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Lucknow Coaching Centre Fire: Suraj and Sanyam were friends; the story of these two friends is heart-wrenching
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Lucknow Coaching Centre Fire : सूरज और संयम दोस्त थे, कलेजा चीर देगी दो दोस्तों की ये कहानी!
Video Desk Amar Ujala Published by: Anjali Updated Wed, 24 Jun 2026 05:25 PM IST
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लखनऊ के कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने कानपुर के दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। गोविंदनगर के संयम और बर्रा के सूरज सिर्फ दोस्त नहीं थे, बल्कि एक-दूसरे की जिंदगी का अहम हिस्सा थे। बचपन से लेकर युवावस्था तक दोनों का सफर लगभग एक जैसा रहा। रतनलाल नगर के दून स्कूल में साथ पढ़ाई की, साथ खेलकूद की, साथ भविष्य के सपने बुने और फिर करियर की राह पर भी कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़े। एनिमेशन स्टूडियो में नौकरी भी दोनों ने साथ ही शुरू की थी।
लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि जिंदगी की ये दोस्ती मौत तक भी साथ निभाएगी। लखनऊ अग्निकांड ने दोनों दोस्तों को हमेशा के लिए अपने आगोश में ले लिया। परिजनों के अनुसार, दम घुटने से उनकी मौत हुई। शायद आखिरी वक्त में दोनों ने खुद को बचाने की भरसक कोशिश की होगी, किसी कमरे या बाथरूम में शरण ली होगी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। मंगलवार तड़के जब दोनों के शव कानपुर पहुंचे तो पूरा माहौल गमगीन हो गया। जिन घरों में कभी दोनों दोस्तों की हंसी गूंजती थी, वहां सिर्फ मातम और सिसकियां थीं। एक ही दिन, एक ही दर्द और लगभग एक ही समय पर दोनों का अंतिम संस्कार हुआ...
मंगलवार की सुबह संयम का शव घर के दरवाजे पर रखा था। मां सोनिया अचानक चीख पड़ती हैं... ऐसे कैसे बिना कुछ बताए चला गया बेटा। कुछ तो बोल बेटा... तेरी मां तेरी एक आवाज सुनने को तड़प रही है... उनके ये भावुक शब्द आसपास बैठीं महिलाओं का कलेजा चीर रहे थे। कभी संयम की भाभी पलक अपनी सास का हाथ पकड़कर फफक पड़ती तो कभी सूरज का बड़ा भाई शुभम अपनी मां को सीने से लिपटाकर उन्हें ढांढस बंधा रहा था...
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