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Tehri News: दस दिनों से देहरादून में धरने पर बैठे कर्मचारी
Wed, 14 Oct 2026 06:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Wed, 14 Oct 2026 06:48 PM IST
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कृषि ऋण, बीज और खाद के लिए भटक रहे काश्तकार
नौगांव (उत्तरकाशी)। सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल के चलते यमुनाघाटी के नौगांव, पुरोला और मोरी विकासखंडों की सभी 17 सहकारी समितियों में ताले लटके हैं। समितियों के बंद रहने से न केवल कृषि ऋण से संबंधित कार्य प्रभावित हो रहे हैं बल्कि इनके माध्यम से संचालित मिनी बैंक भी ठप पड़े हैं। ऐसे में समय पर कृषि ऋण, बीज और खाद नहीं मिलने से क्षेत्र के काश्तकारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
सहकारी समितियों के कैडर सचिव और अन्य कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर पिछले दस दिनों से देहरादून में धरने पर बैठे हैं। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण समितियों में कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। दूरदराज के गांवों से कृषि ऋण और खाद सहित अन्य जरूरी कार्यों के लिए समितियों में पहुंच रहे किसानों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
खेतीबाड़ी के महत्वपूर्ण समय में सहकारी समितियों का कामकाज ठप होने से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। काश्तकारों का कहना है कि समय पर खाद और कृषि ऋण उपलब्ध नहीं होने से खेती से जुड़े जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, समितियों के बंद रहने से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं पर भी असर पड़ रहा है।
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कैडर सचिव संगठन के जिलाध्यक्ष सरदार सिंह नेगी ने बताया कि कर्मचारियों की हड़ताल के चलते जनपद की सभी सहकारी समितियों में कामकाज प्रभावित है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर देहरादून में धरना दे रहे हैं। जब तक सरकार उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती तब तक कर्मचारियों का धरना जारी रहेगा। कर्मचारियों की हड़ताल और समितियों के बंद रहने का सीधा असर अब किसानों पर पड़ रहा है। ऐसे में किसानों को राहत देने और सहकारी समितियों में कामकाज बहाल करने के लिए सरकार की ओर से शीघ्र पहल किए जाने की जरूरत है
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नौगांव (उत्तरकाशी)। सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल के चलते यमुनाघाटी के नौगांव, पुरोला और मोरी विकासखंडों की सभी 17 सहकारी समितियों में ताले लटके हैं। समितियों के बंद रहने से न केवल कृषि ऋण से संबंधित कार्य प्रभावित हो रहे हैं बल्कि इनके माध्यम से संचालित मिनी बैंक भी ठप पड़े हैं। ऐसे में समय पर कृषि ऋण, बीज और खाद नहीं मिलने से क्षेत्र के काश्तकारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
सहकारी समितियों के कैडर सचिव और अन्य कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर पिछले दस दिनों से देहरादून में धरने पर बैठे हैं। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण समितियों में कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। दूरदराज के गांवों से कृषि ऋण और खाद सहित अन्य जरूरी कार्यों के लिए समितियों में पहुंच रहे किसानों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
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खेतीबाड़ी के महत्वपूर्ण समय में सहकारी समितियों का कामकाज ठप होने से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। काश्तकारों का कहना है कि समय पर खाद और कृषि ऋण उपलब्ध नहीं होने से खेती से जुड़े जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, समितियों के बंद रहने से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं पर भी असर पड़ रहा है।
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कैडर सचिव संगठन के जिलाध्यक्ष सरदार सिंह नेगी ने बताया कि कर्मचारियों की हड़ताल के चलते जनपद की सभी सहकारी समितियों में कामकाज प्रभावित है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर देहरादून में धरना दे रहे हैं। जब तक सरकार उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती तब तक कर्मचारियों का धरना जारी रहेगा। कर्मचारियों की हड़ताल और समितियों के बंद रहने का सीधा असर अब किसानों पर पड़ रहा है। ऐसे में किसानों को राहत देने और सहकारी समितियों में कामकाज बहाल करने के लिए सरकार की ओर से शीघ्र पहल किए जाने की जरूरत है