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श्रीदेव सुमन विवि : उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा, छात्रों को स्टार्टअप का प्रशिक्षण
Thu, 06 Aug 2026 05:52 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Thu, 06 Aug 2026 05:52 PM IST
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-कुलपति ने कहा, उत्तराखंड के संसाधनों को नवाचार से जोड़ें, आत्मनिर्भर बनें
- देवभूमि उद्यमिता योजना 2.0 के तहत पहला ओरिएंटेशन, रोजगार सृजक बनने के लिए किया प्रेरित
श्रीदेव सुमन विवि : उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा, छात्रों को स्टार्टअप का प्रशिक्षण
ऋषिकेश। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय में अब विद्यार्थियों को डिग्री के साथ उद्यमिता और स्टार्टअप के जरिए रोजगार सृजक बनने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। उत्तराखंड सरकार के उच्च शिक्षा विभाग और भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआईआई), अहमदाबाद के सहयोग से संचालित देवभूमि उद्यमिता योजना 2.0 के तहत विश्वविद्यालय के पीएलएमएस परिसर में सत्र 2026-27 का पहला ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति प्रो. अंबरीश कुमार महाजन ने किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन, आयुष, कृषि, जैविक उत्पाद और स्थानीय हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप की व्यापक संभावनाएं हैं। आधुनिक तकनीक और नवाचार के माध्यम से युवा न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत विद्यार्थियों को निःशुल्क प्रशिक्षण, रेजिडेंशियल बूटकैंप, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, बिजनेस आइडिया पिचिंग और सीड फंडिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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देवभूमि उद्यमिता योजना की नोडल अधिकारी एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन एंटरप्रेन्योरशिप एंड इन्क्यूबेशन (पर्यटन) की निदेशक प्रो. अनीता तोमर ने बताया कि विश्वविद्यालय को पर्यटन क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की जिम्मेदारी मिली है, जो इको, एडवेंचर, वेलनेस, स्पिरिचुअल, सांस्कृतिक विरासत, सामुदायिक और कृषि पर्यटन से जुड़े स्टार्टअप को बढ़ावा दे रहा है।
परिसर निदेशक प्रो. महावीर सिंह रावत ने विद्यार्थियों से अपने नवाचारी विचारों को व्यवसाय में बदलने और विकसित उत्तराखंड के निर्माण में भागीदार बनने का आह्वान किया।
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- देवभूमि उद्यमिता योजना 2.0 के तहत पहला ओरिएंटेशन, रोजगार सृजक बनने के लिए किया प्रेरित
श्रीदेव सुमन विवि : उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा, छात्रों को स्टार्टअप का प्रशिक्षण
ऋषिकेश। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय में अब विद्यार्थियों को डिग्री के साथ उद्यमिता और स्टार्टअप के जरिए रोजगार सृजक बनने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। उत्तराखंड सरकार के उच्च शिक्षा विभाग और भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआईआई), अहमदाबाद के सहयोग से संचालित देवभूमि उद्यमिता योजना 2.0 के तहत विश्वविद्यालय के पीएलएमएस परिसर में सत्र 2026-27 का पहला ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति प्रो. अंबरीश कुमार महाजन ने किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन, आयुष, कृषि, जैविक उत्पाद और स्थानीय हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप की व्यापक संभावनाएं हैं। आधुनिक तकनीक और नवाचार के माध्यम से युवा न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि योजना के तहत विद्यार्थियों को निःशुल्क प्रशिक्षण, रेजिडेंशियल बूटकैंप, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, बिजनेस आइडिया पिचिंग और सीड फंडिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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देवभूमि उद्यमिता योजना की नोडल अधिकारी एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन एंटरप्रेन्योरशिप एंड इन्क्यूबेशन (पर्यटन) की निदेशक प्रो. अनीता तोमर ने बताया कि विश्वविद्यालय को पर्यटन क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की जिम्मेदारी मिली है, जो इको, एडवेंचर, वेलनेस, स्पिरिचुअल, सांस्कृतिक विरासत, सामुदायिक और कृषि पर्यटन से जुड़े स्टार्टअप को बढ़ावा दे रहा है।
परिसर निदेशक प्रो. महावीर सिंह रावत ने विद्यार्थियों से अपने नवाचारी विचारों को व्यवसाय में बदलने और विकसित उत्तराखंड के निर्माण में भागीदार बनने का आह्वान किया।