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Kotdwar News: लैंसडौन में छावनी परिषद का मुसाफिरखाना बन गया मालखाना

संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार Updated Mon, 22 Jun 2026 04:14 PM IST
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Cantonment Board's travellers' lodge in Lansdowne turned into a storehouse for seized goods.
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अग्निवीर और पर्यटक विश्राम के लिए भटकने को मजबूर

कमरे नहीं मिलने पर खुले आसमान के नीचे बीता रहे रात
लैंसडौन। छावनी परिषद की ओर से बनाए गए मुसाफिरखाना (यात्री शेड) का उपयोग अब मालखाना (गोदाम) के रूप में होने लगा है। होटल, रिजॉर्ट्स आदि में भी कमरे नहीं मिलने पर ऐसे लोगों को खुले आसमान के नीचे रात गुजारने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
भीषण गर्मी के दौरान रोजाना सैकड़ों पर्यटक लैंसडौन पहुंचते हैं। वहीं, इन दिनों सेना में भर्ती हुए अग्निवीर नियुक्तिपत्र लेने के लिए लैंसडौन पहुंचे हैं। ऐसे में लैंसडौन और आसपास के क्षेत्रों में होटलों एवं रिजॉर्ट्स में कमरे बुक कराने को लेकर मारामारी मची है। बड़ी संख्या में लोगों को कमरे नहीं मिल पा रहे हैं।
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बता दें कि वर्ष 1915 के आसपास गांधी चौक (छोटा परेड ग्राउंड) क्षेत्र में काफी बड़ा खुला टिनशेड बनाया गया था। इस टिनशेड में फेरी वाले व छोटे व्यवसायी के साथ ही बाहर से आने वाले यात्री विश्राम करते थे। यह शेड मुसाफिरों को धूप और बारिश से बचाता था।
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वर्ष 2013-14 में सांसद सतपाल महाराज की ओर से स्वीकृत छह लाख रुपये की सांसद निधि से यात्री शेड का पुर्ननिर्माण कराया गया था। वर्ष 2015 में नया यात्री शेड बनकर तैयार हो गया था। वर्ष 2022 में इसे पर्यटन पुलिस चौकी के लिए पुलिस को दे दिया गया था। वर्ष 2025 में छावनी परिषद द्वारा यात्री शेड को यह कहते हुए खाली करवा लिया गया था कि इस यात्री शेड का उपयोग यात्रियों की सुविधाओं के लिए किया जाना है लेकिन पुलिस से स्थान खाली करवाने के बाद से अब इसका उपयोग गोदाम के रूप में किया जा रहा है। यात्री शेड में कैंट के ठेकेदार के सीमेंट के बैग रखे गए हैं। इतना ही नहीं यहां लावारिस कुत्तों ने डेरा जमा लिया है।

छावनी परिषद के अंतर्गत निर्माण कार्य गतिमान है। यात्री शेड में भी मरम्मत कार्य किया जाना है। इस कारण यात्री शेड में सहूलियत के हिसाब से निर्माण सामग्री एकत्र की गई है। -आनंद दास, सहायक अभियंता, छावनी परिषद लैंसडौन।
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