राज्यसभा में आम आदमी पार्टी ने अपने उपनेता सदन के पद पर बड़ा बदलाव करते हुए राघव चड्ढा की जगह अशोक मित्तल को नई जिम्मेदारी सौंपी है। इस मौके पर बातचीत में अशोक मित्तल ने पार्टी नेतृत्व और खासतौर पर अरविंद केजरीवाल का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, उसे वे पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ निभाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे अपने नेता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए पूरी लगन से काम करेंगे।
राघव चड्ढा की जगह लेने को लेकर जब उनसे सवाल किया गया कि क्या वे भी उतनी ही मुखर शैली अपनाएंगे, तो मित्तल ने साफ कहा कि हर व्यक्ति की अपनी अलग पहचान और कार्यशैली होती है। उन्होंने कहा कि वे अपनी समझ, अनुभव और व्यक्तित्व के अनुसार ही इस भूमिका को निभाएंगे और पार्टी द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ाएंगे।अपनी प्राथमिकताओं को लेकर अशोक मित्तल ने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य फोकस सरकार और विपक्ष के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना होगा। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष को विपक्ष की बात खुले मन से सुननी चाहिए और जो सुझाव देशहित में हों, उन्हें नीतियों में शामिल किया जाना चाहिए। यह बदलाव आम आदमी पार्टी की रणनीति में एक अहम संकेत माना जा रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि नई भूमिका में अशोक मित्तल किस तरह से सदन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं और किस अंदाज में विपक्ष की आवाज को आगे बढ़ाते हैं।
जब उनसे यह पूछा गया कि वे राघव चड्ढा की तरह मुखर भूमिका में नजर आएंगे या नहीं, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि हर नेता की अपनी अलग कार्यशैली और व्यक्तित्व होता है। मित्तल ने कहा कि वे अपनी बुद्धिमत्ता और अनुभव के अनुसार काम करेंगे, न कि किसी की शैली को दोहराने की कोशिश करेंगे। उनका मानना है कि राजनीति में विविधता ही ताकत होती है और हर नेता अपने तरीके से योगदान देता है।