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LNG Tanker 'Disha' Crosses Hormuz: Ship carrying thousands of tonnes of LNG is en route to India. Oil-Gas Cris
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LNG Tanker Disha Crosses Hormuz: हजारों टन LNG लेकर भारत आ रहा जहाज 'दिशा'। Oil-Gas Crisis
अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Published by: Adarsh Jha Updated Mon, 15 Jun 2026 08:47 PM IST
देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की सप्लाई को लेकर फैली आशंकाओं के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा बयान दिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि देश में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और स्थिर है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत से ज्यादा पेट्रोल, डीजल या एलपीजी खरीदने से बचें। सरकार का कहना है कि देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है, सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और ईंधन की उपलब्धता को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है।
पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा पूरी तरह मजबूत है। उन्होंने बताया कि सभी रिफाइनरियां सामान्य तरीके से संचालन कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई में किसी तरह की कोई रुकावट नहीं है।
सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और तेल कंपनियों के साथ समन्वय करके यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि देश के किसी भी हिस्से में ईंधन की कमी न होने पाए।
हालांकि, पिछले कुछ दिनों में कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन की बिक्री सामान्य से ज्यादा दर्ज की गई है। इससे लोगों के बीच आशंका पैदा हुई कि कहीं सप्लाई प्रभावित तो नहीं होने वाली। लेकिन सरकार ने इस बढ़ी हुई बिक्री की वजह भी साफ कर दी है।
सुजाता शर्मा के मुताबिक, कई औद्योगिक, संस्थागत, वाणिज्यिक और प्रत्यक्ष उपभोक्ता अपनी जरूरतों के लिए अब सीधे सप्लाई चैनल की बजाय खुदरा पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीद रहे हैं। इसी कारण कुछ रिटेल आउटलेट्स पर बिक्री के आंकड़े बढ़े हुए दिखाई दे रहे हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह बढ़ी हुई मांग किसी संकट या आपूर्ति में कमी का संकेत नहीं है, बल्कि खरीदारी के पैटर्न में आए बदलाव का नतीजा है।
इसी बीच ऊर्जा आपूर्ति को लेकर एक और राहत देने वाली खबर सामने आई है। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया है कि एलएनजी वाहक पोत 'दिशा' 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी कार्गो लेकर सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है।
मंत्रालय के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने बताया कि यह पोत 18 जून को गुजरात के दहेज बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद है। इससे देश की गैस आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
सरकार ने यह भी कहा है कि विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों, शिपिंग कंपनियों और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा जा रहा है, ताकि वैश्विक परिस्थितियों का असर भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर न पड़े।
इसके साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों के आधार पर घबराकर ईंधन की अतिरिक्त खरीदारी न करें, क्योंकि इससे अनावश्यक दबाव पैदा हो सकता है।
यानी सरकार का साफ संदेश है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और एलएनजी की नई खेप भी भारत पहुंचने वाली है। ऐसे में लोगों को अफवाहों से दूर रहकर सामान्य तरीके से ईंधन खरीदने की सलाह दी गई है। फिलहाल देश की ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित और स्थिर बताई जा रही है।
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