{"_id":"6a4512b2b0095546700de67c","slug":"convicted-after-eight-years-in-a-marijuana-smuggling-case-sentenced-to-three-years-in-prison-haridwar-news-c-35-1-hrd1019-150901-2026-07-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haridwar News: गांजा तस्करी मामले में आठ साल बाद दोषी करार, तीन साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haridwar News: गांजा तस्करी मामले में आठ साल बाद दोषी करार, तीन साल की सजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोशनाबाद। करीब आठ वर्ष पुराने गांजा तस्करी के मामले में विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट की अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। उसे तीन वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति समाज और देश के विकास के लिए गंभीर चुनौती है। ऐसे मामलों में किसी प्रकार की नरमी बरतना न्यायोचित नहीं माना जा सकता।
अभियोजन के अनुसार, 30 जनवरी 2018 को ज्वालापुर कोतवाली के तत्कालीन उपनिरीक्षक नितेश शर्मा पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे। आर्यनगर चौक पर नार्कोटिक्स सेल की टीम और मुखबिर से सूचना मिली कि लाल मंदिर कॉलोनी के पास एक व्यक्ति कट्टे में गांजा रखकर युवाओं को बेच रहा है। सूचना पर पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर लाल मंदिर कॉलोनी के गेट के बाहर से एक संदिग्ध को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से प्लास्टिक के बोरे में रखा 11 किलो 960 ग्राम गांजा बरामद हुआ था। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम पंकज शर्मा निवासी लाल मंदिर कॉलोनी, ज्वालापुर बताया था।
पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच पूरी करने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने स्वतंत्र गवाह नहीं होने और पुलिस कार्रवाई में खामियों का तर्क दिया। वहीं अभियोजन ने छह गवाहों के बयान और देहरादून स्थित एफएसएल की रिपोर्ट पेश की, जिसमें बरामद पदार्थ के गांजा होने की पुष्टि हुई। साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभियोजन के अनुसार, 30 जनवरी 2018 को ज्वालापुर कोतवाली के तत्कालीन उपनिरीक्षक नितेश शर्मा पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे। आर्यनगर चौक पर नार्कोटिक्स सेल की टीम और मुखबिर से सूचना मिली कि लाल मंदिर कॉलोनी के पास एक व्यक्ति कट्टे में गांजा रखकर युवाओं को बेच रहा है। सूचना पर पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर लाल मंदिर कॉलोनी के गेट के बाहर से एक संदिग्ध को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से प्लास्टिक के बोरे में रखा 11 किलो 960 ग्राम गांजा बरामद हुआ था। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम पंकज शर्मा निवासी लाल मंदिर कॉलोनी, ज्वालापुर बताया था।
विज्ञापन
पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच पूरी करने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने स्वतंत्र गवाह नहीं होने और पुलिस कार्रवाई में खामियों का तर्क दिया। वहीं अभियोजन ने छह गवाहों के बयान और देहरादून स्थित एफएसएल की रिपोर्ट पेश की, जिसमें बरामद पदार्थ के गांजा होने की पुष्टि हुई। साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
विज्ञापन