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Pithoragarh News: कुमाऊंनी, गढ़वाली को मिले आठवीं अनुसूची में स्थान
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 22 Jun 2026 10:54 PM IST
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पिथौरागढ़ । आदलि कुशलि मासिक पत्रिका की ओर से आयोजित कुमाऊंनी भाषा सम्मेलन में वक्ताओं ने कुमाऊंनी, गढ़वाली को संविधान की आठवीं अनुसूची में स्थान दिलाने की वकालत की।
सोमवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित सम्मेलन के दूसरे दिन डाॅ. हयात सिंह रावत ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब जम्मू-कश्मीर से दो भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में स्थान मिल सकता है तो उत्तराखंड से क्यों नहीं।
उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी लोगों को मिलजुल कर एक मंच से आवाज उठानी होगी। केएस रावत, लोकेश नवानी, शांति प्रसाद जिज्ञासु ने भी विचार रखे। गोष्ठी के बाद कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
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यहां कुमाऊंनी, गढ़वाली, जौनसारी, रवांल्टी और नेपाली भाषा के कवियों ने अपनी स्वरचित कविताएं सुनाईं। इस मौके पर संपादक डॉ. सरस्वती कोहली, डॉ. अशोक पंत, हर्षिता पुनेठा, दिनेश पंत, किशोर पंत, चिंतामणि जोशी, दिनेश भट्ट, नीरज जोशी, डॉ. आनंदी जोशी, शिव दत्त पांडे, उमा पाटनी, अनीता जोशी आदि थे।
ऐपण प्रतियोगिता में रितिका प्रथम
सम्मेलन के दौरान स्कूली बच्चों को कुमाऊंनी भाषा से जोड़ने के लिए मानस एकेडमी सिटी कैंपस में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। ऐपण प्रतियोगिता में रितिका टम्टा, आस्था पुनेठा व दीक्षा जोशी ने क्रमश: पहला, दूसरा, तीसरा स्थान प्राप्त किया। कविता पाठ जूनियर वर्ग में सिद्धार्थ बोहरा और सीनियर में उर्वशी नगरकोटी प्रथम रहीं। लोककथा वाचन में पूर्वी चंद व तेजस जोशी पहले स्थान पर रहे। विजेता सभी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।
सोमवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित सम्मेलन के दूसरे दिन डाॅ. हयात सिंह रावत ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब जम्मू-कश्मीर से दो भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में स्थान मिल सकता है तो उत्तराखंड से क्यों नहीं।
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उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी लोगों को मिलजुल कर एक मंच से आवाज उठानी होगी। केएस रावत, लोकेश नवानी, शांति प्रसाद जिज्ञासु ने भी विचार रखे। गोष्ठी के बाद कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
यहां कुमाऊंनी, गढ़वाली, जौनसारी, रवांल्टी और नेपाली भाषा के कवियों ने अपनी स्वरचित कविताएं सुनाईं। इस मौके पर संपादक डॉ. सरस्वती कोहली, डॉ. अशोक पंत, हर्षिता पुनेठा, दिनेश पंत, किशोर पंत, चिंतामणि जोशी, दिनेश भट्ट, नीरज जोशी, डॉ. आनंदी जोशी, शिव दत्त पांडे, उमा पाटनी, अनीता जोशी आदि थे।
ऐपण प्रतियोगिता में रितिका प्रथम
सम्मेलन के दौरान स्कूली बच्चों को कुमाऊंनी भाषा से जोड़ने के लिए मानस एकेडमी सिटी कैंपस में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। ऐपण प्रतियोगिता में रितिका टम्टा, आस्था पुनेठा व दीक्षा जोशी ने क्रमश: पहला, दूसरा, तीसरा स्थान प्राप्त किया। कविता पाठ जूनियर वर्ग में सिद्धार्थ बोहरा और सीनियर में उर्वशी नगरकोटी प्रथम रहीं। लोककथा वाचन में पूर्वी चंद व तेजस जोशी पहले स्थान पर रहे। विजेता सभी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।