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व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति ठप: स्ट्रीट फूड कारोबार पर गैस संकट, तंदूर व स्टोव का इस्तेमाल कर रहे विक्रेता

माई सिटी रिपोर्टर Published by: गायत्री जोशी Updated Thu, 19 Mar 2026 10:01 AM IST
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सार

हल्द्वानी में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति ठप होने स्ट्रीट फूड विक्रेताओं का कारोबार प्रभावित हुआ। हालांकि अब विक्रेता मजबूरी में स्टोव और तंदूर सहारे काम चला रहे हैं।

Haldwani's street food business faces gas crisis due to non-supply of commercial cylinders
व्यावसायिक गैस सिलिंडर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

 

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हल्द्वानी में स्ट्रीट फूड कारोबार पर गैस संकट ने सीधा हमला बोल दिया है। व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति ठप होते ही सैकड़ों ठेले बंद हो गए और शहर के कई मशहूर फूड स्पॉट सूने पड़ गए। हालांकि अब विक्रेता मजबूरी में स्टोव और तंदूर का सहारा लेकर फिर से लौट रहे हैं लेकिन बढ़ती लागत और सीमित संसाधनों के बीच उनका संघर्ष जारी है। कुछ कारोबारी ब्लैक में सिलिंडर लेकर काम चलाने पर मजबूर हैं

ईरान और इस्राइल के युद्ध के कारण पिछले दिनों सरकार ने व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। सिलिंडर न मिलने के कारण शहर के अलग-अलग हिस्सों में कारोबार करने वाले पांच सौ से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेताओं का धंधा बंद हो गया था। इसके चलते यहां तिकोनियां, नैनीताल रोड, ठंडी सड़क, मुखानी चौराहा समेत अन्य जगहों पर सन्नाटा पसर गया था। बीते दिनों सरकार से पूरे प्रदेश में रोजाना 2,650 व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति की एसओपी जारी की थी लेकिन इससे कारोबारियों को राहत नहीं मिली। इसके बाद अधिकतर स्ट्रीट फूट कारोबारियों ने रोजी-रोटी चलाने के लिए तंदूर और स्टोव में खाना पकाना शुरू कर दिया है।
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व्यावसायिक सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। कुछ खाना घर से बनाकर ला रहे हैं और कुछ यहां मौके पर तंदूर में बना रहे हैं। घर में भी इंडक्शन पर खाना बन रहा है। - कमल बेलवाल तिकोनिया

व्यावसायिक सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। कुछ लोग 1800 के व्यावसायिक सिलिंडर को 2500 रुपये में ब्लैक कर रहे हैं। छोले, चना जैसी दालों को तंदूर में उबाल रहे हैं। - बंटी कश्यप तिकोनिया

कुछ सिलिंडर भराकर पहले से रखे थे, उन्हीं से काम चला रहे हैं। विकल्प के तौर पर दुकान में तंदूर भी लगाया है। 3500 का तंदूर 5000 रुपये में खरीदा है। - अमरजीत सिंह तिकोनिया

दस तारीख को सिलिंडर बुक कराया था लेकिन अभी तक मिला नहीं है। घर में रखे पुराने स्टोव पर खाना बना रहा हूं। केरोसिन नहीं मिल रहा है तो डीजल का उपयोग कर रहे हैं। - हेमंत बिष्ट, कृष्णा अस्पताल के पास

लकड़ी और कोयला हुआ महंगा तो खाने के बढ़ाए दाम
कुकिंग गैस के विकल्प के रूप में इस्तेमाल की जा रही लकड़ी और कोयले के दाम बढ़े तो स्ट्रीट फूड विक्रेताओं ने खाद्य पदार्थों की कीमतें भी बढ़ा दी है। ऐसे में दस रुपये की चाय अब 15-20 रुपये, राजमा चावल 60 की जगह 80 रुपये में और पराठे 20 रुपये के स्थान पर 30 रुपये में मिल रहा है। इसी तरह अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतें भी बढ़ी हैं।

बुकिंग के साथ केवाईसी कराने पहुंच रहे हैं उपभोक्ता
शहर की गैस एजेंसियों में उपभोक्ताओं की भीड़ नजर आ रही है। इनमें से अधिकतर उपभोक्ता या तो सिलिंडर बुक कराने पहुंच रहे हैं या फिर कनेक्शन की केवाईसी कराने। भारत गैस एजेंसी के संचालक त्रिलोक सिंह बोरा ने बताया कि कई लोगों ने अपने कनेक्शन पर पिछले काफी समय से सिलिंडर बुक नहीं कराया है। ऐसे लोग इधर उधर से सिलिंडर की व्यवस्था कर काम चला लेते थे। अब कुकिंग गैस की किल्लत की खबरें सुनने के बाद वह भी कनेक्शन की केवाईसी कराने पहुंच रहे हैं।

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