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नैनीताल की पहाड़ियां हुईं बेकाबू: कैलाखान में भू-कटाव, बोल्डर गिरने से कांपा कृष्णापुर, लोग घरों से दौड़े बाहर
Wed, 02 Sep 2026 05:38 PM IST
Heera
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: Heera
Updated Wed, 02 Sep 2026 05:38 PM IST
सार
नैनीताल की कैलाखान पहाड़ी में भारी बारिश के बाद भू-कटाव और भूस्खलन हो गया। बोल्डर व मलबा गिरने की इतनी भयावह आवाज थी कि कृष्णापुर क्षेत्र के लोग दहशत में आकर घरों से बाहर निकल आए।
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पहाड़ी में भारी भूस्खलन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नैनीताल की संवेदनशील पहाड़ियां एक बार फिर खतरे का संकेत दे रही हैं। जिस बलियानाला पहाड़ी के एक हिस्से में करोड़ों रुपये खर्च कर भूस्खलन रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं, उसी के दूसरी ओर कैलाखान की पहाड़ी में भारी भू-कटाव ने शहर की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को मूसलधार बारिश के बीच कैलाखान की पहाड़ी का बड़ा हिस्सा भूस्खलन की चपेट में आ गया। मलबा और बोल्डर गिरने की तेज आवाज इतनी भयावह थी कि कृष्णापुर क्षेत्र के लोग घरों से बाहर निकल आए।
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क्षेत्रवासियों के अनुसार कैलाखान की पहाड़ी की तलहटी में नाले के पानी ने बड़े पैमाने पर कटाव कर दिया है। इससे पहाड़ी का आधार कमजोर होता जा रहा है। पूर्व सभासद डीएन भट्ट ने बताया कि पहले उन्हें बलियानाला में भूस्खलन की आशंका हुई, लेकिन बारिश थमने के बाद सामने कैलाखान की पहाड़ी के बड़े हिस्से में भूस्खलन दिखाई दिया। उनका कहना है कि समय रहते रोकथाम नहीं की गई तो स्थिति गंभीर हो सकती है। उन्होंने कहा कि जब बलियानाला में एक ओर पहाड़ी को बचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तो दूसरी ओर नाले के पानी से लगातार कट रही कैलाखान पहाड़ी की सुध कब ली जाएगी।
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तलहटी का कटाव इसी तरह जारी रहा तो ऊपर स्थित आलूखेत, छावनी परिषद के आवास, हैलीपैड और भवाली रोड तक खतरे की जद में आ सकते हैं। बड़े भूस्खलन की स्थिति में सड़क और आसपास के क्षेत्र को नुकसान से इनकार नहीं किया जा सकता। मामले में एसडीएम नवाजिश खलिक ने बताया कि कैलाखान आलूखेत पूर्व से ही भूस्खलन जोन है। भूस्खलन की सूचना पर विभागीय टीम को मौके के निरीक्षण के लिए भेजा गया है। संबंधित विभागों को रोकथाम के लिए तत्काल प्रस्ताव तैयार कर प्रशासन और शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल आबादी क्षेत्र को खतरा नहीं है, लेकिन जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थान पर विस्थापित किया जाएगा।
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