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Draupadi Murmu on Mamata Banerjee: President gets angry at Mamata, Mamata also openly retaliates!
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Droupadi Murmu on Mamata Banerjee: ममता पर राष्ट्रपति हुईं नाराज, ममता ने भी किया खुलकर पलटवार!
अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Sun, 08 Mar 2026 06:45 AM IST
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देश की राजनीति में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब राष्ट्रपति Droupadi Murmu की नाराजगी को लेकर खबरें सामने आईं और इसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने भी इस मुद्दे पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। बताया जा रहा है कि एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान प्रोटोकॉल और व्यवस्थाओं को लेकर कुछ ऐसी परिस्थितियां बनीं, जिनसे राष्ट्रपति असंतुष्ट नजर आईं। राष्ट्रपति का पद देश का सर्वोच्च संवैधानिक पद होता है और उनके कार्यक्रमों में सुरक्षा, सम्मान और प्रोटोकॉल का विशेष ध्यान रखा जाता है। इसी कारण जब यह मामला सामने आया कि कार्यक्रम के दौरान अपेक्षित व्यवस्था या प्रोटोकॉल का पालन पूरी तरह नहीं हुआ, तो इस पर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई। कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि कार्यक्रम से जुड़े कुछ पहलुओं को लेकर राष्ट्रपति कार्यालय ने अपनी नाराजगी जताई थी, जिसके बाद यह मुद्दा मीडिया और राजनीति दोनों में चर्चा का विषय बन गया।
इस घटनाक्रम के बाद विपक्षी दलों ने पश्चिम बंगाल सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि राष्ट्रपति के कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रपति के पद और संविधान का पूरा सम्मान करती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कुछ लोग इस पूरे मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि राज्य सरकार ने कार्यक्रम की तैयारियों में पूरी जिम्मेदारी निभाई थी। ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति देश की सर्वोच्च संवैधानिक प्रमुख हैं और उनके प्रति सम्मान को लेकर कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि किसी स्तर पर कोई छोटी-मोटी प्रशासनिक कमी रह गई हो तो उसे जानबूझकर की गई अनदेखी नहीं कहा जा सकता।
ममता बनर्जी ने अपने बयान में यह भी कहा कि कई बार बड़े सरकारी कार्यक्रमों में व्यवस्थाओं से जुड़े कुछ तकनीकी या प्रशासनिक मुद्दे सामने आ सकते हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं होता कि किसी ने जानबूझकर प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं ताकि राजनीतिक फायदा उठाया जा सके। दूसरी ओर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राष्ट्रपति से जुड़े कार्यक्रमों में अत्यधिक सावधानी और अनुशासन की आवश्यकता होती है, क्योंकि यह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि देश की संवैधानिक परंपराओं और गरिमा से जुड़ा मामला होता है। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है, लेकिन सभी पक्ष इस बात पर सहमत हैं कि राष्ट्रपति के पद की गरिमा और प्रोटोकॉल का पालन हर स्थिति में सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
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