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घोड़ा-खच्चर संचालकों को जारी हो पहचान पत्र, सवारी पहने हेलमेट
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स्वच्छता, बाल शिक्षा व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रही सामाजिक संस्था स्टॉप टीयर्स ने केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित व व्यवस्थित बनाने के लिए सर्वेक्षण किया है। जिलाधिकारी को सौंपी नौ पेज की सर्वेक्षण रिपोर्ट में पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चर संचालकों को पहचान पत्र जारी करने, घोड़ा/खच्चर में सवार यात्री के लिए हेलमेट अनिवार्य करने व यात्रियों के सामान की सुरक्षा के लिए केदारनाथ में लॉकर व्यवस्था करने सहित विभिन्न सुझाव दिए है।
संस्थाध्यक्ष प्रमोद बमराडा के नेतृत्व में सात सदस्यीय टीम ने गौरीकुंड से केदारनाथ तक यात्रा संचालन और यात्री व्यवस्थाओं को लेकर सर्वेक्षण किया है। इस दौरान टीम ने पाया कि पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चरों का संचालन भले ही कम है, लेकिन एक संचालक द्वारा दो-दो घोड़ा-खच्चर हांके जा रहे हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना है। साथ ही 60 फीसदी नाबालिग घोड़ा-खच्चरों का संचालन कर रहे हैं। पैदल मार्ग पर हिमखंड व अन्य संवेदनशील स्थानों पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं हैं, जिससे पहाड़ी से पत्थर गिरने पर जानमाल का नुकसान होने का अंदेशा बना है। जिलाधिकारी वंदना सिंह ने संस्था के सर्वेक्षण में दिए गए बिंदुओं पर आगामी यात्रा से उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। टीम में सौम्य पंत, उत्तम सिंह राणा, कैलाश भट्ट, अभिषेक कुमार, मोहित कुमार, ऋतिक कुमार शामिल थे।
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संस्थाध्यक्ष प्रमोद बमराडा के नेतृत्व में सात सदस्यीय टीम ने गौरीकुंड से केदारनाथ तक यात्रा संचालन और यात्री व्यवस्थाओं को लेकर सर्वेक्षण किया है। इस दौरान टीम ने पाया कि पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चरों का संचालन भले ही कम है, लेकिन एक संचालक द्वारा दो-दो घोड़ा-खच्चर हांके जा रहे हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना है। साथ ही 60 फीसदी नाबालिग घोड़ा-खच्चरों का संचालन कर रहे हैं। पैदल मार्ग पर हिमखंड व अन्य संवेदनशील स्थानों पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं हैं, जिससे पहाड़ी से पत्थर गिरने पर जानमाल का नुकसान होने का अंदेशा बना है। जिलाधिकारी वंदना सिंह ने संस्था के सर्वेक्षण में दिए गए बिंदुओं पर आगामी यात्रा से उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। टीम में सौम्य पंत, उत्तम सिंह राणा, कैलाश भट्ट, अभिषेक कुमार, मोहित कुमार, ऋतिक कुमार शामिल थे।
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