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Rishikesh News: भूमि धोखाधड़ी के आरोपी को मिली अग्रिम जमानत
Thu, 06 Aug 2026 06:05 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Thu, 06 Aug 2026 06:05 PM IST
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- अदालत ने कहा- उपलब्ध रिकॉर्ड में 2019 के विक्रय पत्र में विवादित या पर्यटन श्रेणी की भूमि का प्रमाण नहीं
- अभियोजन ने 5.72 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और धमकी देने का लगाया आरोप
ऋषिकेश। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कंवर अमन्निदर सिंह की अदालत ने भूमि धोखाधड़ी के आरोपी को नियमित अग्रिम जमानत दी है। अदालत ने माना कि फिलहाल उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर आरोपी की ओर से वर्ष 2019 में निष्पादित विक्रय पत्र में ऐसी कोई भूमि नहीं दिखती जिसका भू-उपयोग विवादित हो। बीते एक जुलाई को बापूग्राम निवासी संजीव कुमार ने थाना रानीपोखरी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में संजीव कुमार ने बताया था कि संजीव खोसला सहित कुछ अन्य लोगों ने सरकारी भूमि के फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये हड़प लिए। आरोपी खोसला ने अग्रिम जमानत के लिए न्यायालय में प्रार्थनापत्र दायर किया था। अभियोजन ने जमानत का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि आरोपी ने अन्य लोगों के साथ मिलकर वादी से भूमि बेचने के नाम पर 5 करोड़ 72 लाख रुपये लेकर धोखाधड़ी की। बाद में रजिस्ट्री की मांग करने पर वादी के साथ गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी। वहीं, बचाव पक्ष ने अदालत में कहा कि संजीव खोसला को झूठा फंसाया गया है। उन्होंने न तो किसी प्रकार की धोखाधड़ी की और न ही कोई फर्जी दस्तावेज तैयार किए। आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं है और वह जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कंवर अमन्निदर सिंह की अदालत ने आरोपी संजीव खोसला को नियमित अग्रिम जमानत दे दी है। अदालत ने माना कि फिलहाल उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर आरोपी की ओर से वर्ष 2019 में निष्पादित विक्रय पत्र में ऐसी कोई भूमि नहीं दिखती जिसका भू-उपयोग पर्यटन श्रेणी का हो या जो विवादित हो।
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- अभियोजन ने 5.72 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और धमकी देने का लगाया आरोप
ऋषिकेश। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कंवर अमन्निदर सिंह की अदालत ने भूमि धोखाधड़ी के आरोपी को नियमित अग्रिम जमानत दी है। अदालत ने माना कि फिलहाल उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर आरोपी की ओर से वर्ष 2019 में निष्पादित विक्रय पत्र में ऐसी कोई भूमि नहीं दिखती जिसका भू-उपयोग विवादित हो। बीते एक जुलाई को बापूग्राम निवासी संजीव कुमार ने थाना रानीपोखरी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में संजीव कुमार ने बताया था कि संजीव खोसला सहित कुछ अन्य लोगों ने सरकारी भूमि के फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये हड़प लिए। आरोपी खोसला ने अग्रिम जमानत के लिए न्यायालय में प्रार्थनापत्र दायर किया था। अभियोजन ने जमानत का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि आरोपी ने अन्य लोगों के साथ मिलकर वादी से भूमि बेचने के नाम पर 5 करोड़ 72 लाख रुपये लेकर धोखाधड़ी की। बाद में रजिस्ट्री की मांग करने पर वादी के साथ गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी। वहीं, बचाव पक्ष ने अदालत में कहा कि संजीव खोसला को झूठा फंसाया गया है। उन्होंने न तो किसी प्रकार की धोखाधड़ी की और न ही कोई फर्जी दस्तावेज तैयार किए। आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं है और वह जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कंवर अमन्निदर सिंह की अदालत ने आरोपी संजीव खोसला को नियमित अग्रिम जमानत दे दी है। अदालत ने माना कि फिलहाल उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर आरोपी की ओर से वर्ष 2019 में निष्पादित विक्रय पत्र में ऐसी कोई भूमि नहीं दिखती जिसका भू-उपयोग पर्यटन श्रेणी का हो या जो विवादित हो।