{"_id":"6a104f2809bb4baa6c0dcbcc","slug":"pilgrims-and-locals-are-facing-difficulties-due-to-lack-of-parking-in-devprayag-shrinagar-news-c-53-1-sri1002-122914-2026-05-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pauri News: देवप्रयाग में पार्किंग के अभाव में परेशानी झेल रहे तीर्थयात्री व स्थानीय लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pauri News: देवप्रयाग में पार्किंग के अभाव में परेशानी झेल रहे तीर्थयात्री व स्थानीय लोग
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Fri, 22 May 2026 06:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
देवप्रयाग। संगम नगरी देवप्रयाग में पार्किंग व्यवस्थाओं की उचित व्यवस्था न होने से चारधाम यात्रियों और स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों को वाहन पार्क करने में भारी मसक्कत करनी पड़ रही है। स्थिति यह है कि पुख्ता पार्किंग व्यवस्था न होने से यात्री मजबूरन अपने वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग और मुख्य सड़कों के किनारे पार्क कर रहे हैं। इसके चलते चारधाम यात्रा मार्ग पर आए दिन जाम की स्थिति बन रही है। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए प्रदेश के दो-दो मुख्यमंत्री मंचों से बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर चुके हैं, लेकिन धरातल पर नतीजा अब तक शून्य ही रहा है।
सरकारी उदासीनता का आलम यह है कि पिछले दो वर्ष पूर्व आनन-फानन में पांच हजार वाहनों की क्षमता वाली एक भव्य भूमिगत पार्किंग की योजना बनाई गई थी। तहसील मुख्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में रेलवे विकास निगम के नेतृत्व में नागराजा मंदिर के समीप इसके लिए जमीन भी चिह्नित करने पर सहमति दी गई थी। बावजूद अब तक यह पूरी योजना तकनीकी मोर्चे पर फेल साबित हो चुकी है। भूगर्भीय विशेषज्ञों की जांच में उक्त चयनित भूमि को पार्किंग निर्माण के लिए असुरक्षित बताया गया। इसके बाद से प्रशासन ने नए सिरे से जमीन तलाशने की बात कही थी। प्रमोद टोडरिया और विकास ध्यानी का कहना है कि पार्किंग न होने से लोगों को सड़कों के किनारे वाहन पार्क करने को मजबूर होना पड़ रहा है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राहुल भंडारी ने बताया कि कुछ समय पूर्व विकास प्राधिकरण, एसडीएम व नगर पालिका की ओर से पार्किंग स्थल का संयुक्त निरीक्षण किया गया, रिपोर्ट के आधार पर पार्किंग के निर्माण की आग की कार्रवाई होगी।
कोट--
नगर में पार्किंग के अभाव में कई तरह की दिक्कतें हो रही हैं। पूर्व में भी कई बार स्थानीय लोग इस मुद्दे को उठा चुके हैं, बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए यहां पर पार्किंग का निर्माण होना जरूरी है।
विज्ञापन
राहुल कोटियाल, सभासद, नगर पालिका परिषद देवप्रयाग।
-- -
पूर्व में बस स्टेशन के पास बने पुराने पुल पर दो मंजिला पार्किंग बनाने की लिए जगह देखी गई थी, लेकिन उसके बाद इस मामले में कोई कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पाई। जन सुविधा को देखते हुए यहां पर दो मंजिला पार्किंग का निर्माण होना चाहिए।
विनोद टोडरिया, स्थानीय निवासी।
सरकारी उदासीनता का आलम यह है कि पिछले दो वर्ष पूर्व आनन-फानन में पांच हजार वाहनों की क्षमता वाली एक भव्य भूमिगत पार्किंग की योजना बनाई गई थी। तहसील मुख्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में रेलवे विकास निगम के नेतृत्व में नागराजा मंदिर के समीप इसके लिए जमीन भी चिह्नित करने पर सहमति दी गई थी। बावजूद अब तक यह पूरी योजना तकनीकी मोर्चे पर फेल साबित हो चुकी है। भूगर्भीय विशेषज्ञों की जांच में उक्त चयनित भूमि को पार्किंग निर्माण के लिए असुरक्षित बताया गया। इसके बाद से प्रशासन ने नए सिरे से जमीन तलाशने की बात कही थी। प्रमोद टोडरिया और विकास ध्यानी का कहना है कि पार्किंग न होने से लोगों को सड़कों के किनारे वाहन पार्क करने को मजबूर होना पड़ रहा है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राहुल भंडारी ने बताया कि कुछ समय पूर्व विकास प्राधिकरण, एसडीएम व नगर पालिका की ओर से पार्किंग स्थल का संयुक्त निरीक्षण किया गया, रिपोर्ट के आधार पर पार्किंग के निर्माण की आग की कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोट
नगर में पार्किंग के अभाव में कई तरह की दिक्कतें हो रही हैं। पूर्व में भी कई बार स्थानीय लोग इस मुद्दे को उठा चुके हैं, बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए यहां पर पार्किंग का निर्माण होना जरूरी है।
Trending Videos
राहुल कोटियाल, सभासद, नगर पालिका परिषद देवप्रयाग।
पूर्व में बस स्टेशन के पास बने पुराने पुल पर दो मंजिला पार्किंग बनाने की लिए जगह देखी गई थी, लेकिन उसके बाद इस मामले में कोई कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पाई। जन सुविधा को देखते हुए यहां पर दो मंजिला पार्किंग का निर्माण होना चाहिए।
विनोद टोडरिया, स्थानीय निवासी।