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Uttarkashi News: झील में सड़ रहा कचरा, संक्रामक बीमारियों का बढ़ा खतरा
Sun, 30 Aug 2026 06:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sun, 30 Aug 2026 06:26 PM IST
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जलस्तर के साथ बढ़ रहा है कचरा और गंदगी का ढेर, दुर्गंध से जीना मुश्किल
चिन्यालीसौड़। टिहरी बांध की झील का जलस्तर करीब 822 मीटर तक पहुंच गया है और झील का पानी चिन्यालीसौड़-हिटारा क्षेत्र तक पहुंच चुका है। जलस्तर बढ़ने के साथ झील में कचरे और गंदगी की समस्या भी बढ़ रही है। चिन्यालीसौड़ बाजार और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समीप झील में बड़ी मात्रा में कचरा, लकड़ियां और मृत जानवरों के अवशेष जमा हैं। इनके सड़ने से आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है जिससे स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
झील में जमा गंदगी आबादी और स्वास्थ्य केंद्र के नजदीक है। धूप और गर्मी बढ़ने के साथ जैविक कचरे के सड़ने की प्रक्रिया तेज होने से संक्रामक बीमारियों का खतरे की आशंका बनी है। इससे दुर्गंध के साथ मच्छरों और अन्य कीटों के पनपने का खतरा भी बढ़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते झील की सफाई नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में समस्या और विकराल हो सकती है।
टिहरी झील क्षेत्र की पहचान और पर्यटन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन सफाई के अभाव में झील का किनारा गंदगी और दुर्गंध का केंद्र बनता जा रहा है। लोगों ने सवाल उठाया कि जलस्तर बढ़ने के साथ झील में जमा कचरे और मृत जानवरों के अवशेषों को हटाने की जिम्मेदारी किसकी है।
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व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्णा नौटियाल और पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शूरवीर रांगड़ ने टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड से झील की तत्काल सफाई कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बाजार और सीएचसी के समीप कचरा जमा होना गंभीर चिंता का विषय है। स्थानीय लोगों ने झील में नियमित सफाई, कचरा निस्तारण और मच्छर नियंत्रण की स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग उठाई है।
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चिन्यालीसौड़। टिहरी बांध की झील का जलस्तर करीब 822 मीटर तक पहुंच गया है और झील का पानी चिन्यालीसौड़-हिटारा क्षेत्र तक पहुंच चुका है। जलस्तर बढ़ने के साथ झील में कचरे और गंदगी की समस्या भी बढ़ रही है। चिन्यालीसौड़ बाजार और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समीप झील में बड़ी मात्रा में कचरा, लकड़ियां और मृत जानवरों के अवशेष जमा हैं। इनके सड़ने से आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है जिससे स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
झील में जमा गंदगी आबादी और स्वास्थ्य केंद्र के नजदीक है। धूप और गर्मी बढ़ने के साथ जैविक कचरे के सड़ने की प्रक्रिया तेज होने से संक्रामक बीमारियों का खतरे की आशंका बनी है। इससे दुर्गंध के साथ मच्छरों और अन्य कीटों के पनपने का खतरा भी बढ़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते झील की सफाई नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में समस्या और विकराल हो सकती है।
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टिहरी झील क्षेत्र की पहचान और पर्यटन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन सफाई के अभाव में झील का किनारा गंदगी और दुर्गंध का केंद्र बनता जा रहा है। लोगों ने सवाल उठाया कि जलस्तर बढ़ने के साथ झील में जमा कचरे और मृत जानवरों के अवशेषों को हटाने की जिम्मेदारी किसकी है।
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व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्णा नौटियाल और पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शूरवीर रांगड़ ने टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड से झील की तत्काल सफाई कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बाजार और सीएचसी के समीप कचरा जमा होना गंभीर चिंता का विषय है। स्थानीय लोगों ने झील में नियमित सफाई, कचरा निस्तारण और मच्छर नियंत्रण की स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग उठाई है।