{"_id":"6a43a7b6d2583d85de05b666","slug":"students-were-taught-the-nuances-of-handwriting-karnpryag-news-c-48-kpg1001-124902-2026-06-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli News: छात्र-छात्राओं को हस्तलेखन की बारीकियां सिखाईं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli News: छात्र-छात्राओं को हस्तलेखन की बारीकियां सिखाईं
Tue, 30 Jun 2026 04:55 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 30 Jun 2026 04:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो
कर्णप्रयाग। गौचर स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में आयोजित पांच दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर का समापन हो गया। इस शिविर में राजकीय जूनियर हाईस्कूल करुली बागेश्वर के कक्षा सात और आठ के छह बच्चों ने प्रशिक्षकों की भूमिका निभाई। उन्होंने डायट प्रशिक्षुओं और स्थानीय छात्र-छात्राओं को हस्तलेखन की बारीकियां सिखाईं। लगभग 140 छात्र-छात्राओं ने इस कार्यशाला में भाग लिया।
शिविर डायट प्राचार्य आकाश सारस्वत की पहल पर आयोजित किया गया था। इसका उद्देश्य बच्चों के हस्तलेखन में सुधार लाना और उनके लेख कौशल को विकसित करना था। प्राध्यापक नरेंद्र गिरी गोस्वामी ने बताया कि मोबाइल फोन के बढ़ते उपयोग से हस्तलेखन खराब हो रहा है। इसमें लेख कौशल को विकसित करने और आत्मविश्वास बढ़ाने पर भी ध्यान दिया गया। समन्वयक डॉ. कमलेश कुमार मिश्र, दीक्षित, योगेश, बबलू बिष्ट, दीक्षा, लता और भूमिका आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
कर्णप्रयाग। गौचर स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में आयोजित पांच दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर का समापन हो गया। इस शिविर में राजकीय जूनियर हाईस्कूल करुली बागेश्वर के कक्षा सात और आठ के छह बच्चों ने प्रशिक्षकों की भूमिका निभाई। उन्होंने डायट प्रशिक्षुओं और स्थानीय छात्र-छात्राओं को हस्तलेखन की बारीकियां सिखाईं। लगभग 140 छात्र-छात्राओं ने इस कार्यशाला में भाग लिया।
शिविर डायट प्राचार्य आकाश सारस्वत की पहल पर आयोजित किया गया था। इसका उद्देश्य बच्चों के हस्तलेखन में सुधार लाना और उनके लेख कौशल को विकसित करना था। प्राध्यापक नरेंद्र गिरी गोस्वामी ने बताया कि मोबाइल फोन के बढ़ते उपयोग से हस्तलेखन खराब हो रहा है। इसमें लेख कौशल को विकसित करने और आत्मविश्वास बढ़ाने पर भी ध्यान दिया गया। समन्वयक डॉ. कमलेश कुमार मिश्र, दीक्षित, योगेश, बबलू बिष्ट, दीक्षा, लता और भूमिका आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन