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Mangal Rashi Parivartan 2026: Mars will enter Saturn's zodiac sign, increasing difficulties for people with th
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Mangal Rashi Parivartan 2026: शनि की राशि में होगी मंगल की एंट्री इन राशि वाले लोगों की बढ़ेंगी मुश्किलें!
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: भास्कर तिवारी Updated Sat, 10 Jan 2026 06:30 AM IST
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब साहस और ऊर्जा के कारक मंगल देव अपने शत्रु शनि की राशि (मकर या कुंभ) में प्रवेश करते हैं, तो यह ब्रह्मांडीय घटना व्यक्तिगत और वैश्विक दोनों स्तरों पर बड़े बदलाव लेकर आती है। शनि और मंगल के स्वभाव एक-दूसरे से बिल्कुल विपरीत हैं; जहाँ मंगल अग्नि तत्व, जल्दबाजी और जोश का प्रतीक हैं, वहीं शनि वायु तत्व, अनुशासन, धैर्य और विलंब के कारक हैं। जब इन दोनों ऊर्जाओं का मिलन होता है, तो इसे ज्योतिष में एक 'विस्फोटक' स्थिति माना जाता है।
मंगल की गति को शनि की राशि में 'ब्रेक' लग जाता है। इससे कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं। व्यक्ति के अंदर एक आंतरिक द्वंद्व पैदा होता है—एक तरफ जल्दी काम करने की चाहत और दूसरी तरफ शनि द्वारा डाली गई बाधाएं। इस दौरान गुस्सा और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है।
हालांकि यह मेल कठिन है, लेकिन अगर मंगल की ऊर्जा को शनि के अनुशासन के साथ जोड़ दिया जाए, तो यह अद्भुत परिणाम दे सकता है। जो लोग तकनीकी क्षेत्र, इंजीनियरिंग, या रियल एस्टेट से जुड़े हैं, उनके लिए यह समय कड़ी मेहनत के बाद बड़ी सफलता लेकर आता है।
शनि की राशि में मंगल का होना दुनिया भर में राजनीतिक अस्थिरता, भूमि विवाद या निर्माण क्षेत्र में बड़े बदलाव का संकेत देता है। शनि 'जनता' है और मंगल 'शक्ति', इसलिए इस दौरान जन-आंदोलनों या बड़े सुधारों की संभावना बढ़ जाती है।
अग्नि और वायु के मेल से रक्तचाप, चोट या सर्जरी की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इस गोचर के दौरान वाहन सावधानी से चलाना चाहिए और अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना अनिवार्य है।
यह गोचर विशेष रूप से मकर, कुंभ, मेष और वृश्चिक राशि वालों के जीवन में बड़ी हलचल पैदा करता है। मकर राशि में मंगल 'उच्च' के होते हैं, जहाँ वे अत्यंत बलशाली हो जाते हैं, जबकि कुंभ में वे शनि के प्रभाव में आकर व्यक्ति को समाज सुधार या तकनीकी कार्यों की ओर प्रेरित करते हैं।
इस अवधि के दौरान "धैर्य" ही आपका सबसे बड़ा हथियार है। हनुमान चालीसा का पाठ करना और शनिवार के दिन गरीबों की सहायता करना इस गोचर के नकारात्मक प्रभावों को कम करने में बहुत कारगर साबित होता है।
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