Landslide strikes Panch Kedar's Kalpeshwar Temple; temple complex and priest's quarters buried under debris.
फोटो
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मंदिर समिति के लोगों ने एकजुट होकर हटाया मलबा
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्योतिर्मठ। पंच केदार कल्पेश्वर मंदिर के पीछे सोमवार रात को भारी भूस्खलन हो गया। मलबे से मंदिर परिसर, पुजारी कक्ष और स्टोर भी दब गया। गनीमत रही रात में यहां कोई नहीं रुकता और मंदिर भी पूरी तरह से सुरक्षित है। मगर स्टोर में रखा लाखों का सामान बरबाद हो गया। इसके साथ ही हवन कुंड को भी नुकसान पहुंचा है। मंदिर समिति के लोगों ने एकजुट होकर मलबा हटाया।
विकासखंड ज्योतिर्मठ के अंतर्गत उर्गम घाटी में पंच केदार महादेव का मंदिर स्थित है। सोमवार रात को भारी बारिश के दौरान मंदिर के ऊपरी क्षेत्र से भूस्खलन शुरू हो गया। मलबे में मिट्टी अधिक है। मंदिर परिसर, भागमंडी, पुजारी कक्ष पूरी तरह से मलबे में दब गए। मंदिर के पुजारी दरबान सिंह नेगी ने बताया कि मलबे से मंदिर परिसर व आस-पास काफी नुकसान हुआ है। पैदल रास्ते व रेलिंग क्षतिग्रस्त हुई हैं। घटना की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग कल्पेश्वर पहुंचे। मंदिर समिति के लोगों व स्थानीय लोगों ने मंदिर तक आवाजाही के लिए रास्ता तैयार किया लेकिन आसपास के क्षेत्र में मलबा काफी अधिक है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले का संज्ञान लेने की मांग की।
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बारिश से ढहा वर्षों पुराना श्रीकृष्ण मंदिर
बसुकेदार। क्षेत्र में लगातार हो रही तेज बारिश के बीच ग्राम सभा नैनी पोंडार में वर्षों पुराना श्रीकृष्ण मंदिर ढह गया। ग्रामीणों के अनुसार मंदिर में हर वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर मेले का आयोजन होता था। इस बार भी आयोजन की तैयारियां होनी थीं लेकिन पर्व से पहले मंदिर के ढह जाने से ग्रामीणों में मायूसी है। ग्राम प्रधान नीतू देवी, मदन सिंह चौहान और मातवर सिंह बिष्ट ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि वर्षों पुराने आस्था के केंद्र का इस तरह ढहना बेहद पीड़ादायक है। संवाद
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नलगांव : पिंडरघाटी के 150 गांवों में दो दिन से बिजली गुल
भूस्खलन से दो खंभे बहे, बिजली लाइन क्षतिग्रस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणबगड़/देवाल। पिंडरघाटी की बिजली मंगलवार को भी सुचारू नहीं हो पाई। सोमवार सुबह नलगांव के पास हुए भारी भूस्खलन से घाटी के तीनों ब्लॉकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। इससे नारायणबगड़, थराली और देवाल ब्लॉक की करीब एक लाख आबादी प्रभावित हुई है। 150 से अधिक ग्राम पंचायतें दो दिनों से अंधेरे में हैं।
33 केवी की हाईटेंशन लाइन क्षतिग्रस्त होने से यह समस्या हुई है। वहीं बिजली न होने से लोगों का व्यापार ठप पड़ा है। मोबाइल चार्जिंग और डिजिटल सेवाएं भी बंद हो गई हैं। सरकारी कामकाज भी प्रभावित हुआ है। ऊर्जा निगम के अवर अभियंता हेमंत चमोली ने बताया कि लगातार बारिश और पहाड़ी से गिरते पत्थरों के कारण मरम्मत कार्य जोखिम भरा है। अवर अभियंता देवेंद्र सिंह ने बताया कि नलगांव के पास बिजली के दो पोल और करीब 700 मीटर लंबी लाइन क्षतिग्रस्त हुई है। ऊर्जा निगम के कर्मी विपरीत परिस्थितियों में भी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए कार्य में जुटे हैं। जल्द आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।

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बोल्डर और मलबा गिरने से आवाजाही हो रही प्रभावित
अगस्त्यमुनि। गंगानगर-तिमली-पठालीधार-थाती बड़मा मार्ग पर लगातार भूस्खलन से मार्ग प्रभावित हो रहा है। सोमवार देर रात बारिश के बाद भूस्खलन होने से मार्ग बंद हो गया। 80 से अधिक गांवों का यह मुख्य संपर्क मार्ग लगातार भू धंसाव और भूस्खलन की चपेट में हैं। छात्र नेता गणेश गोस्वामी ने बताया कि लगातार भूस्खलन के कारण लोगों में डर है। उन्होंने भूस्खलन जोन के स्थायी समाधान की मांग की। उधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार सैनी ने बताया कि जेसीबी से मलबा हटाकर मार्ग को सुचारु कर दिया गया। इसके स्थायी समाधान के लिए लेकर कार्रवाई की जा रही हैं। संवाद


अलकनंदा-मंदाकिनी का जलस्तर चेतावनी स्तर के करीब पहुंचा
रुद्रप्रयाग। जनपद में हो रही बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गया है। मंगलवार को अलकनंदा का जलस्तर 625.98 मीटर दर्ज किया गया जबकि खतरे का निशान 627 मीटर है। वहीं मंदाकिनी नदी का जलस्तर 624.90 मीटर दर्ज हुआ। इसका खतरे का निशान 626 मीटर है। गंगानगर में नदी का जलस्तर 800.08 मीटर और गौरीकुंड में 1974.10 मीटर दर्ज किया गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने कहा कि जिले के ऊपरी इलाकों में बारिश हो रही है। उन्होंने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की। संवाद

भटवाड़ी के बडेथ तोक में भूस्खलन, मकान-गोशालाएं खतरे में
रुद्रप्रयाग। ब्लॉक अगस्त्यमुनि की ग्राम पंचायत भटवाड़ी के बडेथ तोक में भूस्खलन सक्रिय होने से ग्रामीणों में दहशत है। भूस्खलन का दायरा बढ़ने से एक मकान और पांच गोशालाएं खतरे की जद में आ गई हैं। इससे पहले भी मकानों के भूस्खलन की चपेट में आने से तीन परिवारों का विस्थापन किया जा चुका है।
ग्रामीणों के अनुसार पहाड़ी का हिस्सा खिसकने से जमीन में दरारें पड़ रही हैं और मलबे के साथ बोल्डर आने का खतरा बना हुआ है। खतरे को देखते हुए एक प्रभावित परिवार ने दूसरे के घर में शरण ली है। प्रधान मोहित नेगी, प्रेम सिंह नेगी, महावीर सिंह नेगी, मदन सिंह रावत, भीम सिंह, हर्षवर्धन सिंह और सयन सिंह ने भूस्खलन की रोकथाम के लिए स्थायी सुरक्षा कार्य कराने की मांग की। क्षेत्र में राजस्व विभाग की टीम भी पहुंच चुकी है और स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। वहीं भूस्खलन की सूचना पर सीमांत अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष चंडी प्रसाद भट्ट ने बडेथ तोक पहुंचकर आपदा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र का तकनीकी निरीक्षण कर भूस्खलन के कारणों का आकलन करने और सुरक्षात्मक कार्य प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए।
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