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A major victory for the protesting students of Jamia; student union elections to be held in 2027.
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जामिया के आंदोलित छात्रों की बड़ी जीत, 2027 में होंगे छात्र संघ के चुनाव
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम
Published by: Bhaskar Tiwari
Updated Fri, 30 Oct 2026 02:15 AM IST
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जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। छात्र संघ की बहाली और चुनाव कराने की मांग को लेकर लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों को प्रशासन के नए आदेश के बाद बड़ी सफलता मिली है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र संघ के संविधान को 15 मई, 2027 तक पूरा करने का निर्देश दिया है। इस घोषणा के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने जश्न मनाया। छात्र लंबे समय से विश्वविद्यालय में निर्वाचित छात्र संघ को बहाल करने की मांग कर रहे थे। इस मांग को लेकर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन के साथ भूख हड़ताल का भी सहारा लिया था। आखिरकार, प्रशासन की ओर से नई समयसीमा और चुनाव से संबंधित आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया गया।
छात्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी तीन प्रमुख मांगों को स्वीकार किया है। पहली मांग छात्र संघ के संविधान से जुड़ी है। इसके तहत जामिया मिल्लिया इस्लामिया छात्र संघ के संविधान को अनुमोदित करने और लागू करने की प्रक्रिया 15 मई, 2027 तक पूरी की जानी है। छात्रों का मानना है कि संविधान तैयार होने और लागू होने से छात्र संघ के चुनाव कराने का रास्ता स्पष्ट होगा। दूसरी प्रमुख मांग छात्र संघ चुनाव की तारीख को लेकर थी। प्रशासन के निर्देश के अनुसार, अगले शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के छह सप्ताह के भीतर चुनाव कराए जाएंगे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, शैक्षणिक सत्र 16 जुलाई, 2027 से शुरू होने की बात कही गई है। ऐसे में छात्र संघ चुनाव भी सत्र शुरू होने के छह सप्ताह के भीतर आयोजित किए जाने की योजना है।
छात्रों की तीसरी प्रमुख मांग विरोध प्रदर्शनों के दौरान उनके खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाइयों को रद्द करने से संबंधित थी। नए आदेश के अनुसार, आंदोलन से जुड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई और परिसर में प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंधों को वापस लेने की बात कही गई है। इस फैसले को आंदोलन में शामिल छात्रों के लिए महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें स्वीकार किए जाने के बाद अब विश्वविद्यालय में छात्र प्रतिनिधित्व की व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद बढ़ गई है।
गौरतलब है कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया का छात्र संघ वर्ष 2006 से निष्क्रिय पड़ा है। ऐसे में छात्र लंबे समय से लोकतांत्रिक तरीके से अपने प्रतिनिधियों को चुनने का अवसर दिए जाने की मांग कर रहे थे। लगातार विरोध प्रदर्शनों और भूख हड़ताल के बाद प्रशासन के इस फैसले को छात्रों के आंदोलन की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। घोषणाओं के बाद छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें 15 मई, 2027 की समयसीमा और आगामी शैक्षणिक सत्र के छह सप्ताह के भीतर होने वाले छात्र संघ चुनावों पर टिकी हैं। हालांकि, चुनाव की सटीक तारीख और संविधान लागू करने की प्रक्रिया से जुड़ी आगे की जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन की आधिकारिक घोषणाओं से स्पष्ट होगी।
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