Uk: गर्जिया मंदिर परिसर में दूसरी मूर्ति रखने पर विवाद, मंदिर समिति ने एसडीम और डीएफओ को सौंपा शिकायती पत्र
रामनगर के प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर परिसर में देर रात हनुमान जी की मूर्ति रखने का मामला सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। मंदिर समिति ने उपजिलाधिकारी और प्रभागीय वनाधिकारी को लिखित शिकायती पत्र सौंपा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रामनगर के प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर परिसर में सोमवार देर रात मंदिर परिसर के अखंड धूनी चबूतरे पर हनुमान जी की मूर्ति रखने का मामला सामने आया है। सुबह मामले की जानकारी पुजारियों और मंदिर समिति को चली। गर्जिया देवी मंदिर समिति के सचिव दीप कुमार जोशी ने कहा कि पूर्व में भी यहां मंदिर में मूर्ति स्थापित करने का प्रयास किया था। आरोप लगाया कि सोमवार देर रात को इस घटना को फिर अंजाम दिया गया है। उन्होंने बताया कि मंदिर में पहले से ही हनुमान जी की मूर्ति मौजूद है। बावजूद इसके अवैध तरीके से यहां मूर्ति स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।
मामले में श्री गिरिजा देवी मंदिर समिति ने उपजिलाधिकारी और प्रभागीय वनाधिकारी रामनगर को लिखित शिकायती पत्र सौंपा है। उनके मुताबिक मंदिर समिति के कर्मचारी उमेश पवार ने बताया कि सूरज चौधरी नाम के व्यक्ति ने साथियों के साथ यहां आकर मूर्ति रख दी।
समिति ने कहा कि पूर्व में इन लोगों ने गलत तरीके से मंदिर में बिना समिति और वन विभाग की अनुमति के ऐसा ही प्रयास किया था। चार अप्रैल 2025 को आपातकालीन बैठक में तीव्र विरोध के बाद उपजिलाधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी ने कहा था कि मूर्ति नहीं लगाई जा सकती है। उपजिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि मामले में वन विभाग और पुलिस को जांच करने के निर्देश दिए हैं। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान पुजारी मनोज पांडेय, कोषाध्यक्ष डॉ. निशांत पपनै आदि मौजूद रहे। संवाद
आरोपी ने मुझे धोखे में रखा और कहा कि मंदिर समिति और वन विभाग से मूर्ति रखने की अनुमति मिल गई है, जबकि ऐसा नहीं था। मंदिर समिति से मामले में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने को कहा गया है। - गोपाल सिंह चौहान, उपजिलाधिकारी रामनगर।