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Pauri News: शिक्षकों ने बुझाई 50 हेक्टेयर जंगल की आग
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Sat, 23 May 2026 03:32 PM IST
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जान जोखिम में डालकर जलने से बचाया संस्कृत विवि का परिसर
चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू
देवप्रयाग में शिक्षकों ने जान जोखिम में डालकर बुझाई जंगल की आग, संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर बचाया
देवप्रयाग। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर के शिक्षकों ने करीब 50 हेक्टेयर जंगल में लगी भीषण आग पर काबू पाया है। सबदरखाल की ओर से लगी आग तेजी से विवि परिसर की तरफ बढ़ रही थी जिससे परिसर में अफरातफरी और धुएं के कारण घुटनभरा माहौल बन गया था।
सूचना मिलने पर वन विभाग की ओर से दो फॉरेस्ट गार्ड मौके पर पहुंचे लेकिन दुर्गम पहाड़ी रास्ते और खड़ी चढ़ाई के कारण आग तक पहुंचना आसान नहीं था। हालात की गंभीरता को देखते हुए परिसर निदेशक प्रो. पीवीबी सुब्रह्मण्यम ने स्वयं शिक्षकों की टीम बनाकर मोर्चा संभाला। टीम ने नृसिंह मंदिर के नीचे आग प्रभावित क्षेत्र तक पहुंच बनाई।
चीड़ की सूखी पत्तियों और घास के कारण आग तेजी से फैल रही थी। शुक्रवार को वन विभाग के कर्मचारियों नरोत्तम प्रसाद और मुकेश नेगी के निर्देशन में शिक्षकों ने शाम छह बजे से रात दस बजे तक लगातार आग बुझाने का अभियान चलाया। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाकर विश्वविद्यालय परिसर को सुरक्षित बचा लिया गया।
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आग बुझाने में डॉ. वीरेंद्र सिंह बर्त्वाल, डॉ. सुरेश शर्मा, डॉ. सुखदेव सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. सूर्यकांत चौबे, करुण कुमार, दिगंबर रतूड़ी, सुनील गोदियाल और संपदा अधिकारी उमाकांत भट्ट शामिल रहे।निदेशक प्रो. सुब्रह्मण्यम ने कहा कि शिक्षकों ने बिना संसाधनों के जिस साहस और समर्पण के साथ परिसर को बचाया वह प्रेरणादायक है। उन्होंने बताया कि भविष्य में दावानल से बचाव के लिए परिसर सीमा पर 18 फुट चौड़ा सीमेंट मार्ग बनाया जाएगा। वहीं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने भी पूरी टीम के साहस की सराहना की है।
चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू
देवप्रयाग में शिक्षकों ने जान जोखिम में डालकर बुझाई जंगल की आग, संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर बचाया
देवप्रयाग। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर के शिक्षकों ने करीब 50 हेक्टेयर जंगल में लगी भीषण आग पर काबू पाया है। सबदरखाल की ओर से लगी आग तेजी से विवि परिसर की तरफ बढ़ रही थी जिससे परिसर में अफरातफरी और धुएं के कारण घुटनभरा माहौल बन गया था।
सूचना मिलने पर वन विभाग की ओर से दो फॉरेस्ट गार्ड मौके पर पहुंचे लेकिन दुर्गम पहाड़ी रास्ते और खड़ी चढ़ाई के कारण आग तक पहुंचना आसान नहीं था। हालात की गंभीरता को देखते हुए परिसर निदेशक प्रो. पीवीबी सुब्रह्मण्यम ने स्वयं शिक्षकों की टीम बनाकर मोर्चा संभाला। टीम ने नृसिंह मंदिर के नीचे आग प्रभावित क्षेत्र तक पहुंच बनाई।
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चीड़ की सूखी पत्तियों और घास के कारण आग तेजी से फैल रही थी। शुक्रवार को वन विभाग के कर्मचारियों नरोत्तम प्रसाद और मुकेश नेगी के निर्देशन में शिक्षकों ने शाम छह बजे से रात दस बजे तक लगातार आग बुझाने का अभियान चलाया। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाकर विश्वविद्यालय परिसर को सुरक्षित बचा लिया गया।
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आग बुझाने में डॉ. वीरेंद्र सिंह बर्त्वाल, डॉ. सुरेश शर्मा, डॉ. सुखदेव सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. सूर्यकांत चौबे, करुण कुमार, दिगंबर रतूड़ी, सुनील गोदियाल और संपदा अधिकारी उमाकांत भट्ट शामिल रहे।निदेशक प्रो. सुब्रह्मण्यम ने कहा कि शिक्षकों ने बिना संसाधनों के जिस साहस और समर्पण के साथ परिसर को बचाया वह प्रेरणादायक है। उन्होंने बताया कि भविष्य में दावानल से बचाव के लिए परिसर सीमा पर 18 फुट चौड़ा सीमेंट मार्ग बनाया जाएगा। वहीं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने भी पूरी टीम के साहस की सराहना की है।