{"_id":"6a32d82d31769930b001c5ed","slug":"subedar-dharam-chand-a-witness-to-the-india-pakistan-war-passes-away-champawat-news-c-229-1-alm1003-140527-2026-06-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: भारत-पाक युद्ध के गवाह रहे सूबेदार धर्म चंद का निधन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: भारत-पाक युद्ध के गवाह रहे सूबेदार धर्म चंद का निधन
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Wed, 17 Jun 2026 10:53 PM IST
विज्ञापन
सूबेदार धर्म चंद, फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बनबसा (चंपावत)। आनंदपुर निवासी सेवानिवृत्त सूबेदार धर्म चंद (75) का बीती रात्रि उनके आवास पर निधन हो गया। बुधवार सुबह बनबसा शारदा तट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके बड़े पुत्र सेवानिवृत्त सूबेदार मदन चंद और कनिष्ठ पुत्र प्रेम चंद ने मुखाग्नि दी। उनके निधन से आनंदपुर गांव, बनबसा और पूर्व सैनिकों में शोक की लहर है।
दिवंगत धर्म चंद ने सेना के मेडिकल कोर एएमसी में 24 वर्षों तक सेवाएं दी। उन्होंने वर्ष 1965, 1971 भारत-पाक युद्ध में भाग लिया था। श्रीलंका में शांति सेना में सक्रिय भूमिका निभाई। नागालैंड, मिजोरम, मणिपुर जैसे आतंकवादी क्षेत्रों में भी सेवाएं दीं। अपने जांबाज साथी के निधन पर गौरव सेनानी कल्याण समिति बनबसा टनकपुर के पूर्व सैनिकों ने दो मिनट मौन रख श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर समिति अध्यक्ष कैप्टन भानी चंद, गोविंद बल्लभ भट्ट, हरीश कापड़ी, अमर सिंह, पूर्व जिपं सदस्य पूर्व सैनिक पुष्कर दत्त कापड़ी, हवलदार बिहारी लाल खत्री, जोगेंद्र चंद, प्रदीप चंद, खटीमा के पूर्व ब्लाॅक प्रमुख देवेंद्र चंद आदि थे। संवाद
दिवंगत धर्म चंद ने सेना के मेडिकल कोर एएमसी में 24 वर्षों तक सेवाएं दी। उन्होंने वर्ष 1965, 1971 भारत-पाक युद्ध में भाग लिया था। श्रीलंका में शांति सेना में सक्रिय भूमिका निभाई। नागालैंड, मिजोरम, मणिपुर जैसे आतंकवादी क्षेत्रों में भी सेवाएं दीं। अपने जांबाज साथी के निधन पर गौरव सेनानी कल्याण समिति बनबसा टनकपुर के पूर्व सैनिकों ने दो मिनट मौन रख श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर समिति अध्यक्ष कैप्टन भानी चंद, गोविंद बल्लभ भट्ट, हरीश कापड़ी, अमर सिंह, पूर्व जिपं सदस्य पूर्व सैनिक पुष्कर दत्त कापड़ी, हवलदार बिहारी लाल खत्री, जोगेंद्र चंद, प्रदीप चंद, खटीमा के पूर्व ब्लाॅक प्रमुख देवेंद्र चंद आदि थे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन