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Uttarkashi News: यमुनोत्री धाम में सुरक्षा कार्य न होने से तीर्थपुरोहित नाराज
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 07 Jan 2026 11:00 PM IST
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शासन-प्रशासन पर धाम की उपेक्षा का आरोप लगाया
बड़कोट। यमुनोत्री धाम में बाढ़ सुरक्षा कार्य न होने पर तीर्थपुरोहितों और स्थानीय लोगों में रोष है। तीर्थपुरोहितों ने चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले धाम में बाढ़ सुरक्षा कार्य पूरा करवाने की मांग रखी है। साथ ही शासन प्रशासन पर धाम की उपेक्षा का भी आरोप लगाया है।
चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले धामों में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का दावा किया जाता है लेकिन यमुनोत्री धाम में आपदा के 17 महीने बीतने पर भी धरातल पर बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू नहीं हो पाए। इससे तीर्थपुरोहितों और स्थानीय लोगों में शासन प्रशासन के खिलाफ गहरी नाराजगी है। तीर्थपुरोहितों ने सरकार और प्रशासन पर धाम की उपेक्षा का आरोप लगाया है।
यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने बताया कि यमुनोत्री धाम में जुलाई 2024 को आई आपदा से काफी नुकसान हुआ था। हालांकि तात्कालिक सुरक्षा के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे, जो कुछ ही दिनों बाद यमुना के कटाव, धंसाव में व्यर्थ हो गए थे। इसके बाद शासन स्तर से बाढ़ सुरक्षा के लिए करीब 18 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री धामी ने बाढ़ सुरक्षा कार्य का शिलान्यास भी किया, लेकिन उसके बाद कार्य शुरू होने के बजाय टेंडर ही कैंसिल हो गया। जिससे धाम में कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। पंच पंडा समिति के अध्यक्ष राघवानंद उनियाल ने सरकार से समय रहते धाम में बाढ़ सुरक्षा कार्य कराने की मांग रखी। ताकि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। समिति के पूर्व अध्यक्ष मनमोहन उनियाल ने भी कार्य शुरू कराने की मांग की।
....
कोट
यमुनोत्री धाम में बाढ़ सुरक्षा कार्य होने हैं। इसकी पत्रावली शासन स्तर पर लंबित है। स्वीकृति मिलने पर फिर टेंडर प्रक्रिया की जाएगी। - पन्नी लाल, ईई सिंचाई विभाग, पुरोला
बड़कोट। यमुनोत्री धाम में बाढ़ सुरक्षा कार्य न होने पर तीर्थपुरोहितों और स्थानीय लोगों में रोष है। तीर्थपुरोहितों ने चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले धाम में बाढ़ सुरक्षा कार्य पूरा करवाने की मांग रखी है। साथ ही शासन प्रशासन पर धाम की उपेक्षा का भी आरोप लगाया है।
चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले धामों में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का दावा किया जाता है लेकिन यमुनोत्री धाम में आपदा के 17 महीने बीतने पर भी धरातल पर बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू नहीं हो पाए। इससे तीर्थपुरोहितों और स्थानीय लोगों में शासन प्रशासन के खिलाफ गहरी नाराजगी है। तीर्थपुरोहितों ने सरकार और प्रशासन पर धाम की उपेक्षा का आरोप लगाया है।
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यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने बताया कि यमुनोत्री धाम में जुलाई 2024 को आई आपदा से काफी नुकसान हुआ था। हालांकि तात्कालिक सुरक्षा के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे, जो कुछ ही दिनों बाद यमुना के कटाव, धंसाव में व्यर्थ हो गए थे। इसके बाद शासन स्तर से बाढ़ सुरक्षा के लिए करीब 18 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री धामी ने बाढ़ सुरक्षा कार्य का शिलान्यास भी किया, लेकिन उसके बाद कार्य शुरू होने के बजाय टेंडर ही कैंसिल हो गया। जिससे धाम में कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। पंच पंडा समिति के अध्यक्ष राघवानंद उनियाल ने सरकार से समय रहते धाम में बाढ़ सुरक्षा कार्य कराने की मांग रखी। ताकि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। समिति के पूर्व अध्यक्ष मनमोहन उनियाल ने भी कार्य शुरू कराने की मांग की।
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कोट
यमुनोत्री धाम में बाढ़ सुरक्षा कार्य होने हैं। इसकी पत्रावली शासन स्तर पर लंबित है। स्वीकृति मिलने पर फिर टेंडर प्रक्रिया की जाएगी। - पन्नी लाल, ईई सिंचाई विभाग, पुरोला