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Ram Mandir Donation Scam: SIT probe into offering embezzlement case intensifies; Champat Rai's statement recor
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Ram Mandir Donation Scam: चढ़ावा गबन मामले में SIT की जांच हुई अब तेज, चंपत राय का बयान दर्ज
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Wed, 01 Jul 2026 03:30 AM IST
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उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में पुलिस ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का बयान दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार, यह बयान विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही जांच के तहत लिया गया है। मामले में जांच एजेंसियां चढ़ावे और मंदिर से जुड़े वित्तीय लेन-देन के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। इस घटनाक्रम ने उस समय और अधिक राजनीतिक एवं सामाजिक चर्चा को जन्म दिया, जब कुछ दिन पहले चंपत राय ने इस विवाद की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपना पद छोड़ने की पेशकश की थी। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से इस संबंध में अंतिम निर्णय को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। दूसरी ओर, मामले की जांच को लेकर संत समाज की भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
महंत सीताराम दास जी महाराज, पीठाधीश्वर साकेत भवन ने कहा कि SIT पूरी गंभीरता से जांच कर रही है और जांच के दौरान एक-एक परत खुल रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले 15 दिनों के भीतर पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी और यह स्पष्ट हो जाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है। उन्होंने कहा, "दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।" महंत ने यह भी कहा कि सनातन समाज ने भगवान राम मंदिर के निर्माण के लिए लगभग 500 वर्षों तक संघर्ष किया है, इसलिए 15 दिनों की जांच से किसी को अधीर होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को अपना काम निष्पक्ष रूप से करने दिया जाना चाहिए और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होने का इंतजार करना चाहिए। महंत सीताराम दास ने यह भी कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस मामले को लेकर यह टिप्पणी की है कि कोई "बादल नहीं फट रहा है", इसलिए अनावश्यक हड़बड़ी या भ्रम फैलाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को लेकर वे लोग अधिक बेचैन दिखाई दे रहे हैं जिनका न तो भगवान राम से कोई विशेष सरोकार है और न ही अयोध्या से। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस तथा SIT संबंधित दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और विभिन्न पक्षों के बयानों के आधार पर तथ्यों की पुष्टि करने में जुटी हुई है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि कथित गबन के आरोपों में कितना दम है और आगे इस मामले में क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है।
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