{"_id":"6a2959d9d6ca071b3203ac4d","slug":"child-lifting-gang-busted-six-accused-including-two-women-arrested-haridwar-news-c-35-1-sdrn1005-149965-2026-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haridwar News: बच्चा चोरी गिरोह का पर्दाफाश, दो महिलाओं समेत छह आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haridwar News: बच्चा चोरी गिरोह का पर्दाफाश, दो महिलाओं समेत छह आरोपी गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Wed, 10 Jun 2026 06:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
- शनिवार की सुबह कनखल क्षेत्र से तीन साल की बच्ची को किया था अगवा
- दिल्ली रेलवे स्टेशन से चुराया डेढ़ साल का बच्चा भी बरामद
- बच्चों को चोरी कर निसंतान दंपतियों को बेचता था गिरोह
हरिद्वार। कनखल कोतवाली क्षेत्र से तीन वर्षीय मासूम बच्ची के अपहरण के मामले में पुलिस और सीआईयू की टीम ने 72 घंटे के भीतर अंतरराज्यीय बच्चा चोरी और मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो महिलाओं समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अपहृत बच्ची को सकुशल ढूंढ लिया गया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह बच्चों की चोरी कर उन्हें दो से पांच लाख रुपये में निसंतान दंपतियों को बेचता था। कार्रवाई के दौरान दिल्ली रेलवे स्टेशन से चोरी किए गए एक अन्य डेढ़ का बच्चा भी पुलिस को मिला है। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बुधवार को मायापुर स्थित एसपी सिटी कार्यालय में प्रेस वार्ता कर गिरोह का राजफाश किया। एसएसपी ने बताया कि छह जून को बैरागी कैंप स्थित झुग्गी बस्ती निवासी विनोद सोलंकी ने अपनी तीन वर्षीय पुत्री राधिका के अपहरण की सूचना कनखल कोतवाली में दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस-सीआईयू की टीमें गठित की गईं। पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग करते हुए टीमों से हर घंटे प्रगति रिपोर्ट ली गई। सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही डंप डाटा का विश्लेषण किया गया। सोशल मीडिया के माध्यम से संदिग्धों की पहचान का प्रयास शुरू किया। जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले जिसके आधार पर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में दबिशें दी गईं। पुलिस की कार्रवाई से घबराए गिरोह के कुछ सदस्य अपहृत बच्ची को दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस टीम दिल्ली पहुंची और बच्ची को सकुशल ढूंढ लिया।
एसएसपी ने बताया कि इसके बाद आरोपी मो. आकिल और उसकी पत्नी नसीमा निवासी पायती कला, मियां सातूकी मजार के पास, थाना डिडौली, जिला अमरोहा हाल एमडीए कॉलोनी एमयू यूनिवर्सिटी के पास मुरादाबाद, जुल्फेकार निवासी ग्राम दरियापुर जिला अमरोहा, धर्मेंद्र कुमार निवासी ग्राम सिकंदरपुर, थाना भोपा मुजफ्फरनगर हाल केशव नगर, शुगर मिल के सामने लक्सर, प्रीति शर्मा निवासी ग्राम भोजापुर तहसील माधौगढ़, थाना कुठौंद, जिला जालौन हाल सिकंदरपुर, थाना भोपा मुजफ्फरनगर, शिवा सिंह उर्फ गौरव निवासी मोहल्ला पचरुखी गढ़, थाना सिवान सिटी, जिला सिवान बिहार हाल झुग्गी-झोपड़ी, जटवाड़ा पुल, ज्वालापुर को गिरफ्तार कर लिया गया।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
दिल्ली से भी चोरी किया था डेढ़ साल
- एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि गिरोह ने 24 मई को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से एक अन्य बच्चे का भी अपहरण किया था। आरोपी उस बच्चे का डेढ़ लाख रुपये में सौदा कर उसे उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में बेच चुके थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए डेढ़ वर्षीय कार्तिक को भी सकुशल ढूंढ लिया है। सीडब्ल्यूसी की प्रक्रिया के बाद बच्चे को दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
गिरोह के अलग-अलग सदस्यों के पास थी जिम्मेदारी
- एसएसपी ने बताया कि गिरोह में जिम्मेदारियां बंटी हुई थीं। कुछ सदस्य बच्चों की रेकी और चोरी करते थे, जबकि अन्य उन्हें दूसरे राज्यों में ले जाकर खरीदार तलाशते थे। गिरोह के सदस्य बच्चों को अपना या अनाथ बताकर निसंतान दंपतियों को बेच देते थे। पूछताछ में सामने आया कि मोहम्मद आकिल और प्रीति शर्मा बच्चों की कीमत तय करने और सौदा कराने का काम करते थे।
- दिल्ली रेलवे स्टेशन से चुराया डेढ़ साल का बच्चा भी बरामद
- बच्चों को चोरी कर निसंतान दंपतियों को बेचता था गिरोह
हरिद्वार। कनखल कोतवाली क्षेत्र से तीन वर्षीय मासूम बच्ची के अपहरण के मामले में पुलिस और सीआईयू की टीम ने 72 घंटे के भीतर अंतरराज्यीय बच्चा चोरी और मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो महिलाओं समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अपहृत बच्ची को सकुशल ढूंढ लिया गया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह बच्चों की चोरी कर उन्हें दो से पांच लाख रुपये में निसंतान दंपतियों को बेचता था। कार्रवाई के दौरान दिल्ली रेलवे स्टेशन से चोरी किए गए एक अन्य डेढ़ का बच्चा भी पुलिस को मिला है। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बुधवार को मायापुर स्थित एसपी सिटी कार्यालय में प्रेस वार्ता कर गिरोह का राजफाश किया। एसएसपी ने बताया कि छह जून को बैरागी कैंप स्थित झुग्गी बस्ती निवासी विनोद सोलंकी ने अपनी तीन वर्षीय पुत्री राधिका के अपहरण की सूचना कनखल कोतवाली में दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस-सीआईयू की टीमें गठित की गईं। पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग करते हुए टीमों से हर घंटे प्रगति रिपोर्ट ली गई। सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही डंप डाटा का विश्लेषण किया गया। सोशल मीडिया के माध्यम से संदिग्धों की पहचान का प्रयास शुरू किया। जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले जिसके आधार पर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में दबिशें दी गईं। पुलिस की कार्रवाई से घबराए गिरोह के कुछ सदस्य अपहृत बच्ची को दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस टीम दिल्ली पहुंची और बच्ची को सकुशल ढूंढ लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसएसपी ने बताया कि इसके बाद आरोपी मो. आकिल और उसकी पत्नी नसीमा निवासी पायती कला, मियां सातूकी मजार के पास, थाना डिडौली, जिला अमरोहा हाल एमडीए कॉलोनी एमयू यूनिवर्सिटी के पास मुरादाबाद, जुल्फेकार निवासी ग्राम दरियापुर जिला अमरोहा, धर्मेंद्र कुमार निवासी ग्राम सिकंदरपुर, थाना भोपा मुजफ्फरनगर हाल केशव नगर, शुगर मिल के सामने लक्सर, प्रीति शर्मा निवासी ग्राम भोजापुर तहसील माधौगढ़, थाना कुठौंद, जिला जालौन हाल सिकंदरपुर, थाना भोपा मुजफ्फरनगर, शिवा सिंह उर्फ गौरव निवासी मोहल्ला पचरुखी गढ़, थाना सिवान सिटी, जिला सिवान बिहार हाल झुग्गी-झोपड़ी, जटवाड़ा पुल, ज्वालापुर को गिरफ्तार कर लिया गया।
दिल्ली से भी चोरी किया था डेढ़ साल
- एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि गिरोह ने 24 मई को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से एक अन्य बच्चे का भी अपहरण किया था। आरोपी उस बच्चे का डेढ़ लाख रुपये में सौदा कर उसे उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में बेच चुके थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए डेढ़ वर्षीय कार्तिक को भी सकुशल ढूंढ लिया है। सीडब्ल्यूसी की प्रक्रिया के बाद बच्चे को दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया है।
गिरोह के अलग-अलग सदस्यों के पास थी जिम्मेदारी
- एसएसपी ने बताया कि गिरोह में जिम्मेदारियां बंटी हुई थीं। कुछ सदस्य बच्चों की रेकी और चोरी करते थे, जबकि अन्य उन्हें दूसरे राज्यों में ले जाकर खरीदार तलाशते थे। गिरोह के सदस्य बच्चों को अपना या अनाथ बताकर निसंतान दंपतियों को बेच देते थे। पूछताछ में सामने आया कि मोहम्मद आकिल और प्रीति शर्मा बच्चों की कीमत तय करने और सौदा कराने का काम करते थे।