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Uttarkashi News: पंचकोसी वारुणी यात्रा पड़ाव पर श्रद्धालुओं के लिए बनने लगे भोग प्रसाद
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sun, 15 Mar 2026 06:32 PM IST
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कल होने वाली 15 किमी की लंबी पदयात्रा की तैयारियां हुई शुरू
उत्तरकाशी। आगामी 17 मार्च को होने वाली पंचकोसी वारुणी यात्रा पड़ाव पर विभिन्न गांवों में तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए ग्रामीणों ने वारुणी यात्रा के मुख्य मार्गों पर सफाई अभियान के साथ ही मंदिर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए सजने लगे हैं। वहीं, गांव में वारुणी यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए चौलाई के लड्डू भोग प्रसाद के तौर पर तैयार किया जा रहे हैं।
पंचकोसी वारुणी यात्रा एक दिन की है। यह वरुणा व भागीरथी के संगम बड़ेथी से शुरू होती है। वहां सबुह गंगा स्नान करने के बाद श्रद्धालु पद यात्रा के लिए निकल पड़ते हैं। करीब 15 किमी लंबी इस पदयात्रा के पथ पर श्रद्धालु बड़ेथी संगम वरुणेश्वर, बसूंगा में अखंडेश्वर, साल्ड में जगरनाथ व अष्टभुजा दुर्गा, ज्ञाणजा में ज्ञानेश्वर, ज्वाला मंदिर एवं व्यास कुंड, वरुणावत शीर्ष पर शिखरेश्वर, विमलेश्वर महादेव, संग्राली में कंडार देवता, पाटा में नरवदेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन के बाद गंगोरी पहुंचते हैं।
असी गंगा और भागीरथी में स्नान के बाद विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक करते हैं। रविवार को पंचकोसी वारुणी यात्रा के मुख्य पड़ाव संग्राली गांव में महिला मंगल दल और नव युवा मंगल दल के सदस्यों ने वारुणी यात्रा मार्ग पर सफाई अभियान चलाया। वरुणी यात्रा में हजारों की संख्या में उत्तरकाशी सहित अन्य जनपदों से लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इससे गांव साफ और स्वच्छ रहेगा तो आने वाले श्रद्धालु भी एक संदेश लेकर जाएंगे। इसके साथ ही महिला मंगल दल व गांव की महिलाओं ने वरुणी यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए चौलाई के लड्डू भोग प्रसाद के लिए तैयारी शुरू कर दी है।
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उत्तरकाशी। आगामी 17 मार्च को होने वाली पंचकोसी वारुणी यात्रा पड़ाव पर विभिन्न गांवों में तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए ग्रामीणों ने वारुणी यात्रा के मुख्य मार्गों पर सफाई अभियान के साथ ही मंदिर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए सजने लगे हैं। वहीं, गांव में वारुणी यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए चौलाई के लड्डू भोग प्रसाद के तौर पर तैयार किया जा रहे हैं।
पंचकोसी वारुणी यात्रा एक दिन की है। यह वरुणा व भागीरथी के संगम बड़ेथी से शुरू होती है। वहां सबुह गंगा स्नान करने के बाद श्रद्धालु पद यात्रा के लिए निकल पड़ते हैं। करीब 15 किमी लंबी इस पदयात्रा के पथ पर श्रद्धालु बड़ेथी संगम वरुणेश्वर, बसूंगा में अखंडेश्वर, साल्ड में जगरनाथ व अष्टभुजा दुर्गा, ज्ञाणजा में ज्ञानेश्वर, ज्वाला मंदिर एवं व्यास कुंड, वरुणावत शीर्ष पर शिखरेश्वर, विमलेश्वर महादेव, संग्राली में कंडार देवता, पाटा में नरवदेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन के बाद गंगोरी पहुंचते हैं।
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असी गंगा और भागीरथी में स्नान के बाद विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक करते हैं। रविवार को पंचकोसी वारुणी यात्रा के मुख्य पड़ाव संग्राली गांव में महिला मंगल दल और नव युवा मंगल दल के सदस्यों ने वारुणी यात्रा मार्ग पर सफाई अभियान चलाया। वरुणी यात्रा में हजारों की संख्या में उत्तरकाशी सहित अन्य जनपदों से लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इससे गांव साफ और स्वच्छ रहेगा तो आने वाले श्रद्धालु भी एक संदेश लेकर जाएंगे। इसके साथ ही महिला मंगल दल व गांव की महिलाओं ने वरुणी यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए चौलाई के लड्डू भोग प्रसाद के लिए तैयारी शुरू कर दी है।