बॉलीवुड के अभिनेता नसीरुद्दीन शाह अपने बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में होते हैं। हर विषय पर बेबाक राय रखने पर वो हमेशा चर्चा में रहते हैं। भारत में मुस्लिमों को लेकर लगातार नसरुद्दीन शाह के बोल मुखर होते हैं लेकिन इस बार नसरुद्दीन शाह धर्म संसद पर अपने अपना पक्ष रखकर चर्चा में हैं।
नसरुद्दीन शाह ने धर्म संसद पर कहा कि जो कुछ भी हो रहा है उसे देखकर अब मुझे बहुत ज्यादा हैरानी नहीं होती। शाह आगे कहते हैं उन लोगों को यह भी नहीं पता कि वह किसके बारे में बात कर रहे हैं और किस का आह्वान कर रहे हैं यह एक तरह के गृह युद्ध जैसा है।
मुस्लमानों को लेकर आगे शाह ने कहा कि हम 20 करोड़ लोग लड़ेंगे। यह जगह हम 20 करोड़ लोगों के लिए एक मातृभूमि है हमारा जन्म यहीं हुआ है।अपनी बातों को जारी रखते हुए कहते हैं कि नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि मुसलमानों को दोयम दर्जे का नागरिक बनाया जा रहा है। ऐसा करके मुसलमानों के बीच डर पैदा की कोशिश की जा रही है।
नसीरुद्दीन शाह का मानना है कि जो लोग मुसलमानों के नरसंहार का आह्वान कर रहे हैं वो देश में गृहयुद्ध का आह्वान कर रहे हैं। शाह ने नाराज होकर कहा कि मुझे पाकिस्तान भेजने वालों तुम कैलाश जाओ, चर्च-मस्जिद तोड़े जा रहे, मंदिर तोड़ा जाए तो कैसा लगेगा?
अभिनेता नसरुद्दीन शाह धर्म संसद के खिलाफ कार्रवाई ना होने से भी नाराज हैं।