बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच जनता दल यूनाइटेड ने बड़ा बयान देकर सियासी हलचल और तेज कर दी है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने साफ कहा है कि जब तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया है, तब तक नए मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा करना पूरी तरह बेकार है।
उन्होंने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नीतीश कुमार अभी भी मुख्यमंत्री हैं और उन्हें ही जनादेश मिला है। ऐसे में नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर चल रही अटकलों का कोई मतलब नहीं है।
दरअसल हाल ही में नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया है। इसके बाद से बिहार की राजनीति में यह चर्चा तेज हो गई थी कि वह जल्द मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं और राज्य की कमान किसी नए चेहरे को सौंपी जा सकती है।
इन अटकलों के बीच भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के नाम भी सामने आने लगे थे और यह भी कहा जा रहा था कि अब राज्य में भारतीय जनता पार्टी “बड़े भाई” की भूमिका निभा सकती है। लेकिन जनता दल यूनाइटेड के इस बयान ने इन चर्चाओं पर फिलहाल विराम लगाने की कोशिश की है।
इस बीच जनता दल यूनाइटेड ने रविवार 8 मार्च को एक अहम संवाददाता बैठक बुलायी है। इस बैठक में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा पत्रकारों से बातचीत करेंगे।
राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि इस बैठक में कई अहम संकेत मिल सकते हैं, खासकर उस मुद्दे पर जिसकी चर्चा इन दिनों सबसे ज्यादा हो रही है नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री।
पार्टी के मुताबिक रविवार को निशांत कुमार औपचारिक रूप से जनता दल यूनाइटेड की सदस्यता लेंगे। यह कदम बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।
उमेश कुशवाहा ने कहा कि जनता दल यूनाइटेड के कई वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और कार्यकर्ताओं की मांग थी कि निशांत कुमार पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाएं। लंबे समय से चल रही इस मांग के बाद मुख्यमंत्री ने सहमति दी है।
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के सभी लोग उनके नेतृत्व में काम करने के लिए तैयार हैं। पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि क्या भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री बनने की संभावना है, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब दिया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेता अभी भी नीतीश कुमार ही हैं।
कुशवाहा ने कहा कि बिहार की जनता ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही जनादेश दिया है। इसलिए मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई भी फैसला वही करेंगे। नई सरकार के गठन को लेकर पूछे गए सवाल पर भी जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अभी इस पर चर्चा का कोई मतलब नहीं है।
उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार ने इस्तीफा दिया ही नहीं है। जब समय आएगा और कोई राजनीतिक फैसला होगा, तब उसी समय इस पर चर्चा होगी।” कुशवाहा ने यह भी संकेत दिया कि राज्यसभा के लिए नामांकन का फैसला भी नीतीश कुमार ने पूरी रणनीति और सोच-विचार के बाद लिया है।
इन बयानों के बाद बिहार की राजनीति में नया सस्पेंस पैदा हो गया है। एक ओर मुख्यमंत्री पद को लेकर अटकलें तेज हैं, वहीं दूसरी ओर जनता दल यूनाइटेड का नेतृत्व यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि फिलहाल नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं होने जा रहा।
अब सबकी नजर रविवार को होने वाली जनता दल यूनाइटेड की संवाददाता बैठक पर है, जहां से बिहार की राजनीति की दिशा को लेकर कुछ और स्पष्ट संकेत मिल सकते हैं।