{"_id":"6a47bc44bda552df1e0cddca","slug":"remnants-of-trees-on-the-badrinath-highway-have-become-a-hazard-gopeshwar-news-c-47-1-sdrn1001-119508-2026-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli News: बदरीनाथ हाईवे पर पेड़ों के अवशेष बने मुसीबत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli News: बदरीनाथ हाईवे पर पेड़ों के अवशेष बने मुसीबत
Fri, 03 Jul 2026 07:12 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Fri, 03 Jul 2026 07:12 PM IST
विज्ञापन
बदरीनाथ हाईवे पर ज्योतिर्मठ से मारवाड़ी के बीच सड़क किनारे पड़े पेड़ों की लकड़ी। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो
ज्योतिर्मठ-मारवाड़ी के बीच लग रहा जाम
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। बदरीनाथ हाईवे पर ज्योतिर्मठ प्रवेश द्वार से मारवाड़ी तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के बीच कटे हुए पेड़ों के अवशेष लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं। मार्ग के किनारे जगह-जगह पेड़ों के तने और शाखाएं पड़ी हैं जिससे बार-बार जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
ज्योतिर्मठ से मारवाड़ी तक करीब 10 किलोमीटर का क्षेत्र बदरीनाथ हाईवे का अत्यंत संवेदनशील हिस्सा माना जाता है। यहां सड़क कई स्थानों पर संकरी होने के साथ ही तीखी ढलानों से होकर गुजरती है। यात्रा सीजन के दौरान इस मार्ग पर वाहनों का भारी दबाव रहता है। सड़क चौड़ीकरण के लिए यहां पेड़ों का कटान किया गया था लेकिन यहां से पेड़ों के अवशेष नहीं हटाए गए। ऐसे में सड़क किनारे पड़े पेड़ों के अवशेष सुचारु यातायात में बाधक बन रहे हैं। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कमांडर कर्नल जीतेंद्र सिंह ने बताया कि इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जल्द पेड़ों के अवशेष हटाकर मार्ग को सुचारु बनाया जाएगा।
विज्ञापन
ज्योतिर्मठ-मारवाड़ी के बीच लग रहा जाम
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। बदरीनाथ हाईवे पर ज्योतिर्मठ प्रवेश द्वार से मारवाड़ी तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के बीच कटे हुए पेड़ों के अवशेष लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं। मार्ग के किनारे जगह-जगह पेड़ों के तने और शाखाएं पड़ी हैं जिससे बार-बार जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
ज्योतिर्मठ से मारवाड़ी तक करीब 10 किलोमीटर का क्षेत्र बदरीनाथ हाईवे का अत्यंत संवेदनशील हिस्सा माना जाता है। यहां सड़क कई स्थानों पर संकरी होने के साथ ही तीखी ढलानों से होकर गुजरती है। यात्रा सीजन के दौरान इस मार्ग पर वाहनों का भारी दबाव रहता है। सड़क चौड़ीकरण के लिए यहां पेड़ों का कटान किया गया था लेकिन यहां से पेड़ों के अवशेष नहीं हटाए गए। ऐसे में सड़क किनारे पड़े पेड़ों के अवशेष सुचारु यातायात में बाधक बन रहे हैं। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कमांडर कर्नल जीतेंद्र सिंह ने बताया कि इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जल्द पेड़ों के अवशेष हटाकर मार्ग को सुचारु बनाया जाएगा।
विज्ञापन