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Pauri News: प्रशासन ने बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल की तैयारियां शुरू की
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Thu, 08 Jan 2026 04:59 PM IST
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कोटद्वार के सनेह क्षेत्र में बर्ड वॉचिंग करते पर्यटक- स्रोत सूचना विभाग,फाइल फोटो।
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प्रशासन ने बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल की तैयारियां शुरू की
पौड़ी। जिला प्रशासन ने कोटद्वार के सनहे क्षेत्र में होने वाले दो दिवसीय बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल की तैयारियां शुरू कर दी हैं। फेस्टिवल में भ्रमण, बर्ड-वॉक, बर्ड फोटोग्राफी प्रदर्शनी, पक्षी पहचान व संरक्षण पर आधारित गतिविधियाें के साथ ही छात्राें के लिए जागरूकता कार्यक्रम और स्वयं सहायता समूहों की ओर से स्थानीय उत्पादों के स्टॉल लगाए जाएंगे।
डीएम स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि प्राकृतिक विरासत और जैव विविधता के संरक्षण के लिए यह अहम पहल है। फेस्टिवल 31 जनवरी व एक फरवरी को आयोजित होगा। डीएफओ लैंसडौन जीवन मोहन दगाड़े ने बताया कि सनेह जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण वन क्षेत्र है, जहां स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों की अनेक दुर्लभ प्रजातियां पाई जाती हैं। इस महोत्सव से वन व वन्यजीव संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ेगी। वन विभाग की ओर से इस आयोजन के दौरान पक्षी संरक्षण, प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा और जैव विविधता के महत्व पर विशेष जानकारी दी जाएगी। जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी ने बताया कि इसके जरिये जनपद में ईको टूरिज्म और बर्ड-वॉचिंग पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ क्षेत्र की जैव विविधता को व्यापक पहचान दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इस आयोजन में जिले के स्थानीय लोगों के साथ ही प्रदेश एवं अन्य प्रांतों के अनुभवी बर्ड वॉचर भी प्रतिभाग करेंगे।
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पौड़ी। जिला प्रशासन ने कोटद्वार के सनहे क्षेत्र में होने वाले दो दिवसीय बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल की तैयारियां शुरू कर दी हैं। फेस्टिवल में भ्रमण, बर्ड-वॉक, बर्ड फोटोग्राफी प्रदर्शनी, पक्षी पहचान व संरक्षण पर आधारित गतिविधियाें के साथ ही छात्राें के लिए जागरूकता कार्यक्रम और स्वयं सहायता समूहों की ओर से स्थानीय उत्पादों के स्टॉल लगाए जाएंगे।
डीएम स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि प्राकृतिक विरासत और जैव विविधता के संरक्षण के लिए यह अहम पहल है। फेस्टिवल 31 जनवरी व एक फरवरी को आयोजित होगा। डीएफओ लैंसडौन जीवन मोहन दगाड़े ने बताया कि सनेह जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण वन क्षेत्र है, जहां स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों की अनेक दुर्लभ प्रजातियां पाई जाती हैं। इस महोत्सव से वन व वन्यजीव संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ेगी। वन विभाग की ओर से इस आयोजन के दौरान पक्षी संरक्षण, प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा और जैव विविधता के महत्व पर विशेष जानकारी दी जाएगी। जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी ने बताया कि इसके जरिये जनपद में ईको टूरिज्म और बर्ड-वॉचिंग पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ क्षेत्र की जैव विविधता को व्यापक पहचान दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इस आयोजन में जिले के स्थानीय लोगों के साथ ही प्रदेश एवं अन्य प्रांतों के अनुभवी बर्ड वॉचर भी प्रतिभाग करेंगे।
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