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जन्म के पहले घंटे में मां का दूध शिशु के स्वास्थ्य की मजबूत नींव : प्रो. मीनू

Tue, 11 Aug 2026 07:03 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 11 Aug 2026 07:03 PM IST
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Breast milk in the first hour of birth lays a strong foundation for the infant's health: Prof. Meenu
ऋषिकेश। विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत एम्स के सामुदायिक चिकित्सा विभाग की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि जन्म के पहले घंटे में मां का दूध शिशु के स्वास्थ्य की मजबूत नींव है। शिशु-मृत्यु दर को कम करने के लिए स्तनपान के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में बदलाव की आवश्यकता है।
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एम्स में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने किया। उन्होंने कहा, शिशु और बाल मृत्यु दर को कम करने में स्तनपान की भूमिका सबसे अहम है। मां का पहला गाढ़ा दूध (कोलोस्ट्रम) शिशु के लिए प्राकृतिक टीके के रूप में काम करता है, जो उसे जीवनभर गंभीर बीमारियों से बचाता है। उन्होंने कहा कि समाज में इस विषय को लेकर केवल माताओं को नहीं, बल्कि पूरे परिवार को जागरूक करने की जरूरत है ताकि कामकाजी माताएं भी बिना किसी बाधा के स्तनपान जारी रख सकें। डीन (एकेडमिक्स) प्रो. (डॉ.) सौरभ वार्ष्णेय ने कहा स्तनपान के लाभों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में हमारे मेडिकल विद्यार्थियों और युवा चिकित्सकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में इस विषय पर लगातार शोध और व्यावहारिक प्रशिक्षण की भी आवश्यकता है।
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सामुदायिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. वर्तिका सक्सेना ने बताया कि जन्म के पहले घंटे में स्तनपान और शुरुआती छह महीनों तक केवल मां का दूध ही शिशु के स्वस्थ जीवन की असली नींव है। इसे सफल बनाने के लिए परिवार, स्वास्थ्य तंत्र और कार्यस्थल का सहयोग बेहद अनिवार्य है।
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काम भी, मां भी विषय पर अनूठी पहल
जागरूकता सप्ताह का समापन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रायवाला में हुआ। इस मौके पर इंटर्न चिकित्सकों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर स्तनपान से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों पर प्रहार किया। साथ ही स्तनपान कराने वाली पत्नी के सहयोग में पति की भूमिका पर व्याख्यान भी दिया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र की 18 से अधिक आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया, जिनमें से उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशाओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
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