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Uttarkashi News: सड़क बनने के चार साल बाद भी मुआवजे का इंतजार
Wed, 19 Aug 2026 05:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 19 Aug 2026 05:14 PM IST
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पुरोला। पांव–सिरगा मोटर मार्ग की कटिंग से जमीन और फसल गंवाने वाले सिरगा के ग्रामीण चार साल बाद भी मुआवजे के लिए भटक रहे हैं। प्रभावित किसानों ने उपजिलाधिकारी पुरोला मुकेश रमोला को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2022-23 में सड़क निर्माण के दौरान कटिंग और मलबे की चपेट में आने से उनकी उपजाऊ भूमि क्षतिग्रस्त हो गई। कई किसानों के सेब, अखरोट और खुबानी के फलदार पेड़ नष्ट हुए जबकि चौलाई, मंडुवा और राजमा जैसी फसलें भी बरबाद हो गईं। नुकसान का आकलन किए जाने के बावजूद प्रभावितों को अब तक प्रतिकर नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों ने कहा कि चार वर्ष बीतने के बाद भी प्रभावित भूमि का समुचित सत्यापन और मुआवजा वितरण की स्थिति साफ नहीं है।
ज्ञापन में राजस्व अभिलेखों के आधार पर भूमि का सीमांकन व सत्यापन, प्रभावित किसानों की सूची तैयार करने और जांचने की मांग की गई कि किसे मुआवजा मिला और कौन अब भी वंचित है। फलदार पेड़ों और फसलों की क्षति का नियमानुसार आकलन कर राजस्व विभाग और निर्माण एजेंसी से संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कराने की भी मांग उठाई गई। ग्रामीणों ने चेताया कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे अपने हक के लिए आंदोलन को मजबूर होंगे। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर सभी प्रभावित परिवारों को उनका मुआवजा दिलाने की मांग की। संवाद
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ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2022-23 में सड़क निर्माण के दौरान कटिंग और मलबे की चपेट में आने से उनकी उपजाऊ भूमि क्षतिग्रस्त हो गई। कई किसानों के सेब, अखरोट और खुबानी के फलदार पेड़ नष्ट हुए जबकि चौलाई, मंडुवा और राजमा जैसी फसलें भी बरबाद हो गईं। नुकसान का आकलन किए जाने के बावजूद प्रभावितों को अब तक प्रतिकर नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों ने कहा कि चार वर्ष बीतने के बाद भी प्रभावित भूमि का समुचित सत्यापन और मुआवजा वितरण की स्थिति साफ नहीं है।
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ज्ञापन में राजस्व अभिलेखों के आधार पर भूमि का सीमांकन व सत्यापन, प्रभावित किसानों की सूची तैयार करने और जांचने की मांग की गई कि किसे मुआवजा मिला और कौन अब भी वंचित है। फलदार पेड़ों और फसलों की क्षति का नियमानुसार आकलन कर राजस्व विभाग और निर्माण एजेंसी से संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कराने की भी मांग उठाई गई। ग्रामीणों ने चेताया कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे अपने हक के लिए आंदोलन को मजबूर होंगे। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर सभी प्रभावित परिवारों को उनका मुआवजा दिलाने की मांग की। संवाद
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