{"_id":"69b6af1706f3a666440d77fa","slug":"phool-dei-chhamma-dei-flowers-placed-on-the-doorstep-along-with-songs-gopeshwar-news-c-47-1-sdrn1002-117610-2026-03-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli News: फूल देई, छम्मा देई... गीतों के साथ देहरी पर डाले फूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli News: फूल देई, छम्मा देई... गीतों के साथ देहरी पर डाले फूल
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sun, 15 Mar 2026 06:37 PM IST
विज्ञापन
कर्णप्रयाग के सेमी ग्वाड़ में फूलदेई का त्यौहार मनाते बच्चे। संवाद
विज्ञापन
फोटो--
लोकपर्व फूलदेई पर्व शुरू, बच्चों ने घर-घर जाकर डाले फूल
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर/पोखरी/नंदानगर। उत्तराखंड का प्रसिद्ध लोकपर्व फूलदेई शुरू हो गया। रविवार को बच्चों ने फूल देई, छम्मा देई, दैणी द्वार, भर भकार समेत कई फूलदेई के गीत गाते हुए घरों की देहरी पर रंग बिरंगे फूल डाले। अगले एक सप्ताह तक बच्चे हर दिन घरों की देहरियोंं में फूल डालते रहेंगे।
वसंत ऋतु के स्वागत में मनाया जाने वाला फूलदेई त्योहार हर्षोल्लास के साथ शुरू हुआ। पोखरी के गांवों में बच्चे बुरांस, फ्यूंली सहित कई तरह के फूल टोकरी में एकत्रित कर लाए और उन्हें आसपास के घरों की देहरी पर डाल दिया। फुल फुल माई दाल दे, चौंल दे, फूल्या फूल्या खाजा दे गाते हुए लोगों के घर पहुंचे। फुल्यारों की टोली काे लोगों ने गुड़, दाल, चावल, मिठाई आदि सामग्री भेंट की। वहीं गोपेश्वर में बच्चे घोघा माई की डोली लेकर देहरियों पर फूल डालने गए। बच्चों ने गोपीनाथ मंदिर में भी फूल डाले। ग्रामीण व कस्बों में, चरण पादुका गोथल समिति गोपेश्वर ने भी पर्व मनाया। समिति की सचिव मीना तिवारी ने बच्चों के साथ यह पर्व मनाया। सिरोली गांव में विजय बिष्ट, मंडल की संगीता बिष्ट, ग्वाड़ गांव की महिला मंगल दल अध्यक्ष संतोषी कुंवर और गंगोलगांव में संगीता ने बच्चों को मिठाई दी। इधर नंदानगर में भी बच्चाें ने घर की देहरियों पर फूल डाले।
कर्णप्रयाग/देवाल/नारायणबगड़/आदिबदरी। सुबह बच्चों ने हाथों में छोटी-छोटी टोकरियां लेकर घर-घर जाकर आंगन में फूल डालकर सुख शांति व समृद्धि की कामना की। कर्णप्रयाग के डिम्मर, नौटी, सिमली, लंगासू, सहित सभी गांवों में, देवाल के कोठी, नंदकेशरी, पूर्णा आदि गांव के बच्चों ने सुबह आठ बजे घरों की दहलीज पर फूल डाले। बच्चों को लोगों ने मिठाई व पकवान खिलाए। नारायणबगड़, आदिबदरी, गौचर सहित थराली, गैरसैंण और ग्वालदम मेंं फूलदेई पर्व मनाया।
घोगा माई की पूजा की
रुद्रप्रयाग। जनपद में फूलदेई का पर्व भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। रुद्रप्रयाग, अगस्त्यमुनि, ऊखीमठ, गुप्तकाशी और जखोली सहित विभिन्न क्षेत्रों में बच्चों ने सुबह से ही घरों की देहरी पर फूल डालकर पर्व की शुरुआत की। पर्व के दौरान बच्चों ने पारंपरिक रूप से घोगा माई की पूजा की और घरों की दहलीज पर फूल डालकर सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं मंदिरों की देहरियों पर भी फूल चढ़ाकर पूजा-अर्चना की गई और क्षेत्र की खुशहाली की मंगल कामना की। संवाद
ग्रामीणों ने हरियाली के लिए जौ डाले
कर्णप्रयाग। विकासखंड के नंदा धाम नौटी में भगवती नंदा को चैत्र माह का आल कलेऊ देने वाले पर्व चैत्र संक्रांति से आगाज हो गया है। रविवार सुबह नंदा देवी मंदिर और गांव के सभी घरों में हरियाली के लिए जौ की बुआई की गई। ग्रामीणों ने गांव व मंदिर में मां भगवती नंदा के जयकारे लगाए। चैत्र माह में ध्याणियों को मायके से मेवा मिष्ठान, आभूषण, वस्त्र सहित अन्य तोहफे देने की परंपरा है। वहीं नौटी में मां नंदा को आल कलेऊ देने की परंपरा है। पहले मां नंदा को आल कलेऊ हरियाली के साथ अर्पित किया जाता है। इसके बाद ग्रामीण अपनी ध्याणियों से यह परंपरा शुरू करते हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह और मेला समिति के अध्यक्ष भुवन नौटियाल ने बताया कि 10वें दिन भगवती नंदा को चैत्र माह का उपहार दिया जाएगा। 21 से 23 मार्च तक सांस्कृतिक व खेलकूद प्रतियोगिताएं नौटी के खेल मैदान में होंगी। संवाद
Trending Videos
लोकपर्व फूलदेई पर्व शुरू, बच्चों ने घर-घर जाकर डाले फूल
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर/पोखरी/नंदानगर। उत्तराखंड का प्रसिद्ध लोकपर्व फूलदेई शुरू हो गया। रविवार को बच्चों ने फूल देई, छम्मा देई, दैणी द्वार, भर भकार समेत कई फूलदेई के गीत गाते हुए घरों की देहरी पर रंग बिरंगे फूल डाले। अगले एक सप्ताह तक बच्चे हर दिन घरों की देहरियोंं में फूल डालते रहेंगे।
वसंत ऋतु के स्वागत में मनाया जाने वाला फूलदेई त्योहार हर्षोल्लास के साथ शुरू हुआ। पोखरी के गांवों में बच्चे बुरांस, फ्यूंली सहित कई तरह के फूल टोकरी में एकत्रित कर लाए और उन्हें आसपास के घरों की देहरी पर डाल दिया। फुल फुल माई दाल दे, चौंल दे, फूल्या फूल्या खाजा दे गाते हुए लोगों के घर पहुंचे। फुल्यारों की टोली काे लोगों ने गुड़, दाल, चावल, मिठाई आदि सामग्री भेंट की। वहीं गोपेश्वर में बच्चे घोघा माई की डोली लेकर देहरियों पर फूल डालने गए। बच्चों ने गोपीनाथ मंदिर में भी फूल डाले। ग्रामीण व कस्बों में, चरण पादुका गोथल समिति गोपेश्वर ने भी पर्व मनाया। समिति की सचिव मीना तिवारी ने बच्चों के साथ यह पर्व मनाया। सिरोली गांव में विजय बिष्ट, मंडल की संगीता बिष्ट, ग्वाड़ गांव की महिला मंगल दल अध्यक्ष संतोषी कुंवर और गंगोलगांव में संगीता ने बच्चों को मिठाई दी। इधर नंदानगर में भी बच्चाें ने घर की देहरियों पर फूल डाले।
विज्ञापन
विज्ञापन
कर्णप्रयाग/देवाल/नारायणबगड़/आदिबदरी। सुबह बच्चों ने हाथों में छोटी-छोटी टोकरियां लेकर घर-घर जाकर आंगन में फूल डालकर सुख शांति व समृद्धि की कामना की। कर्णप्रयाग के डिम्मर, नौटी, सिमली, लंगासू, सहित सभी गांवों में, देवाल के कोठी, नंदकेशरी, पूर्णा आदि गांव के बच्चों ने सुबह आठ बजे घरों की दहलीज पर फूल डाले। बच्चों को लोगों ने मिठाई व पकवान खिलाए। नारायणबगड़, आदिबदरी, गौचर सहित थराली, गैरसैंण और ग्वालदम मेंं फूलदेई पर्व मनाया।
घोगा माई की पूजा की
रुद्रप्रयाग। जनपद में फूलदेई का पर्व भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। रुद्रप्रयाग, अगस्त्यमुनि, ऊखीमठ, गुप्तकाशी और जखोली सहित विभिन्न क्षेत्रों में बच्चों ने सुबह से ही घरों की देहरी पर फूल डालकर पर्व की शुरुआत की। पर्व के दौरान बच्चों ने पारंपरिक रूप से घोगा माई की पूजा की और घरों की दहलीज पर फूल डालकर सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं मंदिरों की देहरियों पर भी फूल चढ़ाकर पूजा-अर्चना की गई और क्षेत्र की खुशहाली की मंगल कामना की। संवाद
ग्रामीणों ने हरियाली के लिए जौ डाले
कर्णप्रयाग। विकासखंड के नंदा धाम नौटी में भगवती नंदा को चैत्र माह का आल कलेऊ देने वाले पर्व चैत्र संक्रांति से आगाज हो गया है। रविवार सुबह नंदा देवी मंदिर और गांव के सभी घरों में हरियाली के लिए जौ की बुआई की गई। ग्रामीणों ने गांव व मंदिर में मां भगवती नंदा के जयकारे लगाए। चैत्र माह में ध्याणियों को मायके से मेवा मिष्ठान, आभूषण, वस्त्र सहित अन्य तोहफे देने की परंपरा है। वहीं नौटी में मां नंदा को आल कलेऊ देने की परंपरा है। पहले मां नंदा को आल कलेऊ हरियाली के साथ अर्पित किया जाता है। इसके बाद ग्रामीण अपनी ध्याणियों से यह परंपरा शुरू करते हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह और मेला समिति के अध्यक्ष भुवन नौटियाल ने बताया कि 10वें दिन भगवती नंदा को चैत्र माह का उपहार दिया जाएगा। 21 से 23 मार्च तक सांस्कृतिक व खेलकूद प्रतियोगिताएं नौटी के खेल मैदान में होंगी। संवाद