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Uttarkashi News: गैबियन में मिट्टी भरे सीमेंट के कट्टे डालने का आरोप
Sun, 05 Jul 2026 06:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sun, 05 Jul 2026 06:11 PM IST
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कांग्रेस नेताओं ने स्थलीय निरीक्षण कर हर्षिल की सुरक्षा पर उठाए सवाल
उत्तरकाशी। हर्षिल में चल रहे बाढ़ सुरक्षा कार्यों की गुणवत्ता और गति को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है। स्थलीय निरीक्षण के बाद कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि धराली-हर्षिल आपदा के 11 महीने बाद भी सुरक्षा कार्य न केवल बेहद धीमी गति से चल रहे हैं बल्कि मौके पर कार्यों की गुणवत्ता भी संदेह के घेरे में दिखाई दे रही है।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि निरीक्षण के दौरान मौके पर मात्र चार-पांच मजदूर कार्य करते मिले, जो गैबियन संरचनाओं में छोटे पत्थरों के साथ सीमेंट के खाली कट्टों में मिट्टी भरकर उन्हें भी भराव सामग्री के रूप में उपयोग कर रहे थे। कांग्रेस ने इसे हर्षिल की सुरक्षा के साथ गंभीर लापरवाही करार दिया है।
मौके पर पहुंचे कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप रावत ने कहा कि यदि संवेदनशील क्षेत्र की सुरक्षा इस प्रकार की जाएगी तो भविष्य में बड़े खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता। आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद दो मशीनें भी प्रभावी रूप से कार्य करती नजर नहीं आईं और अधिकांश कार्य केवल औपचारिकता तक सीमित दिखाई दिया।
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मानसून अपने चरम पर है और हर्षिल क्षेत्र लगातार प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील बना हुआ है। पिछले दिनों पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में पार्टी ने जिला प्रशासन से क्षेत्र में युद्धस्तर पर सुरक्षा कार्य कराने की मांग की थी, लेकिन अब तक अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए हैं। पार्टी का आरोप है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण आज भी हर्षिल की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी है।
चेतावनी दी कि यदि जल्द गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से सुरक्षा कार्य नहीं कराए गए और भविष्य में किसी प्रकार की जन-धन हानि होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग, जिला प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और राज्य सरकार की होगी। निरीक्षण के दौरान पूर्व प्रमुख कनकपाल सिंह परमार भी मौजूद रहे।
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उत्तरकाशी। हर्षिल में चल रहे बाढ़ सुरक्षा कार्यों की गुणवत्ता और गति को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है। स्थलीय निरीक्षण के बाद कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि धराली-हर्षिल आपदा के 11 महीने बाद भी सुरक्षा कार्य न केवल बेहद धीमी गति से चल रहे हैं बल्कि मौके पर कार्यों की गुणवत्ता भी संदेह के घेरे में दिखाई दे रही है।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि निरीक्षण के दौरान मौके पर मात्र चार-पांच मजदूर कार्य करते मिले, जो गैबियन संरचनाओं में छोटे पत्थरों के साथ सीमेंट के खाली कट्टों में मिट्टी भरकर उन्हें भी भराव सामग्री के रूप में उपयोग कर रहे थे। कांग्रेस ने इसे हर्षिल की सुरक्षा के साथ गंभीर लापरवाही करार दिया है।
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मौके पर पहुंचे कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप रावत ने कहा कि यदि संवेदनशील क्षेत्र की सुरक्षा इस प्रकार की जाएगी तो भविष्य में बड़े खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता। आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद दो मशीनें भी प्रभावी रूप से कार्य करती नजर नहीं आईं और अधिकांश कार्य केवल औपचारिकता तक सीमित दिखाई दिया।
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मानसून अपने चरम पर है और हर्षिल क्षेत्र लगातार प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील बना हुआ है। पिछले दिनों पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में पार्टी ने जिला प्रशासन से क्षेत्र में युद्धस्तर पर सुरक्षा कार्य कराने की मांग की थी, लेकिन अब तक अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए हैं। पार्टी का आरोप है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण आज भी हर्षिल की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी है।
चेतावनी दी कि यदि जल्द गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से सुरक्षा कार्य नहीं कराए गए और भविष्य में किसी प्रकार की जन-धन हानि होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग, जिला प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और राज्य सरकार की होगी। निरीक्षण के दौरान पूर्व प्रमुख कनकपाल सिंह परमार भी मौजूद रहे।