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Uttarkashi News: मंदिर परिसर में स्कूल होने से पढ़ाई हो रही है बाधित
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Mon, 02 Mar 2026 07:46 PM IST
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ग्रामीणों ने उठाई प्राथमिक विद्यालय स्थानांनतरित करने की मांग
उत्तरकाशी। कुथनौर गांव के ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से राजकीय प्राथमिक विद्यालय को स्थानांतरित करने की मांग की है। उनका कहना है कि गांव का विद्यालय और मंदिर एक ही परिसर में होने के कारण वहां पर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसलिए वे वहां से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित भूमि पर विद्यालय का निर्माण चाहते हैं। इसके लिए वे भूमि भी दान करने को तैयार हैं।
कुथनौर गांव के संदीप नौटियाल ने बताया कि उनके गांव का विद्यालय और ग्राम देवता का मंदिर एक ही परिसर में है। वहां पर कई बार कार्यक्रम होने के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होती है। साथ ही विद्यालय भवन की स्थिति भी ठीक नहीं है। इसलिए अधिकांश छात्र-छात्राओं को बाहर परिसर में ही बिठाकर उनकी कक्षाएं संचालित करनी पड़ती है।
इसके लिए उनकी ओर से मुख्य शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर जल्द ही कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि इसके लिए ग्रामीणों की ओर से ढाई नाली भूमि दान करने के लिए भी सहमति जताई गई है। यह स्थान वर्तमान विद्यालय से करीब 500 मीटर की दूरी पर है। नौटियाल ने कहा कि अगर विभाग की ओर से इस पर जल्द ही कार्रवाई की जाती है। तो इससे बच्चों की पढ़ाई व्यवस्था में परेशानी नहीं होगी।
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उत्तरकाशी। कुथनौर गांव के ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से राजकीय प्राथमिक विद्यालय को स्थानांतरित करने की मांग की है। उनका कहना है कि गांव का विद्यालय और मंदिर एक ही परिसर में होने के कारण वहां पर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसलिए वे वहां से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित भूमि पर विद्यालय का निर्माण चाहते हैं। इसके लिए वे भूमि भी दान करने को तैयार हैं।
कुथनौर गांव के संदीप नौटियाल ने बताया कि उनके गांव का विद्यालय और ग्राम देवता का मंदिर एक ही परिसर में है। वहां पर कई बार कार्यक्रम होने के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होती है। साथ ही विद्यालय भवन की स्थिति भी ठीक नहीं है। इसलिए अधिकांश छात्र-छात्राओं को बाहर परिसर में ही बिठाकर उनकी कक्षाएं संचालित करनी पड़ती है।
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इसके लिए उनकी ओर से मुख्य शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर जल्द ही कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि इसके लिए ग्रामीणों की ओर से ढाई नाली भूमि दान करने के लिए भी सहमति जताई गई है। यह स्थान वर्तमान विद्यालय से करीब 500 मीटर की दूरी पर है। नौटियाल ने कहा कि अगर विभाग की ओर से इस पर जल्द ही कार्रवाई की जाती है। तो इससे बच्चों की पढ़ाई व्यवस्था में परेशानी नहीं होगी।

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