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Kotdwar News: नदियों के किनारे निर्माण से दुगड्डा पर भी मंडराया खतरा
Sun, 30 Aug 2026 05:10 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sun, 30 Aug 2026 05:10 PM IST
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सिलगाड़ और लंगूरगाड़ का तटीय क्षेत्र अतिसंवेदनशील
दुगड्डा (कोटद्वार)। लंगूरगाड़ और सिलगाड़ नदियों के बीच बसा दुगड्डा नगर एक बार फिर बाढ़ के खतरे की जद में है। नदियों के तटबंध टूटे तो नगर के आवासीय भवनों को बचाना चुनौती बन सकता है।
दुगड्डा क्षेत्र में नदियों के किनारे बड़े पैमाने पर हो रहे निर्माण और अनियंत्रित खनन-चुगान के कारण नदियों का स्पान (चौड़ाई) कम हो रहा है। नदी का बहाव तटबंधों की ओर हो रहा है। तटबंधों की नींव कमजोर पड़ रही है और इनके क्षतिग्रस्त होने का खतरा बढ़ गया है। प्रमुख व्यापारिक मंडी के रूप में पहचान रखने वाला दुगड्डा यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र की एकमात्र पालिका है।
लगूरगाड़ और सिलगाड़ नदी के संगम पर बसे नगर की सुरक्षा के लिए पालिका की ओर से समय-समय पर तटबंधों का निर्माण कराया जाता रहा है। वर्तमान में कमला नेहरू वार्ड में सिलगाड़ नदी का तटीय क्षेत्र और सुभाष बाजार वार्ड में आदर्श विद्यालय जीआईसी के ऑडिटोरियम से शनि मंदिर के बीच लंगूरगाड़ नदी का तटवर्ती क्षेत्र अति संवेदनशील माना जा रहा है।
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नदियों के किनारे भवन निर्माण मानकों के अनुरूप किया जाना जरूरी है। बाढ़ सुरक्षा के लिए करीब एक करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट स्वीकृति के लिए शासन को भेजे गए हैं। राजस्व विभाग की आख्या मिलने के बाद शासन से इन परियोजनाओं को स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
- गौरी शंकर भंडारी, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग दुगड्डा।
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दुगड्डा (कोटद्वार)। लंगूरगाड़ और सिलगाड़ नदियों के बीच बसा दुगड्डा नगर एक बार फिर बाढ़ के खतरे की जद में है। नदियों के तटबंध टूटे तो नगर के आवासीय भवनों को बचाना चुनौती बन सकता है।
दुगड्डा क्षेत्र में नदियों के किनारे बड़े पैमाने पर हो रहे निर्माण और अनियंत्रित खनन-चुगान के कारण नदियों का स्पान (चौड़ाई) कम हो रहा है। नदी का बहाव तटबंधों की ओर हो रहा है। तटबंधों की नींव कमजोर पड़ रही है और इनके क्षतिग्रस्त होने का खतरा बढ़ गया है। प्रमुख व्यापारिक मंडी के रूप में पहचान रखने वाला दुगड्डा यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र की एकमात्र पालिका है।
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लगूरगाड़ और सिलगाड़ नदी के संगम पर बसे नगर की सुरक्षा के लिए पालिका की ओर से समय-समय पर तटबंधों का निर्माण कराया जाता रहा है। वर्तमान में कमला नेहरू वार्ड में सिलगाड़ नदी का तटीय क्षेत्र और सुभाष बाजार वार्ड में आदर्श विद्यालय जीआईसी के ऑडिटोरियम से शनि मंदिर के बीच लंगूरगाड़ नदी का तटवर्ती क्षेत्र अति संवेदनशील माना जा रहा है।
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नदियों के किनारे भवन निर्माण मानकों के अनुरूप किया जाना जरूरी है। बाढ़ सुरक्षा के लिए करीब एक करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट स्वीकृति के लिए शासन को भेजे गए हैं। राजस्व विभाग की आख्या मिलने के बाद शासन से इन परियोजनाओं को स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
- गौरी शंकर भंडारी, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग दुगड्डा।