बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
विज्ञापन
Hindi News ›   Video ›   India News ›   Heat Wave in Europe: Roads Are Melting—So Why the Ban on ACs? | Europe Heat Wave Deaths | Europe AC Laws

Heat Wave in Europe: सड़कें पिघल रहीं फिर भी AC पर बैन क्यों? | Europe Heat Wave Death| Europe AC Law

अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Published by: Adarsh Jha Updated Wed, 01 Jul 2026 10:13 PM IST
Heat Wave in Europe: Roads Are Melting—So Why the Ban on ACs? | Europe Heat Wave Deaths | Europe AC Laws
यूरोप इन दिनों रिकॉर्डतोड़ गर्मी की चपेट में है। कई देशों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। सड़कें पिघल रही हैं, रेलवे सेवाएं प्रभावित हैं और अस्पतालों पर दबाव बढ़ गया है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर दुनिया के सबसे विकसित क्षेत्रों में से एक यूरोप के लाखों घरों, स्कूलों और यहां तक कि अस्पतालों में भी एयर कंडीशनर यानी एसी क्यों नहीं हैं? इसके पीछे सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि इतिहास, पर्यावरण, कानून और शहरी योजना से जुड़ी कई वजहें हैं।

यूरोप इस समय भीषण गर्मी की मार झेल रहा है। फ्रांस, स्पेन, इटली और ब्रिटेन समेत कई देशों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। रिकॉर्डतोड़ गर्मी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई शहरों में सड़कें पिघलने लगी हैं, ट्राम की पटरियां टेढ़ी हो गई हैं, रेल सेवाएं बाधित हैं, बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव है और अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है।

इन हालात के बीच सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला सवाल यही है कि आखिर यूरोप के इतने बड़े हिस्से में अब भी एयर कंडीशनर क्यों नहीं हैं? खासकर तब, जब एशिया और अमेरिका जैसे क्षेत्रों में एसी सामान्य सुविधा बन चुका है।

दरअसल, यूरोप में लंबे समय तक एसी को जरूरत नहीं, बल्कि अतिरिक्त सुविधा माना गया। इसकी सबसे बड़ी वजह वहां का पारंपरिक मौसम था, जहां पहले 40 डिग्री तापमान बेहद दुर्लभ माना जाता था। अधिकांश इमारतें और शहर उस दौर में बनाए गए, जब इतनी भीषण गर्मी की कल्पना भी नहीं की जाती थी।

लेकिन केवल मौसम ही वजह नहीं है। यूरोप के कई देशों में ऐतिहासिक इमारतों की सुंदरता बचाने के लिए भवनों के बाहरी हिस्से पर एसी यूनिट लगाने पर कड़े नियम हैं। खासकर फ्रांस की राजधानी पेरिस में पुरानी चूना-पत्थर की इमारतों पर बाहर दिखाई देने वाले एसी लगाने की अनुमति आसानी से नहीं मिलती।

पेरिस की डिप्टी मेयर ऑद्रे पुलवार का कहना है कि शहर को ऐसी शक्ल नहीं देना चाहते, जहां हर इमारत के बाहर एसी की मशीनें लटकी दिखाई दें। उनके मुताबिक, इससे न केवल ऐतिहासिक विरासत प्रभावित होती है, बल्कि शोर और गर्म हवा का उत्सर्जन भी बढ़ता है।

यूरोप में एसी लगाने की राह में एक और बड़ी बाधा है वो है शोर। कई देशों में अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों को एसी लगाने से पहले पड़ोसियों और हाउसिंग सोसायटी की मंजूरी लेनी पड़ती है। फ्रांस में यदि एसी निर्धारित सीमा से अधिक आवाज करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

यही वजह है कि पेरिस के निवासी लूका फुनारो, जो एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी से पीड़ित हैं, पिछले दो वर्षों से अपने घर में एसी लगाने की अनुमति का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन पड़ोसियों की आपत्ति के कारण उन्हें अब तक मंजूरी नहीं मिल सकी।

यूरोप की जलवायु नीति भी एसी को लेकर सतर्क रही है। सरकारों का मानना रहा कि एसी अधिक बिजली की खपत करते हैं और कार्बन उत्सर्जन बढ़ाकर जलवायु परिवर्तन की समस्या को और गंभीर बना सकते हैं। इसलिए दशकों तक बेहतर इन्सुलेशन, प्राकृतिक वेंटिलेशन, खिड़कियों पर शटर, पेड़-पौधे लगाने और हरित शहरों के विकास पर ज्यादा जोर दिया गया।

हालांकि अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण हीटवेव पहले से ज्यादा लंबी, अधिक तीव्र और बार-बार आने लगी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल प्राकृतिक वेंटिलेशन या हरियाली अब पर्याप्त नहीं रह गई है।

जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल यानी आईपीसीसी का भी कहना है कि अत्यधिक गर्मी के दौरान लोगों की जान बचाने के लिए एयर कंडीशनिंग सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की जलवायु वैज्ञानिक राधिका खोसला का मानना है कि भविष्य में बेहतर भवन डिजाइन और जरूरत के अनुसार एसी दोनों का संतुलित इस्तेमाल जरूरी होगा।

फ्रांस की जलवायु मंत्री मोनिक बारबू भी मानती हैं कि हर जगह एसी लगाना व्यावहारिक समाधान नहीं है। उनका कहना है कि केवल एसी लगाने से जंगलों में लगने वाली आग नहीं रुकेगी और न ही सूखे जैसी समस्याएं खत्म होंगी। इसलिए जलवायु परिवर्तन से निपटने के व्यापक उपायों की भी जरूरत है।

आंकड़े भी यूरोप की स्थिति को साफ बताते हैं। फ्रांस के केवल करीब 25 प्रतिशत घरों में एसी है, ब्रिटेन में यह आंकड़ा महज पांच प्रतिशत है, जबकि इटली में लगभग 56 प्रतिशत घरों में एयर कंडीशनर मौजूद हैं।

हाल की भीषण गर्मी के कारण हजारों स्कूलों को बंद करना पड़ा, कई उद्योगों ने कामकाज सीमित कर दिया और रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा। अर्थशास्त्रियों ने इन परिस्थितियों की तुलना कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान पैदा हुई चुनौतियों से की है।

अब एसी केवल सुविधा नहीं, बल्कि राजनीतिक मुद्दा भी बन चुका है। फ्रांस की दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन पूरे देश में बड़े पैमाने पर एसी लगाने की मांग कर रही हैं। वहीं लंदन के मेयर सादिक खान ने भी स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी दफ्तरों में आधुनिक कूलिंग सिस्टम विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया है।

कुल मिलाकर, यूरोप आज एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। जहां कभी एसी को पर्यावरण और विरासत के लिए खतरा माना जाता था, वहीं अब लगातार बढ़ती हीटवेव ने इसे जनस्वास्थ्य और सुरक्षा का अहम हिस्सा बना दिया है। आने वाले वर्षों में यूरोप को अपनी जलवायु नीति, शहरी योजना और बुनियादी ढांचे के बीच ऐसा संतुलन बनाना होगा, जो लोगों को भीषण गर्मी से भी बचाए और पर्यावरणीय लक्ष्यों को भी सुरक्षित रख सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Recommended

Donald Trump-PM Modi Friendship : सर्जियो गोर ने बताई ट्रंप-मोदी के बीच स्पेशल बॉन्ड की कहानी

01 Jul 2026

Akhilesh Yadav's Birthday : 'आप ठहरे बड़े घर के बेटे...' जन्मदिन पर ओपी राजभर ने अखिलेश को क्या तोहफा दिया?

01 Jul 2026

VB-G RAM G योजना हुई लागू, मनरेगा से क्या है अलग, कितनी बढ़ी मजदूरी, कितने दिन मिलेगा काम?

01 Jul 2026

गोवध पर पूर्ण प्रतिबंध के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची तमिलनाडु की विजय सरकार

01 Jul 2026

Doda Cloudburst: जम्मू-कश्मीर के डोडा में फटा बादल | Jammu-Kashmir | Cloudburst Video | Weather News

01 Jul 2026
विज्ञापन

Asaduddin Owaisi ने Bharat Tiwari Encounter पर Bihar Sarkar को जमकर सुनाया, कहा-मैंने आवाज उठाई...

01 Jul 2026

Shamli Ayush Malik News: Islam अपनाने वाले आयुष के घर से मिली कई चीजें | Chandni Qureshi | UP News

01 Jul 2026
विज्ञापन

US Supreme Court on Trump: कोर्ट के फैसले से भड़के ट्रंप ने नागरिकता पर लिया बड़ा एक्शन

01 Jul 2026

Fuel Price Update: पेट्रोल-डीजल के दाम घटे, आम जनता को मिली राहत

01 Jul 2026

यूपी में 1 जुलाई का मौसम अलर्ट: कहां होगी भारी बारिश, जानिए पूरी अपडेट

01 Jul 2026

1 जुलाई से बदले नियम: गैस सिलिंडर के दाम घटे, डीजल पर भी हुआ बड़ा फैसला

01 Jul 2026

Weather Forecast 01 July 2026: देखिए क्या है आपके यहां मौसम का हाल | Weather Report Today

01 Jul 2026

Ram Mandir Donation Scam: दिनभर नजरबंद के बाद होने के बाद अजय राय ने अयोध्या में किए रामलला के दर्शन

01 Jul 2026

Ram Mandir Donation Scam: चढ़ावा गबन मामले में SIT की जांच हुई अब तेज, चंपत राय का बयान दर्ज

01 Jul 2026

Sonam Raghuvanshi Bail: सोनम रघुवंशी को मिली जमानत, सुप्रीम कोर्ट जाएगा राजा का परिवार!

01 Jul 2026

Rajasthan News: जानिए जगन गुर्जर की पूरी कहानी, कैसे हुई गुर्जर की मौत?

30 Jun 2026

Vaibhav Sooryavanshi नहीं बन पाएंगे Test Player? Mohammad Kaif ने बताए Fielding के किस्से

30 Jun 2026

Ram Temple Donation Theft: मायावती पर जमकर भड़कीं सुप्रिया श्रीनेत, कह दी बड़ी बात

30 Jun 2026

MLA Kamal Akhtar resigns as SP Chief Whip: कमाल अख्तर ने क्यों दिया पद से इस्तीफा? Akhilesh Yadav

30 Jun 2026

Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले की साजिश, पाकिस्तान आतंकियों का मददगार हाजी लतीफ गिरफ्तार

30 Jun 2026

Rajasthan News: यमुना जल समझौते पर जयपुर में सीएम भजनलाल का भव्य रोड शो

30 Jun 2026

डकैत जगन गुर्जर मामला: परिजनों ने की CBI जांच की मांग, जेल में हुई थी जगन की हत्या

30 Jun 2026

Maharashtra Political Crisis: सचिन अहीर के पार्टी छोड़ने पर क्या बोले Aditya Thackeray?Shivsena (UBT)

30 Jun 2026

Ram Temple Donation Theft Case: राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर ओवैसी ने किया 'मुस्लिम' का जिक्र तो भड़के महंत

30 Jun 2026

Ketan Agarwal Case: चेतन का 'गेट एनालिसिस' खोलेगा मौत का सच! Ketan Siya Case | Lohgad Fort

30 Jun 2026

UP Politics: 'बीजेपी को हराने के लिए किसी से भी गठबंधन करूंगा', यूपी में असदुद्दीन ओवैसी का बड़ा एलान

30 Jun 2026

Maharashtra Political Crisis: आदित्य ठाकरे के करीबी ने थामा शिंदे का दामन

30 Jun 2026

'हर साल 1100 से ज्यादा बार बातचीत',जाते-जाते आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी का खुलासा

30 Jun 2026

अब मोबाइल नंबर शेयर किए बिना भी WhatsApp पर होगी चैट?

30 Jun 2026

Ram Mandir Chanda Chori पर Asaduddin Owaisi का विस्फोटक बयान | CM Yogi | Akhilesh Yadav |Champat Rai

30 Jun 2026
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed