{"_id":"69e23a580a763120fa01fa3b","slug":"the-move-to-rename-lansdowne-has-stirred-up-a-commotion-among-the-people-kotdwar-news-c-49-1-kdr1001-123083-2026-04-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: लैंसडौन के नाम परिवर्तन की कवायद से लोगों में बढ़ी हलचल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: लैंसडौन के नाम परिवर्तन की कवायद से लोगों में बढ़ी हलचल
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Fri, 17 Apr 2026 07:19 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
समाज के अलग-अलग वर्ग के लोगों ने नाम परिवर्तन की कोशिशों को बताया बेवजह का काम
लैंसडौन। लैंसडौन का नाम परिवर्तन को लेकर रक्षा मंत्रालय की ओर से शुरू की गई कवायद से नगर व आसपास के क्षेत्रों में हलचल बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों के अलावा निकटवर्ती क्षेत्रों से भी लैंसडौन का नाम परिवर्तन को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं।
अखिल भारतीय कैंट सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य हितेश शर्मा ने कहा कि नाम परिवर्तन से सरकार को दस्तावेजी कार्यवाही में करोड़ों की राशि खर्च करनी पड़ेगी जिसका बोझ लोगों पर ही पड़ेगा। पीड़ा कंदोली क्षेत्र के हिमांशु रावत ने कहा कि लैंसडौन के नाम परिवर्तन से न तो युवाओं को रोजगार मिलेगा और न ही लोगों की आर्थिकी सुधरेगी। फिर ये बेवजह का काम क्यों किया जा रहा है। असनखेत ग्रामीण क्षेत्र के ज्ञानेश्वर खंतवाल ने कहा कि लैंसडौन के नाम परिवर्तन से सरकार लोगों को फिर कागजी दस्तावेजों की लाइनों में खड़ा करवाना चाहती है।
धोबीघाट क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता व ज्येष्ठ प्रमुख अजय पाल ने कहा कि उनकी शिक्षा लैंसडौन के विद्यालयों में हुई। उनकी तहसील लैंसडौन है। नाम परिवर्तन से उन्हें निजी दस्तावेज ठीक करवाने के लिए फिर से लाइनों में खड़ा होना पड़ेगा जिससे उनके धन व समय की बर्बादी होगी। वीर जसवंत सिंह के नाम से नगर व आसपास आधुनिक चिकित्सा केंद्र की स्थापना की जानी चाहिए, जिससे लोगों को चिकित्सा सुविधाएं निकट में ही मिल सकें।
Trending Videos
लैंसडौन। लैंसडौन का नाम परिवर्तन को लेकर रक्षा मंत्रालय की ओर से शुरू की गई कवायद से नगर व आसपास के क्षेत्रों में हलचल बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों के अलावा निकटवर्ती क्षेत्रों से भी लैंसडौन का नाम परिवर्तन को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं।
अखिल भारतीय कैंट सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य हितेश शर्मा ने कहा कि नाम परिवर्तन से सरकार को दस्तावेजी कार्यवाही में करोड़ों की राशि खर्च करनी पड़ेगी जिसका बोझ लोगों पर ही पड़ेगा। पीड़ा कंदोली क्षेत्र के हिमांशु रावत ने कहा कि लैंसडौन के नाम परिवर्तन से न तो युवाओं को रोजगार मिलेगा और न ही लोगों की आर्थिकी सुधरेगी। फिर ये बेवजह का काम क्यों किया जा रहा है। असनखेत ग्रामीण क्षेत्र के ज्ञानेश्वर खंतवाल ने कहा कि लैंसडौन के नाम परिवर्तन से सरकार लोगों को फिर कागजी दस्तावेजों की लाइनों में खड़ा करवाना चाहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
धोबीघाट क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता व ज्येष्ठ प्रमुख अजय पाल ने कहा कि उनकी शिक्षा लैंसडौन के विद्यालयों में हुई। उनकी तहसील लैंसडौन है। नाम परिवर्तन से उन्हें निजी दस्तावेज ठीक करवाने के लिए फिर से लाइनों में खड़ा होना पड़ेगा जिससे उनके धन व समय की बर्बादी होगी। वीर जसवंत सिंह के नाम से नगर व आसपास आधुनिक चिकित्सा केंद्र की स्थापना की जानी चाहिए, जिससे लोगों को चिकित्सा सुविधाएं निकट में ही मिल सकें।

कमेंट
कमेंट X